विंध्य में आसमान से बरस रही आग: रीवा में पारा 44 डिग्री के पार, अगले 3 दिन भीषण 'हीट वेव' का अलर्ट, डॉक्टरों ने दी सख्त चेतावनी
ऋतुराज द्विवेदी, रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र सहित रीवा जिले में मई का आखिरी सप्ताह आम जनता के लिए आफत बनकर आया है। जिले में सूर्यदेव के तेवर बेहद तल्ख हो चुके हैं, जिससे दोपहर के समय पूरी तरह से अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात बन रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रीवा और आसपास के इलाकों के लिए भीषण लू (Heat Wave) की चेतावनी जारी की है। साफ आसमान और लगातार चल रही शुष्क पश्चिमी हवाओं के कारण तापमान ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड को चुनौती देना शुरू कर दिया है।
पारे का टॉर्चर: लगातार बढ़ रहा है दिन और रात का तापमान
रीवा में पिछले कुछ दिनों से तापमान का ग्राफ लगातार ऊपर की तरफ भाग रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो:
- 21 मई: जिले का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास था, जिसने गर्मी की दस्तक को तेज किया।
- 22 मई: महज 24 घंटे के भीतर पारा 43 डिग्री को पार कर गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी बढ़कर 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
- 23 मई (शनिवार): आज रीवा का अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस (लगभग 44 डिग्री) तक पहुंच गया, जबकि रात का न्यूनतम तापमान भी 26.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे लोगों को रात में भी उमस और गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है।
अगले 3 दिनों का वेदर फोरकास्ट: अभी और तपेगा रीवा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, रीवा वासियों को आने वाले तीन से चार दिनों तक इस भीषण तपिश से कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
मौसम का आगामी ग्राफ:
- 24 मई: अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। यह सीजन का सबसे गर्म दिन हो सकता है।
- 25 मई: इस दिन भी पारा 45 डिग्री के आसपास ही बना रहेगा और दोपहर में झुलसाने वाली लू चलेगी।
- 26 मई: तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है, जहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है।
- मौसम विभाग की चेतावनी: 24 और 25 मई को जिले में तीव्र 'हीट वेव' की स्थिति रहेगी, इसलिए नागरिक बेहद सावधानी बरतें।
डॉ. अपराजिता पांडेय की सलाह: लापरवाही पड़ सकती है भारी
इस जानलेवा गर्मी और सीधे शरीर को भेदने वाली धूप को लेकर रीवा की प्रसिद्ध चिकित्सक जीएसएमएच की डॉ. अपराजिता पांडेय ने आम जनता के लिए स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है।
डॉक्टर की मुख्य चेतावनी:
- हीट स्ट्रोक का खतरा: डॉ. पांडेय के मुताबिक, इस समय की तेज धूप सीधे इंसानी शरीर के थर्मो-रेगुलेटरी सिस्टम पर हमला कर रही है। थोड़ी सी भी लापरवाही तुरंत हीट स्ट्रोक (लू लगना) का कारण बन सकती है।
- इनके लिए सबसे अधिक खतरा: यह मौसम बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी (जैसे बीपी या शुगर) से ग्रसित मरीजों के लिए सबसे ज्यादा घातक है।
- बचाव के उपाय: शरीर में पानी की कमी (Dehydration) न होने दें। जब भी बाहर निकलें, सिर और कान को सूती कपड़े से ढककर रखें, खाली पेट बाहर न जाएं और लगातार नींबू पानी, ओआरएस (ORS) या छाछ का सेवन करते रहें।
ग्राउंड रिपोर्ट: झुलस रही हैं रीवा की सड़कें, कूलर-पंखे भी हुए फेल
गर्मी का असर अब आम जनजीवन पर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। सुबह 10 बजते ही शहर के प्रमुख व्यापारिक केंद्र और सड़कें सुनसान होने लगती हैं।
सिरमौर चौराहा निवासी राज तिवारी ने बताया, "सुबह के 10 ही बजते हैं कि सड़कें भट्टी की तरह तपने लगती हैं। बाइक चलाना तो दूर, पैदल चलना भी दूभर है। गर्म हवाएं सीधे चेहरे पर थपेड़ों की तरह लग रही हैं।"
अमहिया क्षेत्र की रहने वाली श्रुति मिश्रा का कहना है, "अब तो रातें भी तपने लगी हैं। न्यूनतम तापमान 30 डिग्री के आसपास पहुँचने से घरों में लगे कूलर और पंखे भी केवल गर्म हवा फेंक रहे हैं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सुलाने में भारी परेशानी हो रही है।"
मौसम वैज्ञानिकों का विश्लेषण: विंध्य क्षेत्र में क्यों बढ़ रही है इतनी तपिश?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में पूर्वी मध्य प्रदेश और विंध्य क्षेत्र की ओर आने वाली हवाएं पूरी तरह शुष्क और गर्म हैं। उत्तर-पश्चिम भारत से आ रही इन गर्म हवाओं को रोकने के लिए वातावरण में कोई भी नमी या पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) मौजूद नहीं है। इसी वजह से रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली के क्षेत्रों में सूरज की किरणें सीधे धरती पर आ रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने साफ तौर पर सलाह दी है कि दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच जब तक कोई अति आवश्यक कार्य न हो, घरों से बाहर निकलने से बचें।
मई के अंतिम सप्ताह में रीवा का यह रूप बेहद डराने वाला है। 45 डिग्री तक पहुँचता पारा यह संकेत दे रहा है कि आने वाले दिन स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद संवेदनशील हैं। रीवा न्यूज़ मीडिया अपने सभी पाठकों से अपील करता है कि मौसम विभाग और डॉक्टरों द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन करें। खुद को हाइड्रेटेड रखें और अपने घर के आसपास बेजुबान पक्षियों और पशुओं के लिए पानी का इंतजाम जरूर करें।