फर्जी आधार कार्ड, बदला हुआ सरनेम और बेवफाई! रीवा के पंगत होटल में रंगे हाथ पकड़े गए सीधी के पति-पत्नी का बीच सड़क तमाशा

 
 मध्य प्रदेश के रीवा स्थित पंगत होटल में जालसाजी कर रुके पति को पत्नी रानू पांडेय ने पकड़ा; कमरा बुक करने के लिए उपयोग किया गया था नकली पहचान पत्र।

विंध्य क्षेत्र के रीवा जिले से पारिवारिक कलह और धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। यहां एक महिला ने अपने जीवनसाथी को किसी अन्य युवती के साथ एक स्थानीय विश्राम गृह में रंगे हाथों दबोच लिया। यह पूरा घटनाक्रम नए बस स्टैंड के समीप संचालित पंगत होटल का बताया जा रहा है। भनक लगते ही मौके पर पहुंची आक्रोशित पत्नी ने आव देखा न ताव, कमरे के भीतर ही पति पर थप्पड़ों की बौछार कर दी। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कमरे में मौजूद दूसरी युवती अत्यधिक भयभीत नजर आई।

प्राप्त विवरण के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला का नाम रानू पांडेय है, जबकि उसके पति की पहचान प्रकाश सिंह चौहान के रूप में हुई है। यह जोड़ा मूल रूप से पड़ोसी जिले सीधी का रहने वाला है। इन दोनों ने बीते वर्ष 3 जुलाई 2025 को कानूनी तौर पर अदालती विवाह (कोर्ट मैरिज) किया था। हालांकि, विवाह के कुछ समय बाद ही प्रकाश ने दूरी बना ली और वह अलगाव (तलाक) के प्रयास में जुट गया। वर्तमान में इस हाई-वोल्टेज ड्रामे और मारपीट का दृश्य सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है।

पति को होटल में लड़की संग देखकर गुस्से में पीटा।

युवक के साथ होटल में मिली लड़की। पत्नी ने मचाया बवाल।

पति को होटल से पकड़कर कमरे से बाहर निकाला।

संदेह से खुलासे तक: सहेली की गुप्त सूचना पर होटल पहुंची विवाहिता 
विवाहिता रानू पांडेय ने बताया कि वह रविवार के दिन किसी शैक्षणिक कार्य के सिलसिले में अपने गृह नगर से रीवा आई हुई थी। इसी बीच उसके एक परिचित ने उसे फोन पर अत्यंत गोपनीय जानकारी दी कि उसका पति प्रकाश इस समय रीवा के नए बस स्टैंड के पास स्थित पंगत होटल के एक कमरे में किसी अजनबी लड़की के साथ समय बिता रहा है।

"इस अप्रत्याशित सूचना ने मुझे झकझोर कर रख दिया। मैं बिना एक पल गंवाए सीधे पंगत होटल के लिए रवाना हो गई। वहां पहुंचने के बाद लगभग दो घंटों तक मैंने होटल के विभिन्न हिस्सों की खाक छानी, तब जाकर मुझे उस सटीक कमरे का पता चला जहां दोनों छिपे हुए थे।" - रानू पांडेय (पीड़ित पत्नी)

पहचान छुपाने का बड़ा खेल: जाली दस्तावेज और बदले हुए उपनाम से कमरा अलॉट 
इस पूरे प्रकरण में एक गंभीर प्रशासनिक और कानूनी गड़बड़ी भी उजागर हुई है। जब होटल के बुकिंग रजिस्टर और पहचान पत्रों की पड़ताल की गई, तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। वह कमरा प्रकाश ने अपने वास्तविक नाम से आरक्षित नहीं कराया था। बुकिंग के लिए आकाश सिंह चौहान नामक व्यक्ति के पहचान पत्र का उपयोग किया गया था।

पति और प्रेमिका को ऑटो में बैठाकर ले जाती पत्नी।

इतना ही नहीं, प्रकाश के साथ जो युवती वहां मौजूद थी, उसकी प्रविष्टि (एंट्री) सुनिश्चित करने के लिए एक फर्जी आधार कार्ड प्रबंधन को सौंपा गया था। कानूनी कार्रवाई और पहचान से बचने के लिए उस पहचान पत्र में युवती का सरनेम (जाति नाम) भी परिवर्तित किया गया था। इस गंभीर जालसाजी के सामने आने के बाद अब पंगत होटल के उत्तरदायित्व पर भी उंगलियां उठ रही हैं कि उन्होंने बिना उचित प्रमाणीकरण के कमरा कैसे दे दिया।

