REWA : रीवा जिले की सबसे कम उम्र की महिला स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का निधन, राजकीय सम्मान के साथ जिला प्रशासन ने दी अंतिम विदाई

रीवा जिले की सबसे कम उम्र की महिला स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सत्यवती देवी सिंह का शनिवार को 95 वर्ष में निधन हो गया। वे अपने जीवन की अंतिम सांस खुटेही मोहल्ला स्थित घर में ली। परिजनों का कहना है कि उनका स्वास्थ्य कुछ दिनों से खराब चल रहा था। साथ ही उम्र ज्यादा होने के कारण सांस लेने में दिक्कत जाती थी। ऐसे में शनिवार की सुबह उनका देव लोक गमन हो गया।

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निधन के उपरांत जिला प्रशासन की ओर से हुजूर तहसीलदार आरपी त्रिपाठी ने राजकीय सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर को तिरंगा झंडा सौंपा। साथ ही परिजनों को सहयोग राशि और ताम्रपत्र दिया गया। फिर शनिवार की दोपहर उनका अंतिम संस्कार गृह ग्राम काकर गांव (त्योंथर) में​ किया गया। जहां मध्यप्रदेश पुलिस ने जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम​ विदाई दी। इसके बाद उनके पुत्र ने पार्थिव शरीर को अग्नि प्रज्वलित की।

बता दें कि सत्यवती देवी सिंह त्योंथर क्षेत्र के काकर गांव की रहने वाली थी। जिस समय भारत देश आजाद हुआ था उनकी उस समय उम्र 21 वर्ष की थी। वे लगातार देश के आंदोलनों में बढ़ चढकर हिस्सा लेती थी। साथ ही आपात काल के दौरान जेल भी गई।

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भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में पूरे देश के लोगों के साथ बघेलखण्ड के लोगों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जिसमे सत्यवती देवी सिंह उनमे से एक थी। उस समय चारों ओर ब्रिटिश भारत में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के महत्वपूर्ण केंद्र झांसी, नौगांव, सागर, बांदा, इलाहाबाद, मिर्जापुर, जबलपुर एवं बिलासपुर था। जहां पर सत्यवती देवी का अक्सर आना जाना था।


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