MP : मां-बेटी की दोहरी हत्या का खुलासा : देवरानी के प्रेम प्रसंग की पुष्टि होते ही दोनों को उठाया, फिर खूली दिल दहला देने वाली वारदात

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जबलपुर के बरेला निवासी मां बबली और बेटी निशा की दोहरी हत्या को पुलिस ने 57 घंटे लगातार लग कर सुलझाने में सफल रही। दरअसल परिजनों ने देवरानी मालती और काशी महंगवा निवासी मुख्य आरोपी संजू उर्फ संजय श्रीपाल के संबंधों के बारे में बताया था, लेकिन इसकी पुष्टि और पड़ोसियों से पूछताछ के बाद ही पुलिस दोनों को उठा पाई।

बरेला के वार्ड नंबर 16 निवासी एवं आंगनबाड़ी में सहायिका बबली झारिया (40) और उसकी बेटी निशा झारिया (20) बीते 27 सितंबर की रात में ही गायब हो गई थीं। 28 को ही टेमरभीटा निवासी मायके वालों ने थाने में इसकी सूचना दे दी थी। पर पुलिस ने गुमशुदगी 30 सितंबर को दर्ज की। तीन दिन तक पुलिस मायके वालों को ही दोनों को रिश्तेदारियों में खोजने की सलाह देते रहे। 01 अक्टूबर को बबली के पिता चंद्रभान झारिया ने एसपी से बेटी व नातिन के गायब होने की बात कहते हुए ढूंढने की गुहार लगाई थी। पुलिस इसके बाद ही सक्रिय हुई।

डीएसपी अपूर्वा किलेदार ने किया कैम्प

बरेला थाने में कोई टीआई पदस्थ नहीं है। अभी एसआई मुनेश लाल कोल प्रभारी के तौर पर कार्यरत हैं। ऐसे में इस बेहद संवेदनशील प्रकरण की जांच के लिए डीएसपी ग्रामीण अपूर्वा किलेदार ने 03 अक्टूबर को थाने में कैम्प लगा दिया। प्रथम संदेही मालती और उसके प्रेमी संजू श्रीपाल के मोबाइल कॉल डिटेल निकलवाए। घटना वाले दिन टॉवर लोकेशन निकलवाया, जो पीड़िता के घर के पास होना पाया गया। थाने की एक महिला को सादे में मोहल्ले में भेजा गया, जो पड़ोसियों से पूछताछ कर उनके संबंधों के बारे में पुष्टि की।

04 अक्टूबर को मालती, संजू और सुरेश को पुलिस ने उठाया

डीएसपी ने 04 अक्टूबर को सुबह 11 बजे देवरानी मालती, उसके पति सुरेश और प्रेमी संजू को उठा लिया। पूछताछ में देवर सुरेश ने 30 सितंबर को बरेला में आने की बात कही। इससे पहले वह बरेला में राजगीर मिस्त्री का काम कर रहा था। पुलिस ने वहां एक टीम भेज कर इसकी तस्दीक कराई। इसके बाद उसे उसी रात 10 बजे छोड़ दिया गया। पर मालती और संजू के विरोधाभाषी बयानों ने पुलिस को उलझा दिया। संजू हार्डकोर क्रिमिनल है, तो मालती भी काफी शातिर निकली। सुबह 11 बजे से रात 10 बजे तक बरेला पुलिस दोनों से कुछ नहीं उगलवा पाई।

                                        खुदाई में बेटी निशा के सबसे पहले हाथ दिखे थे।

क्राइम ब्रांच की टीम को बुलाया गया

उधर, इस मामले को लेकर राजनीतिक दबाव भी बढ़ने लगा था। खुलासा न होने पर स्थानीय लोगों ने 5 अक्टूबर को चक्का जाम की चेतावनी दे दी थी। आरोपियों के भ्रमित करने और राजनीतिक दबाव के बीच डीएसपी ने एसपी से बात की। इसके बाद मामले क्राइम ब्रांच को उतारा गया। रात में टीम मौके पर पहुंची। क्राइम ब्रांच की पूछताछ में संजू ने हत्या की बात तो कबूल की, लेकिन दोनों के लाश को लेकर भ्रमित करने लगा। कभी वह बोलता कि उसने दोनों शवों को जला कर नहर में फेंक दिया है। कभी लाश को ही नहर में फेंकने की बात करता।

