मैहर गोलीकांड: मौत को मात देकर लौटा युवक, रीवा के सर्जनों ने फेफड़े के पास फंसी गोली निकाल रचा इतिहास 

 

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के मैहर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने चिकित्सा जगत की विशेषज्ञता और मानवीय साहस की नई मिसाल पेश की है। मैहर के ताला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम खजुरिताल में हुई एक खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया था। यहाँ एक युवक को सोते समय घात लगाकर गोली मार दी गई थी। लेकिन कहते हैं न कि "जाको राखे साइयां मार सके न कोय", रीवा के संजय गांधी अस्पताल के डॉक्टरों ने शनिवार को अपनी सूझबूझ और तकनीकी कुशलता से युवक के शरीर से गोली निकालकर उसे नई जिंदगी दी है।

खजुरिताल में आधी रात का खौफनाक मंजर: क्या हुआ था अभिषेक के साथ? 
घटना 6 और 7 फरवरी की दरमियानी रात की है। मैहर का खजुरिताल गाँव उस समय गहरी नींद में सोया था, तभी अभिषेक दाहिया नामक युवक के घर कुछ हमलावर पहुँचते हैं। जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने सो रहे अभिषेक को पहले जगाया और इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता, उस पर बेहद करीब से गोली चला दी।

गोली की आवाज और अभिषेक की चीख सुनकर परिजन मौके पर दौड़े, लेकिन तब तक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो चुके थे। अभिषेक खून से लथपथ तड़प रहा था। परिजनों ने बिना समय गंवाए उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया, जहाँ से उसकी नाजुक हालत को देखते हुए तत्काल रीवा के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल रेफर कर दिया गया।

रीवा के डॉक्टरों की जांबाजी: एक घंटे तक चला जीवन और मृत्यु का संघर्ष 
जब अभिषेक को रीवा लाया गया, तो उसकी स्थिति काफी चिंताजनक थी। एक्स-रे और अन्य मेडिकल जांचों में जो खुलासा हुआ, उसने डॉक्टरों की चुनौती को और बढ़ा दिया। गोली अभिषेक के दाहिने फेफड़े के ऊपरी हिस्से को मामूली रूप से रगड़ते हुए ठीक बगल की मांसपेशियों के भीतर जाकर फंस गई थी।

डॉ. आशय द्विवेदी और डॉ. शैलेन्द्र सिंह के नेतृत्व में एक विशेषज्ञ टीम का गठन किया गया। डॉक्टरों के सामने दोहरी चुनौती थी: पहली कि फेफड़े को कोई नुकसान न पहुँचे और दूसरी कि अंदरूनी रक्तस्राव को तुरंत रोका जाए।

ऑपरेशन की बारीकियां

  • समय सीमा: सर्जरी कुल एक घंटे तक चली।
  • जटिलता: गोली फेफड़े के बेहद करीब थी, जरा सी चूक जानलेवा हो सकती थी।
  • सफलता: डॉक्टरों ने सटीकता के साथ चीरा लगाकर मांसपेशियों में धंसी हुई गोली को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

ऑपरेशन के बाद अभिषेक को आईसीयू में शिफ्ट किया गया है, जहाँ उसकी हालत अब खतरे से बाहर और स्थिर बताई जा रही है।

ताला थाना पुलिस की जांच: आरोपियों की तलाश में जुटी टीमें 
इस सनसनीखेज वारदात के बाद मैहर पुलिस प्रशासन भी हरकत में आ गया है। ताला थाना पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या के प्रयास (धारा 307) सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। शुरुआती जांच में यह आपसी रंजिश का मामला लग रहा है, लेकिन पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।

परिजनों से पूछताछ की जा रही है कि आखिर अभिषेक का किसी से कोई पुराना विवाद तो नहीं था। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान जल्द कर ली जाएगी और वे सलाखों के पीछे होंगे। फिलहाल, युवक के होश में आने के बाद उसके बयान दर्ज किए जाएंगे, जो इस केस की गुत्थी सुलझाने में सबसे अहम कड़ी साबित होंगे।

मेडिकल टीम की मेहनत और परिवार की राहत
इस घटना ने जहाँ एक तरफ समाज में बढ़ते अपराधों पर चिंता पैदा की है, वहीं रीवा के संजय गांधी अस्पताल के डॉक्टरों ने अपनी काबिलियत से जनता का भरोसा चिकित्सा व्यवस्था पर और मजबूत किया है। अभिषेक के माता-पिता के लिए यह किसी पुनर्जन्म से कम नहीं है। अस्पताल परिसर में सफल ऑपरेशन के बाद परिजनों की आँखों में खुशी के आंसू साफ देखे जा सकते थे।