लापरवाही की हद: रीवा में 14 महीने से लापता है दिव्यांग युवक, ढूंढने के बजाय फरियादी पर ही दबाव बना रही सगरा पुलिस

 

रीवा: मध्यप्रदेश के रीवा जिले से खाकी को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ एक बेबस पिता अपने 25 वर्षीय दिव्यांग बेटे की तलाश में पिछले एक साल से दर-दर की ठोकरें खा रहा है, लेकिन पुलिस प्रशासन मदद करने के बजाय पीड़ित परिवार को ही प्रताड़ित करने में जुटा है। मामला थाना सगरा के अंतर्गत आने वाले ग्राम लौआ सागर का है।

क्या है पूरा मामला?
वीरखाम (थाना सेमरिया) निवासी महेश सिंह का 25 वर्षीय पुत्र शुभम सिंह, जो मानसिक रूप से विकसित नहीं है और बोल पाने में भी असमर्थ है, वह दिनांक 29 नवंबर 2024 को ग्राम लौआ सागर, सेंदुरा से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिजनों ने काफी तलाश के बाद 2 दिसंबर 2024 को थाना सगरा में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई (पंजीयन संख्या: 0035/2024)।

जांच के नाम पर सिर्फ आश्वासन और दुर्व्यवहार
पीड़ित पिता महेश सिंह का आरोप है कि जांच अधिकारी रामनारायण त्रिपाठी मामले में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं।

  • ब्लैकलिस्ट किया नंबर: जब भी पिता अपने बेटे की जानकारी लेने के लिए अधिकारी को फोन करते हैं, तो उन्हें 'जांच जारी है' कहकर टाल दिया जाता है। हद तो तब हो गई जब जांच अधिकारी ने फरियादी का नंबर ही ब्लैकलिस्ट (Block) कर दिया ताकि उन्हें जवाब न देना पड़े।
  • CM हेल्पलाइन बंद करने का दबाव: न्याय न मिलने पर पीड़ित ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का सहारा लिया। लेकिन आरोप है कि आरक्षक राम लखन पांडे 4-5 अन्य पुलिसकर्मियों के साथ महेश सिंह के घर पहुंचे और मदद करने के बजाय उन पर शिकायत बंद करने का भारी दबाव बनाया।

परिवार की गुहार और इनाम की घोषणा
पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस का यह रवैया अमानवीय है। एक दिव्यांग बेटा जो बोल नहीं सकता, वह किस हाल में होगा, यह सोचकर पूरा परिवार सदमे में है। पुलिस के सिस्टम से हारकर अब पिता ने जनता से मदद की अपील की है।

₹50,000 का नकद इनाम: जो भी व्यक्ति शुभम सिंह का पता बताएगा या उन्हें सकुशल परिवार तक पहुँचाएगा, उसे परिवार की ओर से 50,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।

उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग
पीड़ित पिता ने अब पुलिस महानिरीक्षक (IG) और पुलिस अधीक्षक (SP) रीवा से गुहार लगाई है कि इस संवेदनशील मामले की जांच किसी अन्य निष्पक्ष अधिकारी से कराई जाए और उनके बेटे को ढूंढने में तत्परता दिखाई जाए।