महज 19 की उम्र और शौक करोड़ों के! रीवा का यह लड़का प्रयागराज से ला रहा था नशीली सिरप की बड़ी खेप, अब सलाखों के पीछे
मध्य प्रदेश के रीवा जिले से अपराध और नशे के कारोबार के खिलाफ एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। रीवा की सोहागी थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए अवैध नशीली कफ सिरप की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी युवक को रंगे हाथों गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। नशे के सौदागरों के खिलाफ की गई इस बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक से पूरे इलाके के ड्रग माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
नशे का यह अवैध कारोबार अंतरराज्यीय स्तर पर फैला हुआ था, जिसके तार उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से जुड़े हुए हैं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप की खेप को बाजार में खपने से पहले ही अपने कब्जे में ले लिया। रीवा पुलिस प्रशासन द्वारा नशे के खिलाफ चलाई जा रही इस मुहिम को एक बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है।
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मुखबिर की सटीक सूचना: प्रयागराज से रीवा आ रही थी नशे की खेप
यह पूरी कार्रवाई पुलिस को मिली एक बेहद गोपनीय और सटीक सूचना के बाद मुमकिन हो सकी। रीवा के एडिशनल एसपी (ग्रामीण) संदीप मिश्रा ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि सोहागी थाना पुलिस के पास एक विश्वसनीय मुखबिर के जरिए इनपुट आया था। मुखबिर ने बताया था कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) से एक सफेद रंग की होंडा सिटी लग्जरी कार में अवैध रूप से भारी मात्रा में नशीली कफ सिरप लोड की गई है।
यह कार राष्ट्रीय राजमार्ग के रास्ते प्रयागराज से रीवा की तरफ तेजी से बढ़ रही थी। सूचना इतनी पक्की थी कि पुलिस ने बिना एक पल गंवाए तुरंत एक्शन प्लान तैयार किया। नशे की इस बड़ी खेप को रीवा की सीमा के भीतर प्रवेश करते ही दबोचने के लिए एक संयुक्त रणनीति बनाई गई, जिसमें स्थानीय पुलिस और तकनीकी सेल दोनों को शामिल किया गया।
घेराबंदी और गिरफ्तारी: सेमरिया का युवक होंडा सिटी कार सहित दबोचा गया
जैसे ही सोहागी थाना प्रभारी को मुखबिर की सूचना की पुष्टि हुई, उन्होंने तुरंत उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया। इसके बाद एडिशनल एसपी के निर्देश पर सोहागी पुलिस और साइबर सेल की एक संयुक्त विशेष टीम का गठन किया गया। इस संयुक्त टीम ने तुरंत हाईवे पर जाल बिछाया और संदिग्ध सफेद होंडा सिटी कार का इंतजार करने लगी।
कुछ ही समय बाद मुखबिर के बताए हुलिए के अनुसार एक सफेद रंग की होंडा सिटी कार आती हुई दिखाई दी। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी की और गाड़ी को बीच रास्ते में ही रोक लिया। कार को रुकवा कर जब पुलिस ने उसकी सघन तलाशी ली, तो अंदर का नजारा देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। कार के भीतर भारी मात्रा में प्रतिबंधित सिरप छिपाकर रखी गई थी।
पुलिस ने मौके से कार चला रहे मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान प्रकाश द्विवेदी (उम्र 19 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से रीवा जिले के थाना सेमरिया के अंतर्गत आने वाले ग्राम बीड़ा का निवासी है। हालांकि, वर्तमान में वह रीवा शहर के थाना बिछिया के तहत चिरहुला कॉलोनी में रह रहा था। महज 19 साल की उम्र में इस तरह की बड़ी तस्करी में शामिल होना पुलिस के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ है।
लाखों का मशरूका जब्त: कार, मोबाइल और 1312 शीशी ओनेरेक्स सिरप बरामद
जब सोहागी पुलिस और साइबर सेल की टीम ने पकड़ी गई होंडा सिटी कार (रजिस्ट्रेशन नंबर- MP 19 CB 1521) की पूरी तरह से जांच की, तो उसमें कुल 11 बड़े कार्टन (गत्ते के डिब्बे) मिले। इन कार्टनों को जब खोला गया, तो उनके अंदर से प्रतिबंधित और नशीली ओनेरेक्स (Onerex) कंपनी की कुल 1312 शीशी कफ सिरप बरामद की गई।
