रीवा में मायका और सोनभद्र में बेवफाई कर पति की हत्या, 4 आरोपी सलाखों के पीछे, पढ़िए रमाशंकर हत्याकांड की पूरी इनसाइड स्टोरी

 

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से एक झकझोर देने वाली आपराधिक वारदात सामने आई है, जहाँ समय से पहले घर लौटना एक व्यक्ति के जीवन का अंतिम क्षण बन गया। नार्दन कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) में बतौर सीनियर ओवरमैन के पद पर कार्यरत रमाशंकर मिश्रा (42 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है।

शुरुआती दौर में जिस घटना को अज्ञात वाहन की टक्कर या सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई थी, वह वास्तव में एक सोची-समझी साजिश, अवैध संबंधों और बर्बरतापूर्वक की गई हत्या का मामला निकला। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतक की पत्नी, उसके कथित प्रेमी और वारदात में सहयोग करने वाले दो अन्य साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

2 घंटे पहले घर पहुँचने से उजागर हुआ सच और विवाद

घटना की जड़ें 22 अगस्त की दोपहर से जुड़ी हैं। रमाशंकर मिश्रा शक्तिनगर थाना क्षेत्र की बीना कॉलोनी स्थित NCL के सरकारी क्वार्टर में अपनी पत्नी प्रियंका और दो बेटियों के साथ रहते थे। रमाशंकर की आमतौर पर सिकरौली में ट्रेनिंग/ड्यूटी चल रही थी और शनिवार को उनका आखिरी सत्र था।

सामान्य दिनों में वे शाम करीब 5 बजे तक अपने आवास पर पहुँचते थे, लेकिन 22 अगस्त को वे अचानक निर्धारित समय से लगभग दो घंटे पहले, यानी दोपहर 3 बजे ही घर लौट आए। पत्नी प्रियंका और उसके प्रेमी विकास चौहान को रमाशंकर के इतने जल्दी पहुँचने का जरा भी अंदाजा नहीं था।

घर का दरवाजा खोलते ही रमाशंकर ने प्रियंका और विकास को एक साथ संदिग्ध स्थिति में देख लिया। अचानक हुए इस खुलासे के बाद घर के भीतर तीखी नोकझोंक और भीषण विवाद शुरू हो गया।

हत्याकांड की पूरी इनसाइड स्टोरी: गला दबाकर फर्श पर पटकने का आरोप

परिजनों द्वारा जताई गई आशंका और पुलिस की पूछताछ के दौरान घटनाक्रम की खौफनाक परतें खुलीं:

  • सबूत जुटाने का प्रयास: परिजनों (रमाशंकर की देवरानी/छोटे भाई की पत्नी पूजा मिश्रा) के दावे के अनुसार, रमाशंकर ने अपने फोन से स्थिति का वीडियो बनाने या साक्ष्य जुटाने की कोशिश की, ताकि वे परिवार के सामने सच रख सकें।

  • अचानक हमला: पकड़े जाने के डर और घबराहट में प्रियंका और विकास चौहान ने रमाशंकर पर हमला कर दिया।

  • घातक वार: दोनों ने मिलकर रमाशंकर का गला घोंट दिया और उनका सिर जोर से फर्श पर पटक दिया। इसके अलावा किसी लोहे की भारी वस्तु से भी वार किए जाने का आरोप है।

  • तात्कालिक मौत: सिर में आई गंभीर चोटों और दम घुटने के कारण रमाशंकर ने मौके पर ही तड़पकर दम तोड़ दिया।

इसी दौरान पुलिस पूछताछ में आरोपियों के इस सनसनीखेज बयान की चर्चा भी सामने आई: "तू अगर 5 बजे आता तो जिंदा रहता, लेकिन आज 3 बजे ही आ गया... अब तेरे 3 तो बजाने ही होंगे।"

सड़क हादसा दिखाने की नाकाम साजिश और साक्ष्य मिटाने का प्रयास

रमाशंकर की मौत के तुरंत बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए इसे एक सड़क दुर्घटना साबित करने की योजना बनाई:

  1. सहयोगियों को बुलाना: प्रेमी विकास चौहान ने बिना वक्त गंवाए अपने दो परिचितों—अनुराग सिंह उर्फ बादल और सोनू गुप्ता को मौके पर बुलाया।

  2. शव का निपटान: चारों आरोपियों ने मिलकर रमाशंकर के शव को चादर और गमछे में अच्छी तरह लपेटा।

  3. सड़क किनारे फेंकना: रात के अंधेरे का फायदा उठाकर वे शव को बीना स्टेडियम-जमशीला मार्ग के पास सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए।