हत्या में शामिल राजा को उठाया, तब जाकर खुली पोल

क्राइम ब्रांच ने संजू से पूछताछ के आधार पर कोसमघाट निवासी राजा कोल को उठा लिया। इसके बार पूछताछ की रणनीति बदली। तीनों आरोपियों को अलग-अलग पूछताछ शुरू की। शुरू में तीनों पुलिस को भ्रमित करते रहे। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने संजू पर सख्ती की। साथ ही राजा द्वारा सब कुछ बता देने का झूठ बोला। इसके बाद संजू जाकर टूटा, उसने स्वीकार किया कि उसी ने राजा व देवा के साथ मिलकर मालती के कहने पर मां-बेटी की हत्या की है। लाश को अपने गांव काशी महंगवा स्थित कैनाल किनारे झाड़ियों में दफना दिया है।

सुबह कराई निशानदेही, फिर तहसीलदार की मौजूदगी में हुई खुदाई

पुलिस संजू व राजा कोल को लेकर 05 अक्टूबर काे सुबह 6 बजे ही लेकर दफनाए गए स्थल की तस्दीक करवाने पहुंची। गड्‌ढे की तस्दीक कराई। इसके बाद दोनों को थाने भेजकर शव निकलवाने की कवायद शुरू की गई। तहसीलदार और एसडीएम पीके सेन गुप्ता की मौजूदगी में चार मजदूरों ने खुदाई का काम शुरू किया। लगभग तीन घंटे बाद पहले बेटी फिर मां के शव निकाले गए। आरोपियों ने दोनों के शरीर के कपड़े अलग कर नमक डालकर दफनाया था, ताकि लाश जल्दी सड़ जाए।

संबंधों को उजागर करने से मालती थी नाराज

पांच अक्टूबर की रात 7.30 बजे एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने इस दोहरे हत्याकांड से पर्दा उठाया। बताया कि मालती का पिछले चार वर्षों से संजू से प्रेम प्रसंग चल रहा था। मालती और बबली झारिया का एक ही आंगन व बरामदा है। पति सुरेश की गैरमौजूदगी में संजू का इस तरह घर आने-जाने की जानकारी पड़ोस और मोहल्ले वालों को भी हो गई थी। संजू के आने को लेकर बबली व मालती में कई बार विवाद तक हो गया था। मालती को लगता था कि उसे संबंधों के बारे में बबली ने ही पड़ोसियों और मोहल्ले वालों को बताया है। इसके बाद उसने संजू के साथ मिलकर दोनों की हत्या की साजिश रची।

हत्या के बाद घर को व्यवस्थित कर दिया था

मालती ने गले का हार बेचकर 45 हजार रुपए संजू को दिए। संजू ने ये पैसे राजा और फरार चल रहे बिलहरी निवासी देवा ठाकुर को दिए थे। 15 हजार खुद भी रख लिए थे। 27 की रात पहले बाथरूम के लिए निकली बबली झारिया का गला कसकर मार डाला। फिर उसकी बेटी निशा को कमरे में घुसकर मार डाला। बाहर सो रहे ससुर पंचम को मालती पहले ही नींद की गोली खिला कर सुला चुकी थी। दोनों को मारने के बाद आरोपियों ने एक चादर में बांधा और बाइक लेकर लाश को ठिकाने लगाने निकल गए। इधर, मालती ने बबली के कमरे को व्यवस्थित किया और बाहर से ताला लगा दिया, जिससे लगे कि दोनों कहीं निकली हैं।

जघन्य वारदात में चिन्हित कराकर होगी विवेचना

एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने बताया कि इस जघन्य वारदात में चिन्हित कर विवेचना कराएंगे। मामले में हत्या, साक्ष्य छुपाने सहित एससी-एसटी का प्रकरण दर्ज किया गया है। फरार आरोपी देवा की तलाश जारी है। हत्या के लिए पैसे देने की बात की पुष्टि की जा रही है। कोशिश रहेगी कि इस केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिल सके।

इस टीम ने खुलासे में निभाई अहम भूमिका

एसआई मुनेश लाल कोल, रूकसार बानो, एएसआई चैन सिह धुर्वे ,आरक्षक मनोज, सूरज मिश्रा, तनवीर रिजवी, महेंद्र कुमार, सावित्री धुर्वे, प्रतिमा मिश्रा और क्राईम ब्रांच के एएसआई धनंजय सिह, विजय शुक्ला, प्रधान आरक्षक विजेन्द्र, दीपक तिवारी, मोहित उपाध्याय, बीरबल व सायबर सेल के आरक्षक अमित पटेल की भूमिका रही।

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