रीवा बंद: सड़कों पर उतरा छात्रों का गुस्सा, जीतू पटवारी से मांगा UGC पर जवाब; जानें क्यों गरमाया है माहौल?

 

रीवा दौरे पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का छात्रों ने किया घेराव, UGC नियमों और बजट 2026 पर छिड़ी रार।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी जब रीवा पहुंचे, तो उन्हें अंदाजा नहीं था कि यहाँ बजट से ज्यादा UGC का मुद्दा गर्माया हुआ है। बजट 2026 पर अपनी प्रतिक्रिया देने आए पटवारी को स्थानीय छात्रों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। यह विरोध प्रदर्शन अचानक उस समय तेज हो गया जब सवर्ण समाज से जुड़े दर्जनों छात्रों ने उनके काफिले को रोक लिया।

UGC के विरोध में रीवा बंद, सड़कों पर उतरे छात्र

UGC विवाद: सवर्ण समाज के छात्रों की क्या थी मांग? 
रीवा के छात्र UGC (University Grants Commission) द्वारा लाए गए नए नियमों और बदलावों को लेकर आक्रोशित हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि कांग्रेस पार्टी इस गंभीर मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करे। छात्रों ने मांग की कि यूजीसी के माध्यम से शिक्षा के निजीकरण या नियमों में फेरबदल से सामान्य वर्ग के छात्रों के हितों पर चोट लग रही है। इस दौरान "UGC वापस लो" और "छात्र एकता जिंदाबाद" के नारे भी गूंजे।

पटवारी का जवाब: "विभाजनकारी सोच देश के हित में नहीं
तनावपूर्ण माहौल के बीच जीतू पटवारी ने बड़ी ही संजीदगी से छात्रों से बात की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा:

"मैं कोई गोल-मोल राजनीति नहीं करता। यूजीसी केंद्र का विषय है और इसके लिए सीधे तौर पर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार जिम्मेदार है। छात्रों को बांटने वाली कोई भी नीति देश के लिए घातक है।"
पटवारी के इस सीधे जवाब के बाद छात्रों का गुस्सा कुछ कम हुआ और उन्होंने रास्ता खाली किया।

रीवा बंद का असर: सड़कों पर उतरा छात्रों का आक्रोश 
UGC के खिलाफ विरोध केवल घेराव तक सीमित नहीं रहा। मंगलवार को विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने 'रीवा बंद' का आह्वान किया।

  • बाजारों की स्थिति: शहर के मुख्य बाजार जैसे सिरमौर चौराहा, किला रोड और वेंकट रोड पर दुकानें पूरी तरह बंद रहीं।
  • नारेबाजी: छात्र समूहों ने सड़कों पर मार्च निकाला और चेतावनी दी कि यदि शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की गई, तो यह आंदोलन दिल्ली तक जाएगा।

बजट 2026 पर हमला: "मध्य प्रदेश को मिला सिर्फ ठेंगा
UGC के मुद्दे से हटकर जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार के बजट 2026 की भी जमकर धज्जियां उड़ाईं। उन्होंने कहा कि निर्मला सीतारमण का बजट भाषण मध्य प्रदेश के लिए एक 'खाली डिब्बा' जैसा है।

  • एमपी की अनदेखी: पटवारी ने आरोप लगाया कि बजट में न तो मध्य प्रदेश के लिए कोई विशेष आर्थिक पैकेज है और न ही किसानों के लिए कोई बड़ी राहत।
  • झूठे वादे: उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 12 साल पहले जो सपने दिखाए गए थे, वे आज भी फाइलों में दबे हैं।

रोजगार और अर्थव्यवस्था पर कांग्रेस के तीखे सवाल 
कांग्रेस अध्यक्ष ने शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के गिरते स्तर पर चिंता जताई। उन्होंने डेटा का हवाला देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी चरम पर है और बजट में इसके समाधान का कोई ब्लूप्रिंट नहीं है। पटवारी के अनुसार, "यह बजट केवल बड़े उद्योगपतियों का है, आम आदमी और एमपी के युवाओं के लिए इसमें केवल निराशा है।"