संघर्ष से सफलता तक: रीवा वेटनरी कॉलेज की छात्रा डॉ. मधु पटेल बनीं राजपत्रित अधिकारी, युवाओं के लिए बनीं मिसाल

 
रीवा की डॉ. मधु पटेल ने MPPSC पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी परीक्षा-2024 में सफलता पाकर विंध्य का मान बढ़ाया। जानिए उनकी शिक्षा और संघर्ष की पूरी कहानी।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। विंध्य की धरा ने एक बार फिर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। हाल ही में घोषित पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी परीक्षा-2024 के परिणामों में रीवा की बेटी डॉ. मधु पटेल ने शानदार सफलता अर्जित की है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार को गौरवान्वित किया है, बल्कि पूरे जिले के मान-सम्मान में चार चाँद लगा दिए हैं।

पारिवारिक पृष्ठभूमि: माता-पिता के सपनों को डॉ. मधु पटेल ने दी नई उड़ान
डॉ. मधु पटेल की सफलता के पीछे उनके माता-पिता का अटूट विश्वास और संघर्ष छिपा है। वे स्वर्गीय बृजेन्द्र कुमार पटेल एवं पुष्पा पटेल की सुपुत्री हैं। पिता का साया सिर से उठने के बावजूद, डॉ. मधु ने कभी हिम्मत नहीं हारी। उनकी माँ पुष्पा पटेल ने हमेशा उन्हें पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया। आज जब मधु का चयन राजपत्रित अधिकारी के रूप में हुआ है, तो उनके घर 'पुरवा' और आसपास के क्षेत्रों में जश्न का माहौल है।

शैक्षणिक यात्रा: रीवा वेटनरी कॉलेज से MPPSC तक का सफर कैसे तय किया?
डॉ. मधु की सफलता की नींव रीवा की मिट्टी में ही रखी गई थी। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद पशु चिकित्सा के क्षेत्र को करियर के रूप में चुना।

स्नातक (B.V.Sc): उन्होंने पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालय, रीवा से अपनी ग्रेजुएशन पूरी की।
स्नातोत्तर (M.V.Sc): उच्च शिक्षा की ललक उन्हें इसी कॉलेज में पीजी तक ले गई, जहाँ उन्होंने पशु चिकित्सा की बारीकियों को सीखा।

कॉलेज के दिनों से ही मधु एक अनुशासित और मेधावी छात्रा रही हैं। उनके शिक्षकों का कहना है कि उनमें कठिन विषयों को समझने और पशु सेवा के प्रति एक अलग ही जुनून था।

वर्तमान कार्यक्षेत्र: सिंगरौली के देवरस में डॉ. मधु पटेल वर्तमान में क्या कर रही हैं?
डॉ. मधु केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि वे जमीन पर उतरकर कार्य कर रही हैं। वर्तमान में वे जिला सिंगरौली के ब्लॉक देवरस में वेटनरी ऑफिसर (VO) के पद पर तैनात हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल और किसानों को जागरूक करने का अनुभव उन्हें इस नई जिम्मेदारी (विस्तार अधिकारी) में काफी मदद करेगा। अब वे नीति-निर्धारण और योजनाओं के क्रियान्वयन में बड़ी भूमिका निभाएंगी।

सफलता का श्रेय: गुरुजनों और मित्रों का सहयोग रहा सबसे अहम
अपनी इस बड़ी जीत पर डॉ. मधु पटेल का कहना है कि यह सफलता अकेले उनकी नहीं है। वे इसका श्रेय अपने स्वर्गीय पिता के आशीर्वाद, माता के संघर्ष, और महाविद्यालय के गुरुजनों को देती हैं। विशेष रूप से डॉ. बृजेश ओझा, डॉ. अभिलाषा सिंह और डॉ. कुमार गोविल जैसे प्राध्यापकों ने उन्हें हर कदम पर गाइड किया। उनके चयन की खबर मिलते ही कॉलेज कैंपस में मिठाइयां बांटी गईं और उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

विंध्य की बेटियों के लिए प्रेरणा बनीं डॉ. मधु पटेल
डॉ. मधु की यह उपलब्धि उन सभी युवाओं के लिए एक संदेश है जो संसाधनों की कमी या व्यक्तिगत दुखों के कारण हार मान लेते हैं। रीवा जैसे शहर से निकलकर प्रदेश स्तर की परीक्षा में सफल होना यह दर्शाता है कि यदि संकल्प दृढ़ हो, तो कोई भी बाधा आपको नहीं रोक सकती। विंध्य क्षेत्र को अपनी इस बेटी पर गर्व है।