रीवा: आज से अमहिया में 'ऑपरेशन क्लीन' शुरू! 165 अवैध निर्माणों पर गरजेगी नगर निगम की जेसीबी; मास्टर प्लान के लिए प्रशासन ने कसी कमर
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा शहर की धड़कन कहे जाने वाले अमहिया मार्ग की सूरत बदलने वाली है। नगर निगम और जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि विकास की राह में आने वाले किसी भी अतिक्रमण को बख्शा नहीं जाएगा।
सोमवार सुबह से अमहिया मार्ग पर नगर निगम का भारी अमला जेसीबी मशीनों के साथ उतरने जा रहा है। आयुक्त नगर निगम द्वारा दिया गया दो दिनों का अल्टीमेटम रविवार शाम को समाप्त हो गया, और चूंकि अधिकांश लोगों ने स्वेच्छा से कब्जे नहीं हटाए, इसलिए अब 'बल प्रयोग' की तैयारी पूरी कर ली गई है।
मास्टर प्लान 2021 की अधूरी कार्रवाई बनी गले की फांस
रीवा के मास्टर प्लान 2021 में सिरमौर चौराहा से अस्पताल चौराहा तक की सड़क को चौड़ा करना प्रस्तावित था। राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी और प्रशासनिक ढिलाई के कारण यह काम सालों से लटका रहा।
- आगे का रास्ता: प्रशासन का मानना है कि जब तक पुरानी प्रस्तावित कार्रवाइयां पूरी नहीं होंगी, नया मास्टर प्लान लागू करने में तकनीकी दिक्कतें आती रहेंगी।
- नया निर्णय: इसी गतिरोध को तोड़ने के लिए नगर निगम कमिश्नर डॉ. सौरभ सोनवणे और एसडीएम अनुराग तिवारी ने संयुक्त रूप से इस मार्ग को 12 से 18 मीटर तक चौड़ा करने का निर्णय लिया है।
165 भवनों का चिन्हांकन: कहाँ अवैध और कहाँ निजी भूमि?
राजस्व और नगर निगम की टीम ने दो बार इस मार्ग का सूक्ष्म सीमांकन किया है। इस नापजोख में कुल 165 भवन और दुकानें चौड़ीकरण की जद में आए हैं।
- अवैध निर्माण: जांच में पाया गया कि इनमें से अधिकांश निर्माण अवैध तरीके से सड़क की जमीन दबाकर किए गए हैं।
- निजी भूमि का पेच: कुछ मकान निजी भूमि पर भी बने हैं। प्रशासन की रणनीति है कि पहले सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों को ढहाया जाए। जहां वैध जमीन फंस रही है, वहां फिलहाल सड़क की चौड़ाई में थोड़ा लचीलापन रखा जा सकता है ताकि कानूनी दांवपेच से बचा जा सके।
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के सामने की दुकानें: सबसे पहला निशाना
अमहिया मार्ग पर सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के सामने लगता है। यहाँ रेफ्यूजी कॉलोनी की जमीन पर अवैध रूप से बनी दुकानों ने सड़क को संकरा कर दिया है।
- वोट बैंक और दबाव: लंबे समय से ये दुकानें राजनीतिक संरक्षण के कारण बची हुई थीं। आरोप है कि वोट बैंक के चलते इन्हें हटाया नहीं जा रहा था, लेकिन अब प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सबसे पहली गाज इन्हीं 150+ दुकानों पर गिरेगी।
- ट्रैफिक को मिलेगी राहत: इन दुकानों के हटने से अस्पताल आने वाले मरीजों और एम्बुलेंस को सुगम रास्ता मिल सकेगा।
सड़क की चौड़ाई का नया खाका: 12, 15 और 18 मीटर का मापदंड
वर्तमान में इस सड़क की चौड़ाई महज 7 से 8 मीटर है, जिसे लगभग दोगुना किया जाना है। प्रशासन ने अलग-अलग हिस्सों के लिए अलग-अलग मानक तय किए हैं:
- सिरमौर चौराहा से अमहिया नाला: यहाँ सड़क 18 मीटर चौड़ी होगी।
- नाला से द्वारिका नगर मोड़: यहाँ कई निजी मकान होने के कारण चौड़ाई 12 मीटर रखी गई है।
- गल्ला मंडी से गुरुद्वारा मार्ग: यहाँ 15 मीटर की चौड़ाई प्रस्तावित है।
- गल्ला मंडी से अस्पताल चौराहा: इस अंतिम खंड को भी 18 मीटर चौड़ा करने की योजना है।
प्रशासन की तैयारी और दुकानदारों का रुख
नगर निगम के कार्यपालन यंत्री सिद्धार्थ सिंह (जोन 3) के अनुसार, अधिकांश अतिक्रमणकारियों ने संवाद के दौरान खुद अतिक्रमण हटाने का वादा किया था। हालांकि, जमीन पर इसकी शुरुआत नहीं हुई। अब सोमवार सुबह से पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई की जाएगी। निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन को तोड़फोड़ करनी पड़ी, तो इसका हर्जाना (मजदूरी और मशीनरी खर्च) भी संबंधित व्यक्ति से वसूला जा सकता है।
विकसित रीवा की ओर एक बड़ा कदम
सड़क चौड़ीकरण की यह कार्रवाई केवल अतिक्रमण हटाना नहीं है, बल्कि रीवा की जनता को जाम के झाम से मुक्ति दिलाने का प्रयास है। अमहिया मार्ग शहर का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, और इसके चौड़ा होने से न केवल व्यापार बढ़ेगा बल्कि शहर की सुंदरता और यातायात व्यवस्था में भी सुधार होगा।