23 अगस्त को जब स्थानीय लोगों और पुलिस को शव बरामद हुआ, तो शुरुआती दृश्य किसी अज्ञात वाहन द्वारा कुचले जाने जैसा लग रहा था। हालांकि, घटनास्थल पर परिस्थितियों का मेल न खाना और शव पर मिले घावों की बनावट ने पुलिस के मन में पहला संदेह पैदा किया।

पुलिसिया जांच का दायरा: कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और फॉरेंसिक सबूत

घटना के बाद पत्नी प्रियंका अपने ससुराल में सामान्य व्यवहार करने लगी और सभी के सामने यही दावा करती रही कि रमाशंकर की मौत सड़क हादसे में हुई है। हालांकि, परिजनों को इस बात पर गहरा शक था, क्योंकि रमाशंकर का बीना स्टेडियम-जमशीला मार्ग की तरफ जाने का कोई नियमित कारण या दिनचर्या नहीं थी।

27 अगस्त को रमाशंकर के परिजनों ने औपचारिक तौर पर हत्या की आशंका जताते हुए थाने में तहरीर दी। इसके बाद क्षेत्राधिकारी (CO) हर्ष पांडेय की अगुवाई में पुलिस ने बहुआयामी जांच शुरू की:

  • तकनीकी साक्ष्य (Technical Evidence): संदिग्धों की मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाली गई।

  • लोकेशन सर्विलांस: घटना के समय और उससे पहले बीना कॉलोनी व जमशीला मार्ग के टावर लोकेशन का मिलान किया गया।

  • फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट: घर के अंदर से साक्ष्य जुटाए गए और चोटों के पैटर्न की जांच की गई।

तकनीकी कड़ियों और संदेहास्पद लोकेशन डेटा ने प्रियंका, विकास, अनुराग और सोनू की भूमिका को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया।

आर्थिक लाभ और नौकरी (अनुकंपा नियुक्ति) का एंगल: जांच की स्थिति

मृतक रमाशंकर मिश्रा NCL (नार्दन कोलफील्ड्स लिमिटेड) में सीनियर ओवरमैन के जिम्मेदार और अच्छे वेतनभोगी पद पर कार्यरत थे। उनका मासिक वेतन लगभग डेढ़ लाख रुपये था।

पुलिस जांच के दौरान यह एंगल भी सामने आया कि क्या हत्या के पीछे अनुकंपा के आधार पर NCL में स्थाई सरकारी नौकरी और कंपनी से मिलने वाले अन्य वित्तीय लाभ (पीएफ, बीमा, ग्रेच्युटी) प्राप्त करने की कोई पूर्व नियोजित साजिश थी?

पुलिस का आधिकारिक पक्ष: क्षेत्राधिकारी हर्ष पांडेय के अनुसार, आर्थिक लाभ और अनुकंपा नियुक्ति का एंगल पुलिस की जांच प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हालांकि, क्या इसके लिए कोई बाकायदा डील या पूर्व योजना बनाई गई थी, इसकी पुष्टि कानूनी साक्ष्यों और अंतिम चार्जशीट के आधार पर ही तय की जाएगी। फिलहाल इसे जांच के एक प्रमुख बिंदु के रूप में रखा गया है।

परिजनों का शक, बेटियों की स्थिति और पुलिस की त्वरित कार्रवाई

इस पूरे मामले में पारिवारिक पहलुओं और बेटियों की मौजूदगी को लेकर भी अहम तथ्य सामने आए हैं:

  • विवाह और परिवार: रमाशंकर और प्रियंका का विवाह नवंबर 2016 में हुआ था। उनके दो बेटियां हैं।

  • मायके में बड़ी बेटी: घटना से कुछ समय पहले प्रियंका अपनी छोटी बेटी को अपने साथ सोनभद्र (बीना कॉलोनी) ले आई थी, जबकि बड़ी बेटी को रीवा जिले के समान थाना क्षेत्र स्थित अपने मायके में ही छोड़ दिया था।

  • संदिग्ध गतिविधि की आशंका: परिजनों को यह भी अंदेशा है कि बड़ी बेटी ने पूर्व में घर में कुछ संदिग्ध देखा या सुना हो सकता है, जिसके कारण उसे दूर रखा गया था। हालांकि, इस बिंदु पर अभी आधिकारिक पुलिस पुष्टि बाकी है।

  • मायके भागने की कोशिश और गिरफ्तारी: जब पुलिस ने जांच तेज की, तो प्रियंका ने अचानक अपने पिता की तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर रीवा स्थित मायके भागने का प्रयास किया। परिजनों को उसकी नीयत पर शक हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने प्रियंका को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया और चारों आरोपी (प्रियंका, विकास चौहान, अनुराग सिंह उर्फ बादल, सोनू गुप्ता) गिरफ्तार कर लिए गए।