एक चोर और 5 चमचमाती बाइक्स: रीवा के सिरमौर में पुलिस का बड़ा एक्शन, पलक झपकते ही गायब कर देता था पल्सर और अपाचे

 

मध्य प्रदेश के रीवा जिले से अपराध और कानून व्यवस्था को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। रीवा की सिरमौर थाना पुलिस ने वाहन चोरी के मामलों में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सोमवार शाम को एक बेहद शातिर बाइक चोर को रंगे हाथों गिरफ्तार करने में कामयाबी पाई है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के वाहन स्वामियों ने राहत की सांस ली है।

पुलिस द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई में आरोपी के पास से और उसकी निशानदेही पर अलग-अलग ठिकानों से करीब पांच लाख रुपए की अनुमानित कीमत वाली पांच चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। पकड़े गए आरोपी के पास से पुलिस को महंगी और लोकप्रिय स्पोर्ट्स व कम्यूटर बाइक्स मिली हैं, जिन्हें वह कौड़ियों के दाम बेचने या ठिकाने लगाने की फिराक में था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से माननीय न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

सिरमौर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कैसे पकड़ा गया शातिर चोर?
रीवा जिले के सिरमौर और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ समय से लगातार मोटरसाइकिल चोरी की शिकायतें सामने आ रही थीं। इन बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सिरमौर थाना प्रभारी और उनकी टीम लगातार सक्रिय थी। पुलिस संदिग्धों और पुराने अपराधियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए थी। इसी दौरान सोमवार को सिरमौर पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से बेहद सटीक सूचना मिली।

पुलिस बयान: "मुखबिर ने सूचना दी कि एक व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में कुछ बिना कागजात वाली मोटरसाइकिलों के साथ क्षेत्र में घूम रहा है और उन्हें बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश कर रहा है।"

घेराबंदी कर कोहरी निवासी ओझा कोल को दबोचा
सूचना मिलते ही सिरमौर थाना पुलिस की एक विशेष टीम ने बिना वक्त गंवाए मुखबिर के बताए स्थान पर घेराबंदी कर दी। पुलिस टीम को देखकर संदिग्ध व्यक्ति ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने उसे चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया।

पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी की पहचान ओझा कोल (उम्र 40 वर्ष), पिता गणेश कोल, निवासी ग्राम कोहरी के रूप में हुई है। शुरुआत में आरोपी पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहा था और गाड़ियों के कागजात होने का दावा कर रहा था। लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की और हिकमत अमली अपनाई, तो आरोपी टूट गया और उसने रीवा सहित आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से धड़ाधड़ वाहन चोरी करने का जुर्म स्वीकार कर लिया।

बरामद की गईं 5 लाख की 5 मोटरसाइकिलें (गाड़ियों की पूरी सूची)
आरोपी ओझा कोल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब उसकी निशानदेही पर छापेमारी की, तो अलग-अलग गुप्त स्थानों और झाड़ियों में छिपाकर रखी गई कुल 5 मोटरसाइकिलें बरामद हुईं। बरामद किए गए वाहनों में युवाओं की पसंदीदा पल्सर और अपाचे जैसी स्पोर्ट्स बाइक्स भी शामिल हैं।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार बरामद की गई गाड़ियों और उनके नंबरों की सूची इस प्रकार है:

क्र. सं.    मोटरसाइकिल का मॉडल        वाहन पंजीकरण संख्या (Registration Number)

  • 1    हीरो एचएफ डीलक्स (HF Deluxe)k          MP 17 MW 1065
  • 2    बजाज पल्सर 220 (Pulsar 220)             UP 70 HA 3570
  • 3    टीवीएस अपाचे (TVS Apache)             BR 24 AJ 2439
  • 4    टीवीएस रायडर (TVS Raider)             UP 70 HW 7215
  • 5    हीरो स्प्लेंडर (Hero Splendor)             UP 70 HY 0484

इन सभी बरामद वाहनों की कुल बाजार कीमत करीब 5 लाख रुपए आंकी गई है। नंबर प्लेट्स को देखने से साफ पता चलता है कि आरोपी न केवल मध्य प्रदेश (MP 17) बल्कि उत्तर प्रदेश (UP 70) और बिहार (BR 24) के रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों को भी अपना निशाना बना रहा था या फिर अंतरराज्यीय चोर गिरोह से जुड़ा हुआ था।

पुलिस की आगामी जांच और अन्य राज्यों से कनेक्शन
सिरमौर थाना पुलिस के मुताबिक, भले ही आरोपी को जेल भेज दिया गया है, लेकिन मामले की विस्तृत जांच अभी भी जारी है। पुलिस अब इन सभी बरामद मोटरसाइकिलों के चेसिस नंबर और इंजन नंबर के जरिए उनके वास्तविक मालिकों का पता लगाने में जुटी है। इसके लिए पुलिस थानों में दर्ज पुरानी एफआईआर (FIR) और वाहन चोरी के मुकदमों का मिलान किया जा रहा है, ताकि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन वाहनों को उनके असली स्वामियों को सुरक्षित सौंपा जा सके।

अंतरराज्यीय गिरोह के शामिल होने की आशंका
चूंकि बरामद वाहनों में उत्तर प्रदेश और बिहार के नंबर शामिल हैं, इसलिए पुलिस को अंदेशा है कि ओझा कोल किसी बड़े अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का हिस्सा हो सकता है। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि:

आरोपी ने ये वाहन किन-किन विशिष्ट क्षेत्रों और जिलों से चुराए थे?
क्या चोरी की वारदातों में उसके साथ कोई और स्थानीय या बाहरी साथी भी शामिल है?
क्या वह इन वाहनों को फर्जी कागजात बनाकर दूसरे राज्यों में बेचने की योजना बना रहा था?

सिरमौर पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले में कुछ और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं और गिरोह के अन्य सदस्यों को भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

वाहन चोरी से कैसे बचाएं अपनी बाइक: जरूरी टिप्स
रीवा पुलिस ने इस बड़ी सफलता के बाद आम जनता से भी सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर लोग अपने वाहनों को सुरक्षित रख सकते हैं। यहाँ कुछ मुख्य सुरक्षा उपाय दिए गए हैं:
हैंडल लॉक के साथ एडिशनल लॉक का उपयोग करें: केवल कंपनी के हैंडल लॉक पर भरोसा न करें। हमेशा पहिए में एक मजबूत डिस्क लॉक या चेन लॉक का इस्तेमाल करें।

जीपीएस ट्रैकर (GPS Tracker) लगवाएं: आजकल बाजार में किफायती जीपीएस ट्रैकर उपलब्ध हैं। इसे अपनी बाइक में छिपाकर लगवाने से चोरी होने पर भी गाड़ी की लाइव लोकेशन का पता लगाया जा सकता है।
सुरक्षित पार्किंग का चयन करें: अपनी मोटरसाइकिल को हमेशा अधिकृत पार्किंग स्टैंड या सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की निगरानी वाले क्षेत्र में ही खड़ा करें। सूनी गलियों या अंधेरी जगहों पर वाहन पार्क करने से बचें।
संदेह होने पर तुरंत सूचित करें: यदि आपको अपने आस-पास कोई व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में घूमता हुआ दिखे या बिना नंबर प्लेट की गाड़ियों की खरीद-फरोख्त करता नजर आए, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें।