रीवा नगर निगम की कमान अब युवा IAS अक्षत जैन के हाथ: बैतूल में जल संरक्षण के लिए बटोरी थी सुर्खियां 

 

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा शहर के विकास और नगर निगम की व्यवस्थाओं को नई ऊर्जा देने के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) 2019 बैच के होनहार अधिकारी अक्षत जैन ने बतौर कमिश्नर कार्यभार संभाल लिया है। डॉ. सौरभ सोनवणे के बैतूल कलेक्टर बनने के बाद खाली हुई इस महत्वपूर्ण कुर्सी पर अब एक ऐसे अधिकारी बैठे हैं, जिन्होंने बेहद कम उम्र में अपनी प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवाया है।

बैतूल से रीवा का बढ़ता 'प्रशासनिक सेतु' 
दिलचस्प बात यह है कि हाल के दिनों में बैतूल में पदस्थ रहे अधिकारियों को रीवा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

  • पहले नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को बैतूल कलेक्टर से रीवा कलेक्टर बनाकर भेजा गया।
  • अब बैतूल जिला पंचायत के सीईओ रहे अक्षत जैन को रीवा नगर निगम कमिश्नर की जिम्मेदारी दी गई है।
  • प्रशासनिक गलियारों में इस 'बैतूल टू रीवा' ट्रांसफर को काफी सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है।

असफलता को बनाया सीढ़ी: यूपीएससी में हासिल की ऑल इंडिया रैंक-2 
अक्षत जैन की सफलता की कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। उन्होंने आईआईटी गुवाहाटी से स्नातक करने के बाद कॉलेज के तीसरे वर्ष में ही सिविल सेवा का सपना देखा था।

पहला प्रयास (2017): वे प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) भी पास नहीं कर सके थे।
दूसरा प्रयास (2018): अपनी गलतियों से सीखा और महज 23 वर्ष की आयु में पूरे भारत में दूसरी रैंक (AIR 2) हासिल कर सबको चौंका दिया।

विरासत में मिली सेवा: पिता IPS और मां IRS अधिकारी 
अक्षत जैन मूल रूप से राजस्थान के जयपुर के निवासी हैं। प्रशासनिक सेवा उनके परिवार के संस्कार में है। उनके पिता डीसी जैन (IPS) और माता सिम्मी जैन (IRS) अधिकारी हैं।

शिक्षा: 12वीं में 94% अंक हासिल करने वाले अक्षत ने आईआईटी से पढ़ाई की।
लेखक: उन्होंने सिविल सेवा के उम्मीदवारों के लिए 'Anthropology Demystified' नामक एक लोकप्रिय पुस्तक भी लिखी है। उनका विवाह निकिता जैन से हुआ है।

नेशनल अवार्ड और नवाचार: बैतूल में छोड़ी अमिट छाप 
बैतूल में बतौर जिला पंचायत सीईओ अक्षत जैन का कार्यकाल उपलब्धियों भरा रहा:

  • नेशनल वॉटर अवार्ड: जल संरक्षण और 'जल संचय जन भागीदारी' अभियान में उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें दिल्ली में केंद्रीय मंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। उनके प्रयासों से बैतूल को वेस्टर्न जोन में तीसरा स्थान मिला।
  • टीबी मुक्त अभियान: मई 2025 में जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में किए गए कार्यों के लिए उन्हें सराहना मिली।
  • नवाचार: ग्रामीण विकास और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उन्होंने नई तकनीक और पारदर्शिता का उपयोग किया।

रीवा के लिए विजन: बुनियादी सुविधाएं और त्वरित समाधान 
पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद नवागत कमिश्नर अक्षत जैन ने निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि उनकी प्राथमिकताएं निम्नलिखित होंगी:

  • शहर की बुनियादी सुविधाओं (सफाई, पानी, सड़क) में सुधार।
  • जन-समस्याओं का त्वरित निराकरण।
  • विकास कार्यों की नियमित समीक्षा और पारदर्शिता।