"डॉक्टरों की एक 'अनदेखी' और उजड़ गया परिवार! कान से बहता रहा खून, डॉक्टर कहते रहे 'मरीज ठीक है'; मौत के बाद रीवा में भारी बवाल

 

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) शहर के प्रतिष्ठित संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय (SSMC) में गुरुवार को एक बार फिर तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई। सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक की उपचार के दौरान मृत्यु होने पर परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आक्रोशित परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की घोर लापरवाही और समय पर सही इलाज न मिलने के कारण एक जान चली गई।

रामपुर बघेलान के पास हुआ था दर्दनाक हादसा
मृतक की पहचान विवेक अग्निहोत्री (निवासी: निपानिया, वार्ड क्रमांक-1, रीवा) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, विवेक सतना जाते समय रामपुर बघेलान के समीप एक सड़क हादसे का शिकार हो गए थे। प्राथमिक उपचार के लिए उन्हें पहले रामपुर सामुदायिक केंद्र और फिर सतना जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन स्थिति नाजुक होने के कारण उन्हें तत्काल रीवा रेफर कर दिया गया।

"हालत स्थिर है" - डॉक्टरों के आश्वासन पर उठे सवाल
परिजनों के अनुसार, रीवा अस्पताल में भर्ती होने के बाद मरीज का सीटी स्कैन और एमआरआई कराया गया। रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टरों ने बताया कि पैर की हड्डियां टूटी हैं और पसलियों में चोट है। मृतक के साले रवि सिंह तिवारी का दावा है कि डॉक्टरों ने बार-बार भरोसा दिलाया कि मरीज खतरे से बाहर है और उसे बाहर ले जाने (रेफर करने) की कोई आवश्यकता नहीं है।

कान से बहता खून और अनदेखी का आरोप
परिजनों ने इलाज की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि मरीज के कान से लगातार खून बह रहा था। उन्होंने कई बार ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों को इस बारे में सूचित किया और दोबारा जांच की गुहार लगाई, लेकिन आरोप है कि डॉक्टरों ने इसे सामान्य बताते हुए गंभीरता से नहीं लिया। समय रहते सिर की अंदरूनी चोट या कान के रक्तस्राव पर ध्यान न देना मौत का मुख्य कारण बताया जा रहा है।

अस्पताल परिसर बना जंग का मैदान
जैसे ही विवेक की मौत की खबर सामने आई, परिजनों का धैर्य जवाब दे गया। अस्पताल परिसर में जमकर नारेबाजी और हंगामा हुआ। स्थिति को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम ने आक्रोशित लोगों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन परिजन दोषी डॉक्टरों पर तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।

जांच के लिए हाई-लेवल कमेटी गठित
इस संवेदनशील मामले पर संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि मरीज को अत्यंत गंभीर स्थिति में लाया गया था। परिजनों के आरोपों को संज्ञान में लेते हुए एक विशेष जांच कमेटी बना दी गई है। डॉ. मिश्रा ने आश्वासन दिया कि "यदि जांच में मेडिकल स्टाफ या डॉक्टर की ओर से कोई भी चूक पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।"