REWA : NCC अण्डर ऑफिसर योगेश ने राजपथ पर रोशन किया प्रदेश का नाम : जानिए सफलता की कहानी

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भारतीय सेना देश की सीमाओं की रक्षा करने के साथ-साथ करोड़ों युवाओं को देश सेवा तथा राष्ट्रभक्ति के लिये प्रेरित भी करती है। स्कूल तथा कालेज में लाखों विद्यार्थी एनसीसी से जुड़कर सैनिकों की तरह प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। इनमें से कई कैडेटों को भारतीय सेना में भी प्रवेश का अवसर मिलता है। 

एनसीसी विद्यार्थियों को अनुशासन और सेवा का पाठ पढ़ाती है। रीवा के एनसीसी अण्डर आफीसर योगेश चतुर्वेदी भारतीय सेना में प्रवेश का सपना लिये हुए राजपथ में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह की आकर्षक परेड में शामिल हुए। कठिन परीक्षाओं से गुजरने के बाद उन्हें राष्ट्रीय एनसीसी परेड के लिये चुना गया। इस परेड में शानदार प्रदर्शन करने पर योगेश को देश का सर्वश्रेष्ठ एनसीसी कैडेट चुना गया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 27 जनवरी को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में योगेश को सम्मानित किया। योगेश ने राजपथ पर पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया।

योगेश चतुर्वेदी रीवा में ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय के छात्र हैं। स्कूल तथा कालेज में योगेश एनसीसी में भाग लेते रहे हैं। उनके पिता राजेन्द्र चतुर्वेदी बीएसएफ में कार्यरत हैं। उनकी माता सुनीता चतुर्वेदी गृहणी हैं। पिता के बीएसएफ में कार्यरत होने के कारण योगेश का झुकाव भारतीय सेना में शामिल होने का है। 


उनका चयन भारतीय वायुसेना में हो गया है। देश का सर्वश्रेष्ठ एनसीसी कैडेट चुने जाने पर योगेश ने कहा कि एनसीसी अनुशासन और सेवा की सीख देती है। एनसीसी के माध्यम से हमें अपना कैरियर संवारने के भी अवसर मिलते हैं। मैं भारतीय सेना में प्रवेश करके देश की सेवा करना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि स्कूल तथा कालेज के हर विद्यार्थी को एनसीसी का प्रशिक्षण अवश्य प्राप्त करना चाहिए

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