नवागत कमिश्नर अक्षत जैन के तेवर सख्त: रीवा की सड़कों पर 'अतिक्रमण' के खिलाफ बजा बिगुल, दुकानदारों को दी आखिरी समझाइश

 

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा नगर निगम के नए मुखिया के रूप में पदभार ग्रहण करते ही आईएएस अक्षत जैन ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी प्राथमिकता शहर को व्यवस्थित और जाम मुक्त बनाना है। कार्यभार संभालते ही वे सीधे मैदान में उतरे और शहर के सबसे व्यस्ततम मार्ग— अस्पताल चौराहे से सिरमौर चौराहे तक का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सड़क के दोनों ओर पसरे अतिक्रमण को देखकर कड़ी नाराजगी जाहिर की।

समझाइश या चेतावनी? कमिश्नर का सीधा संवाद
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर अक्षत जैन ने दुकानदारों से सीधा संवाद किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि सड़क के हिस्से पर किया गया कोई भी कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • न्यायोचित कदम: कमिश्नर ने दुकानदारों को समझाते हुए कहा, "प्रशासन शहर की बेहतरी और सड़क चौड़ीकरण के लिए कार्य कर रहा है। इसमें सहयोग करना आपके लिए और शहर के भविष्य के लिए न्यायोचित है।"
  • अल्टीमेटम: उन्होंने व्यापारियों को स्वयं अपना अतिक्रमण हटाने के लिए समय दिया है, ताकि भविष्य में होने वाली दंडात्मक कार्रवाई और आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।

सड़क चौड़ीकरण: विकास की पहली प्राथमिकता
अस्पताल चौराहा और सिरमौर चौराहा रीवा की जीवनरेखा कहे जाते हैं। यहाँ बढ़ते ट्रैफिक और अतिक्रमण के कारण आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है।

प्लान: कमिश्नर का उद्देश्य सड़क को पूरी क्षमता के साथ खोलना है ताकि यातायात सुचारू हो सके।
कार्रवाई का संकेत: यदि दुकानदार स्वयं आगे आकर अतिक्रमण नहीं हटाते हैं, तो नगर निगम का 'पीला पंजा' (बुलडोजर) गरजने के लिए तैयार है।

प्रशासन के कार्य में सहयोग की अपील
अक्षत जैन ने व्यापारियों से अपील की है कि वे प्रशासन को अपना दुश्मन न समझें, बल्कि शहर को स्मार्ट और सुंदर बनाने में भागीदार बनें। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता रखी जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर बिना किसी दबाव के कार्रवाई की जाए।

"दैनिक रीवा न्यूज़ मीडिया" का नजरिया: क्या यह स्थायी समाधान होगा?
रीवा की जनता ने पहले भी कई कमिश्नरों को अतिक्रमण हटाते देखा है, लेकिन कुछ ही दिनों बाद स्थिति फिर जस की तस हो जाती है। अक्षत जैन के इस 'ऑन-द-स्पॉट' एक्शन से उम्मीद जागी है कि शायद इस बार जानकी पार्क मार्ग और मुख्य चौराहों को स्थायी रूप से अतिक्रमण मुक्त कराया जा सकेगा।