कक्ष क्रमांक 108 का सच: किवाड़ खुलते ही सामने आया बेवफाई का नजारा 
रानू पांडेय जब ढूंढते हुए होटल की प्रथम मंजिल पर स्थित कमरा नंबर 108 के मुख्य द्वार पर पहुंची, तो उसने जोर-जोर से दरवाजा पीटना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि महिला अत्यंत क्रोध में है और तीखे शब्दों का प्रयोग करते हुए द्वार खोलने की जिद कर रही है। काफी देर की खामोशी के बाद जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, तो महिला के बढ़ते दबाव के आगे झुकते हुए प्रकाश ने कुंडी खोली।

कपाट खुलते ही रानू का अंदेशा सच में बदल गया। उसका पति अंदर एक अज्ञात लड़की के साथ पलंग पर बैठा था। इस दृश्य ने रानू के सब्र का बांध तोड़ दिया और उसने तत्काल कमरे में दाखिल होकर प्रकाश की पिटाई शुरू कर दी।

विवाद के दौरान कमरे के भीतर का संवाद:

  • रानू (पत्नी): "जब हमारा अभी तक कानूनी तौर पर संबंध विच्छेद नहीं हुआ है, तो तुम यहां चोरी-छिपे क्या कर रहे हो?"
  • युवती: "आप कौन हैं? प्रकाश ने तो मुझे अंधेरे में रखा और कहा कि वह अविवाहित है! मेरी तो अभी उम्र ही क्या है, मुझे इस सब में क्यों घसीटा?"
  • प्रकाश (पति): "मुझे फंसाया गया है, यह लड़की खुद मुझे यहां लेकर आई है..." (हालांकि, कमरे में मौजूद दोनों महिलाओं ने उसके इस खोखले दावों को तुरंत खारिज कर दिया)।

पुलिस चौकी तक पहुंची रार: एक तरफ 'तलाक की जिद', दूसरी तरफ 'हक का दावा' 
होटल परिसर में करीब आधे घंटे तक चले इस तमाशे के बाद वहां लोगों का भारी हुजूम इकट्ठा हो गया। रानू अपने पति का कॉलर पकड़कर उसे घसीटते हुए होटल से बाहर ले आई। सड़क पर भी उसने उसे सबक सिखाया और फिर एक ऑटो रिक्शा में जबरन बैठाकर सीधे सिविल लाइन थाना रीवा ले गई।

थाने के प्रांगण में दोनों पक्षों ने मीडिया और पुलिस के सामने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं:

पक्ष    आधिकारिक पक्ष / आरोप
रानू पांडेय (पत्नी)    "यदि इसे किसी और के साथ ही रिश्ता रखना था, तो मुझसे विवाह का ढोंग क्यों रचाया? यह विगत छह महीनों से अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहा है। मैं इसकी कानूनी रूप से ब्याहता पत्नी हूं और इसे इतनी आसानी से किसी अन्य के लिए नहीं छोड़ सकती। मैं किसी भी कीमत पर सहमति से अलग नहीं होऊंगी।"

प्रकाश सिंह चौहान (पति)    "इस महिला से विवाह करना मेरे जीवन की सबसे विचारहीन और बड़ी भूल थी। मैंने वह गलती की थी, परंतु अब मैं उस बंधन से मुक्त होना चाहता हूं। मेरा इसके साथ रहने का कोई इरादा नहीं है। मैं अपने नए साथी के साथ जीवन की एक नई शुरुआत करने का मन बना चुका हूं।"

कानूनी रुख: सिविल लाइन थाना प्रभारी का मामले पर आधिकारिक वक्तव्य 
इस संवेदनशील और पारिवारिक विवाद को लेकर रीवा के सिविल लाइन थाना प्रभारी विजय सिंह ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि दोपहर के समय पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचना मिली थी कि नए बस स्टैंड क्षेत्र के एक निजी होटल में पति-पत्नी के बीच हिंसक झड़प और हंगामा हो रहा है।

सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल तुरंत घटना स्थल पर पहुंचा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों सहित संबंधित युवती को थाने लेकर आया। थाना प्रभारी के मुताबिक, दोनों पक्षों के बयानों को दर्ज किया जा रहा है। वर्तमान में पत्नी की ओर से लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। मामले में होटल बुकिंग के दौरान उपयोग किए गए जाली दस्तावेजों (फर्जी पहचान पत्र) के कोण की भी गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी वैधानिक विसंगतियां या धोखाधड़ी प्रमाणित होगी, उसके अनुसार सुसंगत धाराओं में कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।