रीवा में अवैध जुए पर बड़ा प्रहार: तंग गलियों से भाग निकले कई नामी जुआड़ी, कोतवाली पुलिस की कार्रवाई से मचा हड़कंप 

 

ऋतुराज द्विवेदी, रीवा/भोपाल। शहर के भीतर अवैध नशे और सट्टा-जुआ के सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करने के लिए रीवा पुलिस अब पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के सख्त निर्देश पर सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए शहर के बीचों-बीच चल रहे एक व्यवस्थित जुआ फड़ का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने न सिर्फ फड़ के मुख्य सरगना को दबोचा है, बल्कि मौके से भारी मात्रा में ताश के पत्ते और नगदी भी बरामद की है। इस अचानक हुई कार्रवाई से शहर के सटोरियों और जुआड़ियों के बीच हड़कंप मच गया है।

मुखबिर की सटीक सूचना: नया तालाब बस्ती में घेराबंदी
यह पूरी कार्रवाई सिटी कोतवाली थाना प्रभारी निशा मिश्रा के कुशल नेतृत्व में अंजाम दी गई। पुलिस को पुख्ता मुखबिर से गुप्त सूचना मिली थी कि नया तालाब और गुढ़ चौराहा के समीप स्थित हरिजन बस्ती में बड़े पैमाने पर जुए का खेल संचालित हो रहा है, जहां रोज़ाना नामी जुआड़ी जुटते हैं और ताश के पत्तों पर लाखों की हार-जीत की बाजी लगाई जाती है।

सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी ने बिना वक्त गंवाए एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया और योजनाबद्ध तरीके से चिन्हित बस्ती की घेराबंदी कर दी। पुलिस की अचानक धमक देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कई शातिर जुआड़ी तंग गलियों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, लेकिन पुलिस अमले ने फड़ चला रहे मुख्य ऑपरेटर सहित तीन सक्रिय आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की कुंडली: ये नाम आए सामने
पकड़े गए आरोपियों से जब कोतवाली पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो इस अवैध धंधे के पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी इस प्रकार हैं:

शिव चरण बंसल (मुख्य संचालक): यही वह मुख्य मास्टरमाइंड है जो इस पूरे जुआ फड़ को व्यवस्थित रूप से संचालित कर रहा था और जुआड़ियों को सुरक्षित ठिकाना मुहैया कराता था।
बालकरण बसोर: यह आरोपी चौराहा क्षेत्र का निवासी है और फड़ को चलाने में शिव चरण का दाहिना हाथ बनकर सक्रिय था।
अनूप सिंह: यह कोतवाली थाना क्षेत्र के ही गढ़िया मोहल्ला का रहने वाला है, जो मौके पर दांव लगाते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।

बरामदगी का ब्यौरा (जब्त सामग्री की तालिका)
मौके पर की गई तलाशी के दौरान पुलिस ने जो सामग्री जब्त की है, वह यह साबित करने के लिए काफी है कि यह फड़ कोई छोटा-मोटा खेल नहीं बल्कि बड़े स्तर का सिंडिकेट था:

जब्त की गई सामग्री मात्रा / विवरण विधिक स्थिति
ताश के पत्ते 1,035 पत्ते (भारी मात्रा में गड्डियां बरामद) साक्ष्य के रूप में सील
नगद राशि ₹10,000 नगद (दांव पर लगी रकम) राजसात की कार्रवाई
कानूनी धाराएं जुआ एक्ट (Gambling Act) के तहत केस दर्ज आरोपियों को न्यायालय में पेशी

'रीवा न्यूज़ मीडिया' का तीखा विश्लेषण: जुए के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़
'रीवा न्यूज़ मीडिया' की इस ग्राउंड रिपोर्ट के विश्लेषण से साफ है कि पकड़े गए माल में 1,035 ताश के पत्तों का मिलना यह इशारा करता है कि यहाँ केवल एक या दो ग्रुप नहीं, बल्कि दर्जनों लोग एक साथ बैठकर अलग-अलग फड़ पर दांव लगा रहे थे। यह एक पूरी तरह से व्यवस्थित और कमर्शियल जुआ घर था, जिसे बस्ती की आड़ में छुपाकर चलाया जा रहा था।

हालाँकि, मौके से कई बड़े जुआड़ी भागने में सफल रहे हैं, जिनके नाम और ठिकानों की जानकारी पुलिस जुटा रही है। थाना प्रभारी निशा मिश्रा का कहना है कि फरार आरोपियों को भी बहुत जल्द नामजद कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, क्योंकि रिहायशी इलाके और स्कूल-कॉलेज रूट के पास इस तरह की अवैध गतिविधियां सामाजिक माहौल को पूरी तरह प्रदूषित कर रही थीं।

'रीवा न्यूज़ मीडिया' की खबर का असर: खबर चलते ही IG गौरव राजपूत और SP के निर्देश पर आधे घंटे में एक्शन!
रीवा शहर के भीतर चल रहे इस अवैध जुआ सिंडिकेट का भंडाफोड़ करने में "रीवा न्यूज़ मीडिया" की खोजी पत्रकारिता की सबसे बड़ी भूमिका रही है। हमारे पोर्टल ने पूरी निष्पक्षता और प्रमुखता के साथ इस संवेदनशील मुद्दे को उठाया था और इसकी लाइव फुटेज तथा पुख्ता इनपुट्स सीधे रीवा संभाग के आईजी (IG) गौरव राजपूत और पुलिस अधीक्षक (SP) तक पहुंचाए थे। वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी मिलते ही रीवा पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

वरिष्ठ अधिकारियों के कड़क और सीधे निर्देश पर सिटी कोतवाली थाना प्रभारी निशा मिश्रा ने बिना एक मिनट गंवाए भारी पुलिस स्टाफ के साथ सीधे गुढ़ चौराहे पर स्थित इस काली कमाई के अड्डे पर धावा बोल दिया। खबर प्रकाशित होने के महज आधे घंटे के भीतर पुलिस अमला मौके पर पहुंच चुका था।

शातिर जुआरी की खुली पोल, अपने ही घर को बना रखा था अड्डा:
पुलिस की इस रेड में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। मुख्य आरोपी कोई नौसिखिया नहीं, बल्कि इलाके का बेहद शातिर और पुराना जुआरी है, जिसके खिलाफ पूर्व में भी सिटी कोतवाली सहित अन्य थानों में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। इस शातिर अपराधी ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए अपने ही खुद के घर में यह जुआ फड़ संचालित कर रखा था। पुलिस ने घेराबंदी कर जुआ खेलते हुए आरोपियों को रंगे हाथों दबोचा और मौके से भारी मात्रा में नगदी तथा ताश के पत्ते बरामद किए।

संपादकीय टिप्पणी: यह कार्रवाई इस बात का जीवंत प्रमाण है कि अगर पत्रकारिता सजग हो और आला अधिकारी ईमानदार हों, तो अपराधियों के साम्राज्य को ढहने में आधे घंटे का समय भी बहुत ज्यादा होता है! 'रीवा न्यूज़ मीडिया' आगे भी विंध्य की जनता के हित में ऐसे सफेदपोशों और अपराधियों को बेनकाब करता रहेगा।