प्यार का खौफनाक अंत: मऊगंज में गुमशुदा प्रेमी जोड़े के शव कुएं से बरामद, रिश्ते का सच जानकर सब हैरान

 

मऊगंज जिले के नईगढ़ी क्षेत्र में सनसनीखेज वारदात, गुमशुदगी के बाद कुएं में मिली युवक और किशोरी की लाश, घटनास्थल से सिंदूर और मोबाइल बरामद।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के नवनिर्मित जिले मऊगंज से एक बेहद ही हृदयविदारक और हैरान करने वाली घटना सामने आई है। जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अकौरी गांव में मंगलवार की सुबह एक कुएं से एक युवक और एक नाबालिग किशोरी के शव बरामद किए गए हैं। इस दोहरे शव मिलने की घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और गांव में मातम का माहौल है। शुरुआती परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस इसे प्रेम-प्रसंग के चलते उठाया गया आत्मघाती कदम (सुसाइड) मानकर चल रही है। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।

रिश्ते में 'दादा-पोती' थे मृतक, कुएं के पास से मिलीं संदिग्ध वस्तुएं
इस दुखद घटना में जान गंवाने वालों की पहचान गांव के ही रहने वाले शिवकुमार साकेत (उम्र 24 वर्ष, पिता रामसिया साकेत) और रेशमा साकेत (उम्र 17 वर्ष, पिता राजभूषण साकेत) के रूप में हुई है। सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों के लिहाज से दोनों के बीच का संबंध बेहद चौंकाने वाला है; मृतक शिवकुमार रिश्ते में नाबालिग रेशमा का दादा (बाबा) लगता था। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे जब परिजन और ग्रामीण खेतों की तरफ गए, तो उन्होंने घर से लगभग 300 मीटर की दूरी पर स्थित एक कुएं के मुहाने पर कुछ सामान लावारिस हालत में पड़ा देखा।

घटनास्थल से बरामद सामग्री:
कुएं के पास दोनों मृतकों के मोबाइल फोन, सिंदूर की डिब्बी और कुछ अन्य व्यक्तिगत सामग्रियां मिली हैं। सिंदूर का मिलना इस बात की तरफ साफ इशारा करता है कि दोनों के बीच कोई गहरा प्रेम संबंध था, जिसे समाज और परिवार के डर से वे स्वीकार नहीं कर पा रहे थे।

पहले भी हुए थे लापता: क्या प्रेम-प्रसंग बना मौत की वजह?
परिजनों और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह दोनों के घर से भागने या लापता होने का पहला मामला नहीं था। मृतका रेशमा साकेत इससे पहले 19 मई को भी अचानक अपने घर से गायब हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर नईगढ़ी थाना पुलिस ने 20 मई को उसकी गुमशुदगी का मामला दर्ज किया था। कड़े प्रयासों के बाद पुलिस ने 23 मई को किशोरी को सुरक्षित ढूंढ निकाला (दस्तयाब किया) और उसके बयान दर्ज करने के बाद उसे वापस उसके माता-पिता को सौंप दिया था। दिलचस्प बात यह है कि जिस दौरान रेशमा गायब थी, ठीक उसी समय शिवकुमार भी अपने घर से लापता था, जिससे परिजनों का शक यकीन में बदल गया था।

सोमवार रात को दोबारा गायब हुई थी किशोरी, सुबह मिली लाश
पुलिस की काउंसिलिंग और परिवार की समझाइश का दोनों पर कोई खास असर नहीं हुआ। पुलिस द्वारा वापस घर छोड़े जाने के महज दो दिन बाद, यानी सोमवार रात करीब 9 बजे, रेशमा एक बार फिर संदिग्ध परिस्थितियों में अपने घर से लापता हो गई। बेटी को घर में न पाकर परिजनों के हाथ-पांव फूल गए और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पास की रामपुर पुलिस चौकी को दी। पुलिस रातभर दोनों की तलाश करती रही, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। मंगलवार की सुबह कुएं के पास मिले सामान ने इस रहस्य से पर्दा उठा दिया कि दोनों ने एक साथ मौत को गले लगा लिया है।

मृतका के सगे दादा श्यामलाल साकेत ने भारी मन से बताया कि रेशमा पहले भी शिवकुमार के साथ चली गई थी। पुलिस के दखल के बाद उसे वापस लाया गया था, लेकिन दोनों के सिर पर इस कदर प्रेम का भूत सवार था कि उन्होंने दोबारा भागने के बजाय इस बार जीवनलीला ही समाप्त कर ली।

पुलिस प्रशासन की कार्रवाई: शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए
कुएं में शव होने की सूचना मिलते ही नईगढ़ी थाना प्रभारी और रामपुर चौकी की पुलिस टीम दल-बल के साथ अकौरी गांव पहुंची। ग्रामीणों की भारी भीड़ के बीच स्थानीय गोताखोरों और रस्सी की मदद से दोनों के शवों को कुएं से बाहर निकाला गया। पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद दोपहर करीब 2 बजे दोनों शवों को मर्चुरी (शवगृह) लाया गया, जहां नईगढ़ी के सरकारी अस्पताल में उनका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मर्ग कायम कर लिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और समय का सटीक पता चल सकेगा। फिलहाल, प्रेम-प्रसंग के कोण से ही पूरी जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।