कवच योजना से किसानों को राहत: 100 करोड़ के बजट से डिफाल्टर टैग होगा खत्म, भाजपा नेता योगेंद्र शुक्ला ने बताया ऐतिहासिक कदम!
ऋतुराज द्विवेदी (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने राज्य के सर्वांगीण विकास, किसानों के कल्याण और जन-सुविधाओं के विस्तार की दिशा में कई अभूतपूर्व निर्णय लिए हैं। हाल ही में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश भर के विकास कार्यों और जन-कल्याणकारी नीतियों के लिए कुल 32,070 करोड़ रुपये की विशाल राशि की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई।
सरकार के इन निर्णयों से न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिलेगा। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया सदस्य योगेंद्र शुक्ला ने राज्य सरकार के इस कदम को प्रदेश की प्रगति में मील का पत्थर करार दिया है।
'कवच योजना' से डिफाल्टर किसानों को मिलेगी कर्ज से मुक्ति
मंत्रिपरिषद की बैठक का सबसे प्रमुख आकर्षण प्रदेश की प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) से जुड़े संकटग्रस्त किसानों के लिए 'कवच योजना' का शुभारंभ रहा। इस योजना का सीधा उद्देश्य कर्ज के बोझ तले दबे और तकनीकी या वित्तीय कारणों से डिफाल्टर घोषित हो चुके किसानों को राहत पहुंचाना है।
योजना के मुख्य बिंदु:
- 5,000 किसानों को लाभ: प्रदेश के लगभग पांच हजार किसान, जिन्होंने अपनी ओर से राशि जमा कर दी थी लेकिन समितियों के तकनीकी गतिरोध के कारण डिफाल्टर हो गए थे, उन्हें दोबारा मुख्यधारा में लाया जाएगा।
- 100 करोड़ का वित्तीय कोष: योजना को धरातल पर उतारने के लिए अपेक्स बैंक और जिला सहकारी बैंक मिलकर 50 करोड़ रुपये जुटाएंगे, जबकि राज्य सरकार अंश पूंजी (Equity) के रूप में 25 करोड़ रुपये का योगदान देगी।
- पुनः ऋण सुविधा: इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद किसान डिफाल्टर श्रेणी से बाहर होकर बैंकिंग प्रणाली और सरकारी कृषि ऋण योजनाओं का लाभ दोबारा ले सकेंगे।
शिक्षा क्षेत्र में बड़ा प्रोत्साहन: शत-प्रतिशत रिजल्ट पर 1 लाख का इनाम
प्रदेश में स्कूली शिक्षा के स्तर को ऊंचाइयों पर ले जाने और शिक्षकों में प्रतिस्पर्धात्मक ऊर्जा भरने के लिए सरकार ने विशेष प्रोत्साहन नीति की घोषणा की है।
- प्राचार्य और स्कूल को पुरस्कार: बोर्ड परीक्षाओं में लगातार तीन वर्षों तक 100 प्रतिशत परिणाम देने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों को 1 लाख रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी, जबकि संबंधित स्कूल को विकास कार्यों के लिए 5 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे।
- 60 नए सांदीपनि विद्यालय: राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दायरा बढ़ाने के उद्देश्य से 60 नवीन सांदीपनि विद्यालयों के निर्माण के लिए 25,500 करोड़ रुपये की बजटीय स्वीकृति दी गई है।
- शिक्षक भर्ती: शिक्षा तंत्र को मजबूती देने के लिए हाल ही में 10 हजार नवीन शिक्षकों की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।
स्वास्थ्य अधोसंरचना और बीमारियों की रोकथाम के लिए हजारों करोड़ स्वीकृत
नागरिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने स्वास्थ्य बजट में भी ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है।
- अस्पताल एवं इंफ्रास्ट्रक्चर: सिविल अस्पतालों, जिला अस्पतालों और औषधालयों के निर्बाध संचालन के लिए 12,517.99 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
- प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल: ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की गारंटी हेतु 11,812.02 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।
- खेल और स्टेडियम विकास: खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए 2,460.57 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली।
- वेक्टर जनित रोग नियंत्रण: मलेरिया, डेंगू जैसी गंभीर बीमारियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए 1,704.81 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
- आयुष्मान भारत एवं निरंतरता: आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 2,448 करोड़ रुपये सहित स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख योजनाओं को आगामी 5 वर्षों तक जारी रखने के लिए कुल 12,500 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए।
जनजातीय शिक्षकों के लिए चौथा समयमान और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए सरकार ने संवेदनशील निर्णय लिया है। 35 वर्ष की निर्बाध सेवा अवधि पूर्ण करने वाले जनजातीय विभाग के शिक्षकों को चौथा समयमान वेतनमान देने की मंजूरी दी गई है। इस फैसले से लंबे समय से पदोन्नति या वेतन वृद्धि का इंतजार कर रहे हजारों शिक्षकों को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचेगा।
भाजपा मीडिया सदस्य योगेंद्र शुक्ला ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
रीवा में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए भाजपा के प्रदेश मीडिया सदस्य योगेंद्र शुक्ला ने कहा कि:
"मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' के संकल्प को चरितार्थ कर रही है। कवच योजना से जहां अन्नदाता को नया जीवनदान मिलेगा, वहीं शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए भारी-भरकम निवेश से मध्य प्रदेश एक समृद्ध और सशक्त राज्य के रूप में उभरेगा।"