फ्री फायर गेम से दोस्ती, अहमदाबाद से नाबालिग का अपहरण: रीवा में किराए के कमरे में रखा; मैहर से आरोपी 'दुष्कर्म' के आरोप में गिरफ्तार!

 

ऋतुराज द्विवेदी (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में डिजिटल गेमिंग से जुड़े अपराधों का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मैहर जिले के अमरपाटन क्षेत्र के रहने वाले एक 20 वर्षीय युवक को गुजरात की अहमदाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने प्रसिद्ध ऑनलाइन गेम 'फ्री फायर' (Free Fire) के जरिए गुजरात की एक 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी से संपर्क साधा, उसे अपने झांसे में लिया और फिर अहमदाबाद से बहला-फुसलाकर मध्य प्रदेश ले आया।

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने किशोरी को रीवा शहर में एक किराए का कमरा लेकर रखा था। मामला दर्ज होने के बाद गुजरात पुलिस ने मध्य प्रदेश में दबिश देकर किशोरी को पहले ही सुरक्षित बरामद कर लिया था, जबकि मुख्य आरोपी फरार चल रहा था। अब अंतरराज्यीय पुलिस कार्रवाई के तहत आरोपी को दबोच लिया गया है।

ऑनलाइन गेमिंग से व्हाट्सएप चैट: कैसे रची गई गुजरात से मध्य प्रदेश तक की साजिश
अहमदाबाद पुलिस द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पीड़ित किशोरी और मैहर जिले के अमरपाटन निवासी आरोपी शिव शांत (20 वर्ष) की पहली बातचीत 'फ्री फायर' मोबाइल गेम खेलते समय हुई थी। गेमिंग के दौरान ही दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो देखते ही देखते मोबाइल नंबरों के आदान-प्रदान तक पहुंच गई।

इसके बाद दोनों के बीच व्हाट्सएप पर नियमित बातें होने लगीं। आरोपी ने किशोरी को अपने जाल में फंसाया और फिर मध्य प्रदेश आने के लिए राजी कर लिया। दिसंबर 2025 में आरोपी खुद अहमदाबाद पहुंचा और नाबालिग को बिना परिजनों की जानकारी के अपने साथ मध्य प्रदेश ले आया। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ऑनलाइन मल्टीप्लेयर गेम्स किस तरह से साइबर अपराधियों और गलत नीयत वाले लोगों का अड्डा बनते जा रहे हैं।

रीवा में किराए का कमरा लेकर छिपाया: पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म का मामला दर्ज
आरोपी नाबालिग को अहमदाबाद से भगाकर सीधे रीवा शहर लेकर पहुंचा। उसने पहचान छिपाने के लिए रीवा के एक इलाके में किराए पर कमरा लिया और किशोरी को वहीं रखा। आरोप है कि इस दौरान उसने किशोरी के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।

उधर, अहमदाबाद में परिजनों ने जब किशोरी के अचानक गायब होने की सूचना स्थानीय थाने में दी, तो पुलिस ने तुरंत गुमशुदगी और अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मोबाइल लोकेशन और तकनीकी सर्विलांस की मदद से गुजरात पुलिस की टीम रीवा पहुंची। पुलिस ने दबिश देकर किशोरी को रीवा के उस किराए के मकान से सुरक्षित बरामद कर लिया, लेकिन पुलिस की भनक लगते ही आरोपी युवक मौके से फरार होने में कामयाब हो गया था।

अहमदाबाद पुलिस का अमरपाटन में एक्शन: स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी दबोचा गया
फरार आरोपी की तलाश में गुजरात पुलिस लगातार मध्य प्रदेश के पुलिस तंत्र के संपर्क में थी। शनिवार को अहमदाबाद पुलिस के सब-इंस्पेक्टर वीएम मकवाना के नेतृत्व में एक विशेष टीम मैहर जिले के अमरपाटन पहुंची। स्थानीय अमरपाटन थाना पुलिस के सहयोग से आरोपी के ठिकाने पर घेराबंदी की गई और उसे धर दबोचा गया।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी को अमरपाटन थाने लेकर आई, जहां प्राथमिक कागजी कार्रवाई पूरी की गई। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अपहरण और दुष्कर्म संबंधी धाराओं के साथ-साथ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। गुजरात पुलिस कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ अहमदाबाद ले गई है।

ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स और नाबालिगों की सुरक्षा: अभिभावकों के लिए सतर्कता निर्देश
इस घटना ने अभिभावकों और समाज के सामने बच्चों के सुरक्षित इंटरनेट इस्तेमाल को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑनलाइन बैटल-रॉयल गेम्स जैसे फ्री फायर या पबजी में वॉयस चैट और मैसेजिंग के फीचर्स होते हैं, जिनका फायदा उठाकर असामाजिक तत्व कम उम्र के बच्चों को अपना शिकार बनाते हैं।

अभिभावकों के लिए सुरक्षा सुझाव:

  • पेरेंटल कंट्रोल: बच्चों के मोबाइल में पेरेंटल कंट्रोल ऐप्स इंस्टॉल रखें ताकि उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर नज़र रखी जा सके।
  • अपरिचितों से दूरी: बच्चों को समझाएं कि किसी भी ऑनलाइन गेम में अनजान खिलाड़ियों के साथ अपने निजी नंबर या सोशल मीडिया हैंडल साझा न करें।
  • अचानक व्यवहार में बदलाव: यदि बच्चा घंटों अकेले गेम खेल रहा है या किसी गुप्त चैट में व्यस्त है, तो उससे मित्रवत बातचीत करें।
  • लोकेशन शेयरिंग: कभी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर अपनी रियल-टाइम लोकेशन शेयर न करने की आदत डालें।