MP : बड़ा हादसा टला : जोधपुर-भोपाल स्पेशल ट्रेन के इंजन का पहिया ट्रैक से उतरा : इंजन को दोबारा पटरी पर लाने में एक घंटे का लगा समय

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भोपाल रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह जोधपुर ट्रेन के इंजन का पहिया ट्रैक से उतर गया। हादसे के दौरान खाली हो चुकी ट्रेन से इंजन को अलग किया जा रहा था। इसी दौरान हादसा हो गया। हादसे के बाद इंजन को दोबारा पटरी पर लाने में करीब एक घंटे का समय लग गया। अच्छी बात रही कि ट्रेन खाली होने के कारण कोई हताहत नहीं हुआ। रेलवे के सभी विभागों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार जोधपुर-भोपाल स्पेशल ट्रेन गुरुवार सुबह करीब 10 बजे भोपाल स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर पहुंची। बीना एंड पर ट्रेन के खाली होने के बाद उसके इंजन को ट्रेन से अलग किया गया। इसी दौरान इंजन के अगले पहिए पटरी से नीचे उतर गया। इससे वहां हड़बड़ी मच गई। लोगों की भीड़ जमा हो गई।

सूचना पर रेलवे की आपात टीम को बुलाया गया। इंजन के साथ डिब्बा नहीं होने के कारण बड़ा हादसा होने से बच गया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद जैक की मदद से ट्रेन को दोबारा ट्रैक पर चढ़ा दिया गया। जानकारी मिलते ही डीआरएम ऑफिस से सभी विभागों के अधिकारी और एडीआरएम भी मौके पर पहुंच गए। रेलवे ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।

शाम को समय पर जाएगी ट्रेन

हादसा जोधपुर-भोपाल ट्रेन के इंजन का हुआ। हालांकि हादसे के बाद से दोबारा इंजन को पटरी पर कर दिया गया। यह ट्रेन शाम को भोपाल से जोधपुर के लिए जाएगी। यह प्रभावित नहीं हुई है।

किसी भी ट्रेन पर असर नहीं पड़ा

प्लेटफाॅर्म नंबर-6 मुख्य रूप से सिर्फ यहां से प्रारंभ और खत्म होने वाली ट्रेन के लिए रिजर्व है। हादसे के करीब एक घंटे के अंदर इंजन को पटरी पर लौटा दिया गया। इस कारण किसी भी ट्रेन पर इसका असर नहीं पड़ा।

रख-रखाव पर सवाल खड़े हुए

इंजन का इस तरह पटरी से उतरना कई तरह के सवाल खड़े कर गया है। जांच में इस सभी विभाग इस पर जांच करेंगे कि आखिर गलती कहां हुई। मुख्य रूप से इंजन की तकनीकी जांच, रेलवे ट्रैक की खामी, सिग्नल और टेलीफोन और इस होने वाले के बीच तालमेल की जांच की जाएगी।

इस तरह होगी जांच

फिलहाल, हादसे के कारणों की अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच चार विभाग मिलकर करें। परिचालन विभाग, गैरिज एंड वैगन विभाग (जेएनडब्ल्यू), सिंग्लन एंड टेलीफोन डिपार्टमेंट विभाग (एसएनटी ) और ऑपरेटिंग विभाग का एक संयुक्त नोट बनेगा। उसके बाद यह तय होगा। इसी से गलती किसकी है, यह होगा।

जिम्मेदार बोले

डीआरएम भोपाल सौरभ बंदोपाध्याय ने बताया कि इंजन का पहिया ट्रैक से उतर गया था। कोई जन-धन हानि नहीं हुई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही हादसे के सही कारणों का पता चल पाएगा। कोई ट्रेन भी प्रभावित नहीं हुई।

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