रीवा पुलिस की फजीहत! 'नशे से दूरी' अभियान के बीच नशे में धुत मिला थाने का मुंशी, खुद को बताया 'पुलिस लाइन का गुंडा' : निलंबित
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में पुलिस महकमे की किरकिरी कराने वाला एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। जहां एक तरफ पूरा पुलिस प्रशासन इन दिनों "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" नाम से एक बड़ा जन-जागरूकता अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी तरफ खाकी वर्दी पहनने वाले जिम्मेदार कर्मचारी ही थानों के भीतर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। अमहिया थाने में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक (मुंशी) का शराब के नशे में धुत होकर थाने के अंदर हाईवोल्टेज ड्रामा करने का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रीवा पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से कड़ा एक्शन लिया है।
थाने के भीतर लड़खड़ाते हुए मुंशी का हंगामा
यह सनसनीखेज वाकया रीवा के अमहिया थाना परिसर का बताया जा रहा है। वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि थाने में मुंशी के रूप में पदस्थ अच्छेलाल सिंह अत्यधिक मात्रा में शराब के नशे में डूबे हुए हैं। उनके पैर लड़खड़ा रहे हैं और वे होशोहवास खोकर थाने के अंदर ही अजीबोगरीब हरकतें कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि खाकी वर्दी और पुलिस महकमे के अनुशासन को ताक पर रखकर यह कर्मचारी सरेआम यह स्वीकार कर रहा है कि उसने ड्यूटी के दौरान शराब पी रखी है।
वीडियो में खुद कबूली दो बोतल और पैग मारने की बात
वायरल हो रहे इस वीडियो क्लिप में शराबी मुंशी कैमरे के सामने खुद अपनी जुबान से अपनी कारगुजारियों का बखान कर रहा है। वह कैमरे और वहां मौजूद लोगों के सामने बेझिझक बोल रहा है कि उसने जमकर नशा किया है। मुंशी के इस बेपरवाह रवैए से साफ जाहिर होता है कि खाकी पहनने वाले कुछ कर्मचारियों में कानून और उच्च अधिकारियों का खौफ किस हद तक खत्म हो चुका है। थाने जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह का तमाशा देखकर हर कोई हैरान है।
खुद को बताया 'पुलिस लाइन का गुंडा'
नशे की गहराई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मुंशी ने अपनी ही विभाग की गरिमा को तार-तार करते हुए खुद को "पुलिस लाइन का गुंडा" तक कह डाला। इतना ही नहीं, अपनी धौंस जमाने के लिए उसने कुछ पूर्व और वर्तमान वरिष्ठ अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल करते हुए खुद को उनका करीबी और असिस्टेंट होने का दावा किया। थाने के भीतर इस तरह की अमर्यादित भाषा और गुंडागर्दी भरे लहजे ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एसपी डॉ. गुरकरण सिंह का कड़ा एक्शन, प्रधान आरक्षक सस्पेंड
मामला जब रीवा के पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरण सिंह तक पहुंचा, तो उन्होंने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया। अनुशासनहीनता और विभाग की छवि खराब करने के इस कृत्य पर एसपी ने बिना किसी देरी के तुरंत कड़ा कदम उठाया।
रीवा एसपी ने आरोपी प्रधान आरक्षक अच्छेलाल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच के निर्देश भी दे दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि विभाग में इस तरह की अनुशासनहीनता या अवैध हरकतों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कठोर वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
जनता के बीच उठ रहे तीखे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद से रीवा शहर में आम नागरिकों के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि जब रक्षक ही खुद कानून और नियमों की धज्जियां उड़ाएंगे, तो आम जनता की सुरक्षा कौन करेगा। एक तरफ पुलिस जनता को नशा मुक्ति का पाठ पढ़ा रही है, वहीं थानों के भीतर इस प्रकार के शराबी कारनामे पूरे विभाग की साख पर बट्टा लगा रहे हैं। नागरिकों ने मांग की है कि ऐसे लापरवाह और बेलगाम कर्मियों के खिलाफ नौकरी से बर्खास्तगी जैसी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।