जब्त की गई इस कफ सिरप की कुल बाजार कीमत 2,64,368 रुपये आंकी गई है। पुलिस ने केवल सिरप ही नहीं, बल्कि तस्करी में इस्तेमाल की जा रही लग्जरी होंडा सिटी कार को भी जब्त कर लिया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 8 लाख रुपये है। इसके अलावा आरोपी के पास से एक बेहद कीमती टच स्क्रीन मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है, जिसकी कीमत 1,10,000 रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी की जेब से 440 रुपये की नकद राशि भी अपने कब्जे में ली है। इस तरह पुलिस ने इस पूरी रेड के दौरान कुल 11,74,808 रुपये (11 लाख 74 हजार 808 रुपये) का कुल मशरूका (माल) जब्त किया है।
जब्त की गई सामग्री मात्रा / विवरण अनुमानित कीमत (रुपये में)
ओनेरेक्स कफ सिरप 1312 शीशियां (11 कार्टन) 2,64,368 /-
होंडा सिटी कार नंबर: MP 19 CB 1521 8,00,000 /-
टच स्क्रीन मोबाइल 01 नग 1,10,000 /-
नकद राशि भारतीय मुद्रा 440 /-
कुल मशरूका - 11,74,808 /-
NDPS और ड्रग्स एक्ट के तहत मामला दर्ज, आगे की जांच जारी
इस बड़ी बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। एडिशनल एसपी ग्रामीण संदीप मिश्रा ने बताया कि आरोपी प्रकाश द्विवेदी के खिलाफ सोहागी थाने में अपराध क्रमांक 351/2026 दर्ज किया गया है। आरोपी पर स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) की धारा 8/21 और 22 के साथ-साथ मध्य प्रदेश ड्रग्स कंट्रोल एक्ट की धारा 5/13 के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस अब इस बात की बारीकी से तफ्तीश कर रही है कि आखिर प्रयागराज में वह कौन सा मुख्य सप्लायर है, जो इतनी भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाइयां रीवा भेज रहा था। इसके साथ ही पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स (CDR) और चैट रिकॉर्ड्स को भी खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रीवा जिले के भीतर इस नशे की खेप को किन-किन छोटे तस्करों या पेडलर्स को सप्लाई किया जाना था। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी से पूछताछ के बाद रीवा और प्रयागराज के कई बड़े सफेदपोश नशा माफियाओं के नामों का खुलासा हो सकता है।
रीवा जिले में बढ़ते नशे के कारोबार पर पुलिस प्रशासन का सख्त रुख
पिछले कुछ समय में रीवा और आसपास के विंध्य क्षेत्र में अवैध नशीली कफ सिरप की मांग और तस्करी के मामलों में तेजी देखी गई है। उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे होने के कारण रीवा जिला तस्करों के लिए एक सॉफ्ट टारगेट बनता जा रहा है। हालांकि, रीवा पुलिस के मुखिया और स्थानीय प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में किसी भी तरह के अवैध नशे के कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देशों के बाद ही जिले के सीमावर्ती थानों, जैसे कि सोहागी, चाकघाट और हनुमना में चेकिंग पॉइंट कड़े कर दिए गए हैं। साइबर सेल को भी सक्रिय किया गया है ताकि सोशल मीडिया और फोन कॉल्स के जरिए होने वाली ड्रग्स की डीलिंग पर नजर रखी जा सके। सोहागी पुलिस की यह ताजा कार्रवाई इसी सतर्कता का नतीजा है।
युवाओं में नशीली कफ सिरप के बढ़ते चलन और इसके दुष्परिणाम
कोडीन फॉस्फेट युक्त कफ सिरप, जिसका इस्तेमाल चिकित्सकीय परामर्श पर खांसी के इलाज के लिए किया जाता है, उसका आजकल के युवा नशे के विकल्प के रूप में धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। यह एक बेहद गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। 15 से 25 वर्ष के युवा इसके जाल में आसानी से फंस रहे हैं।
इस तरह की प्रतिबंधित कफ सिरप का अत्यधिक सेवन करने से सीधे सेंट्रल नर्वस सिस्टम (केंद्रीय तंत्रिका तंत्र) पर असर पड़ता है। इसके गंभीर दुष्परिणामों में शामिल हैं:
- मानसिक संतुलन का बिगड़ना और अवसाद ।
- किडनी और लीवर का पूरी तरह से डैमेज हो जाना।
- याददाश्त कमजोर होना और मतिभ्रम की स्थिति बनना।
- समय पर इलाज या लत न छूटने पर अकाल मृत्यु होना।
- प्रशासन के साथ-साथ अब समाज और अभिभावकों को भी जागरूक होने की जरूरत है ताकि उनके बच्चे इस जानलेवा लत से दूर रह सकें।