BHOPAL : देर रात भोपाल पहुंचे बीजेपी विधायक, शिवराज बोले- बहुमत खो चुकी है सरकार, फ्लोर टेस्ट पर सस्पेंस बरकार


भोपाल. मध्य प्रदेश विधानसभा में आज फ्लोर टेस्ट होना है। राज्यपाल लालजी टंडन ने सीएम कमलनाथ को बहुमत साबित करने को कहा है। सोमवार से विधानसभा सत्र की शुरुआत हो रही है। रविवार रात करीब 3 बजे भाजपा विधायक हरियाणा से भोपाल पहुंचे। भाजपा विधायकों को रिसीव करने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव पहुंचे। इस दौरान नेताओं ने कहा कि मध्यप्रदेश में कमलनाथ की सरकार गिरना तय है। बता दें कि भाजपा ने अपने विधायकों को 10 मार्च की रात ही भोपाल में पार्टी मुख्यालय से बसों में बैठाकर दिल्ली भेज दिया गया था। इसके बाद उन्हें गुड़गांव के एक होटल में ठहराया गया था।

फ्लोर टेस्ट पर सस्पेंस
मध्यप्रदेश विधानसभा में फ्लोर टेस्ट होगा या नहीं इसको लेकर भी सस्पेंस बना हुआ है। विधानसभा की दैनिक कार्यसूची में फ्लोर टेस्ट का जिक्र नहीं किया गया है। जिसके बाद फ्लोर टेस्ट को लेकर सस्पेंस बढ़ गया है। देर रात राज्यपाल लालजी टंडन ने सीएम कमलनाथ को फोन करके मिलने बुलाया। राज्यपाल से मुलाकात के बाद सीएम कमलनाथ ने कहा- गवर्नर लालजी टंडन ने फोन पर मुझे मिलने के लिए बुलाया था। वे विधानसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने के लिए मुझसे चर्चा करना चाहते थे। मैंने उनसे कहा कि मैं स्पीकर से बात करूंगा। फ्लोर टेस्ट पर फैसला स्पीकर करेंगे। यह मेरा काम नहीं है। मैंने राज्यपाल को बता दिया है कि मैं फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हूं, पर इससे पहले बेंगलुरु में बंधक बनाए गए विधायकों को रिहा किया जाए।

राज्यपाल ने सीएम को लिखा लेटर
फ्लोर टेस्ट होगा या नहीं, इस पर सस्पेंस है। सदन की जो कार्यसूची जारी की गई है, उसमें केवल राज्यपाल के अभिभाषण और धन्यवाद ज्ञापन का ही जिक्र है। इस सूची के जारी होने के बाद राज्यपाल लालजी टंडन ने सीएम कमलनाथ को पत्र लिखा, जिसमें विश्वास मत के दौरान मत विभाजन हाथ उठाकर करवाने का जिक्र था।

क्या कहा भाजपा नेताओं ने?
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा- गवर्नर ने फ्लोर टेस्ट के लिए कहा है लेकिन विधानसभा की कार्यसूची में फ्लोर टेस्ट का जिक्र नहीं किया गया है। यह एक गंभीर मुद्दा है। स्पीकर, राज्यपाल के आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं।

क्या कहा शिवराज सिंह चौहान ने
शिवराज सिंह चौहान ने कहा- मध्य प्रदेश सरकार ने अपना बहुमत खो दिया है, यही कारण है कि वे फ्लोर टेस्ट से दूर भाग रहे हैं, हम सरकार से कल अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा है कि वह एक फ्लोर टेस्ट चाहते हैं, फिर वह ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं? हमारी एकमात्र मांग फ्लोर टेस्ट है। राज्यपाल ने अपने संबोधन के बाद सरकार को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि यह अधिकार स्पीकर के पास है। विधानसभा में क्या होता है सरकार द्वारा तय किया जाता है, स्पीकर सरकार द्वारा तय किए गए कार्यों पर काम करता है।

दिल्ली में सिंधिया के साथ मीटिंग
इससे पहले रविवार को दिल्ली में भाजपा की कई हाई लेवल मीटिंग हुईं। केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के आवास पर शिवराज सिंह चौहान, धर्मेन्द्र प्रधान और ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में एक अहम बैठक हुई उसके बाद सभी नेताओं ने सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया तुषार मेहता से मुलाकात की। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह के घर भाजपा नेता नरेंद्र सिंह तोमर और ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ करीब दो घंटे तक मीटिंग हुई। बताया जा रहा है कि इसी मीटिंग के बाद भाजपा विधायकों को भोपाल लाने का फैसला किया गया था।

सिंधिया समर्थक विधायकों के आने की संभावना
सूत्रों का कहना है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया भी सोमवार सुबह भोपाल आ सकते हैं। उनके आने पर बेंगलुरु के रिसॉर्ट में ठहरे उनके खेमे के 22 विधायक भी सोमवार सुबह भोपाल पहुंच सकते हैं। यह भी कहा जा रहा है कि विधायकों को फ्लोर टेस्ट के लिए बेंगलुरु से सीधे विधानसभा भी लाया जा सकता है। सिंधिया समर्थक सभी विधायकों ने अपने वीडियो जारी कर सीआरपीएफ सुरक्षा की मांग की है। विधायकों का कहना है कि हम भोपाल आना चाहते हैं लेकिन कांग्रेस हमें बंधक बना सकती है ऐसे में हमें सीआरपीएफ की सुरक्षा प्रदान की जाए।

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