रीवा में अपराधियों का काल बनी जनेह पुलिस! नाबालिग को हवस का शिकार बनाने वाले आरोपी महाकाल की हेकड़ी पुलिस ने निकाल दी है। जानिए कैसे पहुँचा सलाखों के पीछे..."

 
जनेह थाना पुलिस ने अपहरण और बलात्कार के फरार आरोपी महाकाल सिंह को दबोचा, शादी का दबाव बनाकर की थी हैवानियत। Rewa Police arrested rape accused.

रीवा जिले के जनेह थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ पुलिस ने एक नाबालिग बच्ची के साथ हैवानियत करने वाले फरार आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी महाकाल सिंह उर्फ अरुण सिंह पिछले कई महीनों से पुलिस की आँखों में धूल झोंक कर फरार चल रहा था। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया है, जिससे इलाके में कानून के इकबाल की चर्चा हो रही है।

कैसे शुरू हुई यह खौफनाक वारदात?
मामले की शुरुआत 31 जनवरी 2026 को हुई थी, जब आरोपी ने एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर उसका अपहरण कर लिया था। पीड़िता की माँ ने 1 फरवरी को जनेह थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शुरुआती जांच में पुलिस ने धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस की सक्रियता के कारण बालिका को जल्द ही बरामद कर लिया गया, लेकिन असली कहानी तब सामने आई जब पीड़िता ने अपने बयान दर्ज कराए।

पुलिस की कार्रवाई और बीएनएस की नई धाराएं
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी महाकाल सिंह उसे जबरन अपने साथ ले गया था। जांच के दौरान जैसे-जैसे तथ्य सामने आए, पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए धाराओं में इजाफा किया। अब इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराएं जोड़ी गई हैं:

  • धारा 64(2)(m): दुष्कर्म के लिए।
  • धारा 65(1): नाबालिग के साथ अपराध।
  • धारा 296(ए) व 115(2): गाली-गलौज और मारपीट के लिए।
  • पॉक्सो एक्ट (POCSO Act): नाबालिगों के संरक्षण के लिए विशेष कानून।

शादी का झांसा और फिर हैवानियत
पीड़िता के बयानों के अनुसार, आरोपी महाकाल सिंह लगातार उस पर शादी करने का दबाव बना रहा था। जब नाबालिग ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने सारी हदें पार कर दीं। उसने न केवल पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाए, बल्कि विरोध करने पर उसे बुरी तरह पीटा और गाली-गलौज की। शारीरिक चोटों के निशान और मेडिकल रिपोर्ट ने आरोपी की क्रूरता की पुष्टि की। घटना के बाद से ही आरोपी अपना ठिकाना बदल-बदल कर रह रहा था।

न्यायालय का फैसला: सलाखों के पीछे आरोपी
जनेह थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 6 अप्रैल 2026 को सटीक सूचना के आधार पर महाकाल सिंह की घेराबंदी की। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसे त्योंथर न्यायालय में पेश किया गया। मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए माननीय न्यायालय ने आरोपी का जेल वारंट जारी कर दिया। फिलहाल, आरोपी को जेल भेज दिया गया है और पुलिस अब इस मामले में चार्जशीट पेश करने की तैयारी कर रही है।

समाज के लिए कड़ा संदेश
रीवा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। नए कानून (BNS) के तहत की गई यह कार्रवाई अपराधियों के मन में खौफ पैदा करने वाली है। रीवा न्यूज़ मीडिया की टीम आम जनता से अपील करती है कि अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।