रीवा से भोपाल तक बवाल! राहुल गांधी की राजनीति पर बोले अभय मिश्रा– 'बीजेपी का प्रोपेगैंडा पूरी तरह हुआ ध्वस्त', अफसरों की नाकामी ने डुबाया रीवा

 

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) विंध्य अंचल की राजनीति में अपने बेबाक बयानों के लिए चर्चित कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने मंगलवार को केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा तंज कसा। विधायक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत राहुल गांधी की छवि बिगाड़ने का प्रयास किया था और उन्हें 'पप्पू' कहकर प्रचारित किया था।

अंशतः तीखे तेवर दिखाते हुए विधायक अभय मिश्रा ने दावा किया कि समय बदलने के साथ अब स्थितियां पूरी तरह से उलट चुकी हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने अपनी निष्पक्ष राजनीति और धरातल पर लगातार सक्रियता के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी के बड़े-बड़े दावों की हवा निकाल दी है और उन्हें 'गप्पू' साबित कर दिया है। विधायक के इस बयान के बाद रीवा से लेकर राज्य स्तर तक की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

महंगाई के मुद्दे पर केंद्र पर प्रहार: ₹75 पार पहुंची चीनी
राष्ट्रीय और आर्थिक मुद्दों पर बोलते हुए कांग्रेस विधायक ने देश में बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आम जनता और मध्यमवर्गीय परिवार महंगाई की भीषण मार से जूझ रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार केवल विज्ञापनों और बयानों तक सीमित है।

विधायक अभय मिश्रा ने बताया कि रोजमर्रा के उपभोग की लगभग हर वस्तु के दाम आसमान छू रहे हैं। चीनी का भाव 75 रुपये प्रति किलोग्राम के पार जा चुका है, जिससे आम आदमी का रसोई बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां महंगाई पर नियंत्रण पाने में विफल रही हैं और केंद्र के दावों तथा जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर है।

रीवा में जलभराव पर तीखे सवाल: झरिया नाले पर अवैध कब्जों का आरोप
रीवा शहर में मानसून की बारिश के बाद पैदा हुए जलभराव और बाढ़ जैसे हालातों के लिए विधायक ने स्थानीय नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि रीवा शहर में बारिश का पानी बस्तियों में भरने का कारण केवल प्राकृतिक वर्षा नहीं है, बल्कि इसके पीछे मानव निर्मित प्रशासनिक विफलताएं हैं।

शहर के मुख्य जल निकासी मार्ग झरिया नाले का उदाहरण देते हुए विधायक ने गंभीर आरोप लगाया कि रसूखदार नेताओं के संरक्षण में नाले की जमीन पर अवैध कब्जे करवाए गए। नाले के प्राकृतिक प्रवाह को पाटकर और संकरा करके अवैध निर्माण व प्लाटिंग कराई गई। जब पानी के निकास के प्राकृतिक रास्ते बंद हो जाएंगे, तो शहर का जलमग्न होना स्वाभाविक है।

ड्रेनेज सिस्टम की विफलता: प्रशासनिक अनदेखी ने डुबाया शहर
शहर की बुनियादी व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए अभय मिश्रा ने कहा कि यदि रीवा में व्यवस्थित और वैज्ञानिक ड्रेनेज सिस्टम बनाया गया होता, तो आज शहरवासियों को इस संकट का सामना नहीं करना पड़ता। प्रशासनिक अनदेखी और राजनीतिक संरक्षण के चलते जल निकासी के मुख्य रास्तों से अतिक्रमण नहीं हटाया गया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि समय रहते नालों की सफाई, चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जानी चाहिए थी। जब तक शहर के प्राकृतिक नालों को अवैध कब्जों से मुक्त कराकर एक सुव्यवस्थित ड्रेनेज नेटवर्क तैयार नहीं किया जाएगा, तब तक हर बारिश में रीवा की जनता को इसी प्रकार जलभराव और भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा।