सावधान! रीवा डी-मार्ट से खरीदा है गोवर्धन घी तो रुकें: 150 लीटर स्टॉक सील, पुणे की कंपनी से जुड़ा है खराब क्वालिटी का तार
ऋतुराज द्विवेदी (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के रीवा जिले में शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। राज्यव्यापी ‘मिलावट से मुक्ति अभियान’ के तहत जिला खाद्य सुरक्षा दल ने रीवा स्थित प्रसिद्ध रिटेल स्टोर डी-मार्ट (D-Mart) पर औचक दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान स्टोर में विक्रय हेतु रखे गए 'गोवर्धन' ब्रांड के घी के दर्जनों पैकेटों की जब्ती की गई।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों और बड़े शॉपिंग मॉल्स के संचालकों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भोपाल लैब रिपोर्ट के बाद हरकत में आया जिला प्रशासन
इस बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की नींव राजधानी भोपाल स्थित आयुक्त खाद्य सुरक्षा कार्यालय से प्राप्त प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के आधार पर पड़ी। पूर्व में लिए गए गोवर्धन ब्रांड घी के नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा गया था।
जांच रिपोर्ट के मुख्य तथ्य:
- प्रयोगशाला विश्लेषण में गोवर्धन घी के नमूने निर्धारित खाद्य मानकों (FSSAI Rules) के अनुरूप नहीं पाए गए।
- मानक गुणवत्ता में कमी और अमानक (Substandard) पाए जाने के बाद राज्य मुख्यालय से संबंधित बैच के उत्पाद को तत्काल बाजार से हटाने के निर्देश जारी किए गए।
- रीवा खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने निर्देश मिलते ही स्थानीय डी-मार्ट स्टोर में उपलब्ध स्टॉक का पूरा ब्योरा खंगाला और सीधे कार्रवाई को अंजाम दिया।
150 लीटर गोवर्धन घी जब्त: 1.29 लाख रुपए का स्टॉक सील
डी-मार्ट रीवा के परिसर में की गई विस्तृत छानबीन के दौरान खाद्य सुरक्षा दल को गोवर्धन ब्रांड घी के कुल 198 पैकेट बिक्री के लिए प्रदर्शित मिले। अधिकारियों ने तुरंत प्रभाव से पूरे स्टॉक को कब्जे में लेकर सील कर दिया।
- जब्त पैकेटों की संख्या: 198 पैकेट
- कुल सामग्री मात्रा: लगभग 150 लीटर
- अनुमानित बाजार मूल्य: ₹1,29,000 (एक लाख 29 हजार रुपए)
- वर्तमान स्थिति: संबंधित घी की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध
टीम ने जब्त किए गए समस्त घी के बैच नंबर, निर्माण तिथि और पैकिंग विवरण को शासकीय पंचनामे में दर्ज कर लिया है और स्टोर प्रबंधक को संबंधित उत्पाद की किसी भी प्रकार की बिक्री या हस्तांतरण न करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
पुणे की कंपनी पराग मिल्क फूड्स से जुड़ा है सप्लाई नेटवर्क
प्रारंभिक दस्तावेजों की पड़ताल से यह स्पष्ट हुआ है कि जब्त किया गया अमानक गोवर्धन घी पुणे (महाराष्ट्र) स्थित प्रसिद्ध डेयरी उत्पाद निर्माता कंपनी पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड (Parag Milk Foods Ltd.) द्वारा रीवा डी-मार्ट को सीधे आपूर्ति किया गया था। खाद्य सुरक्षा प्रशासन अब इस सप्लाई चेन की गहराई से जांच कर रहा है। विभाग यह पता लगा रहा है कि इस अमानक बैच के कितने पैकेट जिले के अन्य रिटेल काउंटरों या किराना व्यापारियों तक पहुंचे हैं, ताकि उन्हें भी समय रहते बाजार से वापस मंगाया (Recall) जा सके।
रीवा जिले में जारी 'मिलावट से मुक्ति अभियान' का असर
रीवा जिला कलेक्टर एवं खाद्य सुरक्षा प्रशासन के मार्गदर्शन में संपूर्ण जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी रोकने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। त्योहारों और सामान्य दिनों में भी दूध, मावा, पनीर, घी और खाद्य तेलों की गुणवत्ता की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन की इस मुहिम से जहाँ आम उपभोक्ताओं में विश्वास जगा है, वहीं अमानक या मिलावटी सामान बेचने वाले विक्रेताओं पर कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान अनवरत जारी रहेगा।
दोषियों पर वैधानिक व कानूनी दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी
जब्ती की कार्रवाई पूर्ण करने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (FSS Act 2006) के तहत वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
संबंधित निर्माण कंपनी और विक्रेता प्रतिष्ठान के विरुद्ध न्यायनिर्णयन अधिकारी (Adjudicating Officer / ADM Court) के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया जाएगा। अमानक खाद्य सामग्री के निर्माण और विक्रय के सिद्ध होने पर संबंधितों पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई भी हो सकती है।