विंध्य में ठंड का टॉर्चर! कोहरे की सफेद चादर में कैद हुए रीवा-सतना, बर्फीली हवाओं ने थामी रफ्तार; सावधान! 1 फरवरी से फिर शुरू होगी आफत की बारिश

 

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम के मिजाज ने एक बार फिर खौफनाक करवट ली है। बारिश और ओलावृष्टि का दौर हल्का पड़ते ही पूरे प्रदेश को 'कोहरे और शीतलहर' ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। शुक्रवार की सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में सूरज के दर्शन दुर्लभ हो गए, वहीं बर्फीली हवाओं ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है।

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कोहरे का कहर: सतना में विजिबिलिटी महज 50 मीटर

शुक्रवार की सुबह सतना, रीवा, ग्वालियर और गुना में घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर देखा गया। सतना में स्थिति यह थी कि विजिबिलिटी घटकर मात्र 50 मीटर रह गई, जिससे सड़कों पर गाड़ियां रेंगती नजर आईं। भोपाल और इंदौर समेत 20 से ज्यादा जिलों में कोहरे की सफेद चादर ने सुबह की शुरुआत की।

राजगढ़ में रिकॉर्ड तोड़ ठंड; 19 जिलों में पारा 10 डिग्री के नीचे
प्रदेश में राजगढ़ सबसे ठंडा इलाका दर्ज किया गया, जहाँ न्यूनतम तापमान गिरकर 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है। प्रदेश के 19 प्रमुख शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है, जिससे रातें और अधिक ठंडी हो गई हैं। ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है।

अगले 3 दिन फिर होगी बारिश: मौसम विभाग का 'येलो अलर्ट'
मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि राहत अभी दूर है। आगामी 31 जनवरी से 2 फरवरी तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है:

जनवरी: ग्वालियर, मुरैना, दतिया और सागर समेत बुंदेलखंड-चंबल में बारिश।

  • 1 फरवरी: भोपाल, इंदौर, राजगढ़ और रीवा संभाग में तेज बारिश का अनुमान।
  • 2 फरवरी: जबलपुर, शहडोल और सिंगरौली सहित पूर्वी एमपी में झमाझम बारिश और बादलों का डेरा।

एमपी के महानगरों में सर्दी का ऐतिहासिक सफर
मध्य प्रदेश के बड़े शहरों में जनवरी हमेशा से ही चुनौतीपूर्ण रहा है। आइए जानते हैं ऐतिहासिक रिकॉर्ड:

भोपाल: यहाँ का अब तक का सबसे कम तापमान 0.6 डिग्री (1935) रहा है।

  • इंदौर: मालवा के इस केंद्र में पारा -1.1 डिग्री (1935) तक गिरकर रिकॉर्ड बना चुका है।
  • ग्वालियर: उत्तरी हवाओं का गेटवे कहे जाने वाले इस शहर में पारा -1.1 डिग्री (1954) रह चुका है।
  • उज्जैन: बाबा महाकाल की नगरी में भी सर्दी 0 डिग्री (1962) का स्तर छू चुकी है।
  • जबलपुर: संस्कारधानी में रिकॉर्ड ठंड 1.1 डिग्री (1946) दर्ज की गई थी।

किसानों के लिए सलाह: फसलों का रखें खास ख्याल
लगातार हो रही बारिश और कोहरे से फसलों में 'महावट' का लाभ तो है, लेकिन अधिक नमी से पाले (Frost) का खतरा बढ़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में हल्का धुआं करें और नमी बनाए रखें ताकि पाले से फसल का बचाव हो सके।