ALERT : रीवा जिले में बढ़ रहें युवा वर्ग से लेकर 45 साल तक के ह्दयरोगी के मरीज, 800 से अधिक ह्दयरोगी पहुँचे सुपर स्पेशलिटी अस्पताल




रीवा. अगर आप स्मोकिंग कर रहे हो तो सावधान हो जाइए। जी हां, जल्द संभल जाएं नहीं तो आप का दिल कभी भी जवाब दे सकता है। इतना ही नहीं डायबटीज और ब्लड प्रेशर दिल के लिए खतरे की घंटी है। यह हम नहीं बल्कि सुपर स्पेशलिटी में पहुंच रहे ह्दयरोगियों के लक्षण की जांच रिपोर्ट में सामने आई है। सुपर स्पेशलिटी के चिकित्सकों ने स्मोकिंग से बचने की सलाह दी है। 

सुपर स्पेशलिटी में हर रोज 30-40 मरीज 
सुपर स्पेशलिटी में ह्दयरोगियों की लंबी कतार लग रही है। हर रोज 36 से अधिक मरीज अकेले ह्दयरोग से जुड़े पहुंच रहे हैं। अस्पताल में एक अक्टूबर से लेकर 22 अक्टूबर तक 800 मरीज सुपर स्पेशलिटी में पंजीयन कराया है। आधा दर्जन से अधिक को भर्ती किया गया है। सुपर स्पेशलिटी में दो दिन पहले 35 साल के युवक को अचानक अटैक आने पर भर्ती कराया गया है। चिकित्सक डॉक्टर एसके त्रिपाठी कहते हैं कि स्मोकिंग से अटैक का अधिक रिस्क रहता है। कम उम्र के ज्यादातर केस स्मोकिंग और ड्रग्स लेने के आ रहे हैं।

ह्दयरोग की जद में 20 साल से 45 साल तक युवा 
सुपर स्पेशलिटी में 20 साल से लेकर 45 साल तक के युवा ह्दयरोग की चपेट में आ रहे हैं। ओपीडी में पहुंचने वाले अधिकांश मरीज डायबटीज, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्राल बढऩे वाले आ रहे हैं। डॉक्टर वीडी त्रिपाठी बताते हैं कि समय रहते यदि लक्षण का पता चल जाए तो 80 फीसदी मरीज इलाज से ठीक हो जाते हैं। उनके अटैक का खतरा कम हो जाता है। डायबटीज, कोलेस्ट्राल और ब्लड प्रेशर बढ़े तो जांच जरूर कराएं। जिससे समय से इलाज मिल सके। अस्पताल में कुछ ऐसे भी मरीज आ रहे हैं जिनमें रिस्क कोई नहीं है। लेकिन, दिल में दर्द बना हुआ है। ऐसे मरीजों की जांच की जा रही है। 

एंजीयोग्राफी के कई सफल आपरेशन
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में कॉडियोलॉजी डॉ एसके त्रिपाठी ने बताया कि स्मोकिंग, डायबटीज, ब्लड प्रेशर के मरीजों को अधिक अटैक का खतरा रहता है। समय से जांच कराने पर बचाव आसानी से हो सकता है। अस्पताल में आधा दर्जन सफल आपरेशन हुए हैं। ज्यादातर डायबटीज, ब्लड प्रेशर के रहे। हर रोज औसत 30-40 मरीज अस्पताल में आ रहे हैं। सामान्य मरीजों को इलाज दिया जा रहा है। इलाज से ठीक हो रहे हैं। 

कोरोना पॉजिटिव 80 साल की बुजुर्ग महिला को पेशमेकर लगाने से जीती जंग 
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 80 साल की बुजुर्ग महिला के फेफड़े जवाब देने लगे थे। संजय गांधी अस्पताल से सुपर स्पेशलिटी मे रेफर किया गया। यहां पर कॉडियोलॉजी डॉ वीडी त्रिपाठी ने पेशमेकर लगाकर बुजुर्ग महिला की जान बचाई है। अब तक आधा दर्जन मरीजों को पेशमेकर लगाया जा चुका है।
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