रीवा के मधुरम ढाबे पर खूनी संघर्ष: पुरानी रंजिश के चलते लाठी-डंडों से हमला, 8 आरोपियों पर FIR दर्ज

 
सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने 8 आरोपियों पर नामजद केस दर्ज कर लिया है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। जिले के मनगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलवा पैकान स्थित प्रसिद्ध मधुरम ढाबा एंड फैमिली रेस्टोरेंट में बीती रात पुरानी रंजिश के चलते जमकर लाठी-डंडों और सरियों से तांडव मचा। इस हिंसक झड़प का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों सहित कुल 8 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

आधी रात को रणक्षेत्र में बदला ढाबा, मची अफरा-तफरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 17 जुलाई 2026 की रात करीब 2:30 बजे की है। जब मधुरम ढाबा एंड फैमिली रेस्टोरेंट में कुछ ग्राहक खाना खा रहे थे और सामान्य माहौल था, तभी अचानक एक दर्जन के करीब युवक हथियारों से लैस होकर ढाबे के अंदर घुस आए। बिना किसी पूर्व चेतावनी के उन्होंने वहां मौजूद लोगों पर हमला शुरू कर दिया।

सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि हमलावर किस तरह बेखौफ होकर लाठी-डंडों और हाथ-मुक्कों से मारपीट कर रहे थे। अचानक हुए इस हमले से ढाबे में भगदड़ मच गई। अपनी जान बचाने के लिए ग्राहक इधर-उधर भागने लगे। बीच-बचाव करने आए ढाबे के कर्मचारियों और अन्य लोगों के साथ भी दबंगों ने जमकर धक्का-मुक्की और बदसलूकी की।

पुरानी रंजिश बनी खूनी संघर्ष की मुख्य वजह
पुलिस की शुरुआती जांच और शिकायतकर्ता के बयानों से यह स्पष्ट हुआ है कि इस पूरे विवाद के पीछे पुरानी रंजिश थी। मामले के शिकायतकर्ता सिद्धार्थ द्विवेदी, जो मूल रूप से ग्राम सेंदाई टिकर के रहने वाले हैं और वर्तमान में बेलवा पैकान में निवास करते हैं, उन्होंने पुलिस को बताया कि वे अपने कुछ साथियों के साथ ढाबे पर मौजूद थे।

इसी दौरान राहुल सिंह अपने अन्य साथियों के साथ वहां पहुंचा और पुरानी बात को लेकर गाली-गलौज शुरू कर दी। जब सिद्धार्थ और उनके साथियों ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने आवेश में आकर ताबड़तोड़ हमले कर दिए। इस हमले में सिद्धार्थ द्विवेदी गंभीर रूप से घायल हो गए। जाते-जाते आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की खुली धमकी भी दी, जिससे पीड़ित परिवार और उसके साथी डरे हुए हैं।

मनगवां थाने में 8 नामजद आरोपियों पर केस दर्ज
घटना की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित पक्ष ने तुरंत मनगवां थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल प्रभाव से एफआईआर क्रमांक 0414/2026 दर्ज की। मनगवां पुलिस ने इस मामले में कुल 8 नामजद आरोपियों को आरोपी बनाया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जिन लोगों पर मामला दर्ज किया गया है उनमें:

  • राहुल सिंह
  • मिंटू सिंह
  • अस्सू सिंह
  • विक्रम सिंह
  • शंकर सिंह
  • अमित सिंह
  • अमरीश सिंह
  • विपिन सिंह

इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(बी), 115(2), 351(3), 324(4) और 3(5) के तहत गंभीर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

सीसीटीवी फुटेज बना पुलिस की जांच का सबसे बड़ा आधार
इस हाई-प्रोफाइल मामले में थाना प्रभारी पुष्पेंद्र मिश्रा ने मीडिया को जानकारी दी कि पुलिस के हाथ घटना का पूरा सीसीटीवी फुटेज लग चुका है। यह फुटेज आरोपियों के खिलाफ जांच का सबसे मजबूत और महत्वपूर्ण साक्ष्य बन गया है।

वीडियो फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किस आरोपी ने किस हद तक हिंसा में हिस्सा लिया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में दिखाई दे रहे अन्य अज्ञात लोगों की भी पहचान की जा रही है और साक्ष्यों की पुष्टि के बाद जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।

स्थानीय लोगों में दहशत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस दुस्साहसिक घटना के बाद से बेलवा पैकान और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भारी दहशत का माहौल है। आम नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि यदि इस तरह खुलेआम रात के वक्त होटलों और ढाबे जैसे सार्वजनिक स्थानों पर दबंगों द्वारा मारपीट की जाएगी, तो आम जनता का सुरक्षित रहना मुश्किल हो जाएगा।

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और रीवा पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ इतनी कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह के असमाजिक तत्वों की दोबारा हिम्मत न हो सके। लोग अब पुलिस गश्त बढ़ाने और ढाबों तथा होटलों पर सुरक्षा कड़ी करने की मांग कर रहे हैं।