नियमों की 'धज्जियां' उड़ाना पड़ा भारी : क्या अब महिला अधिवक्ता बदलेंगी रीवा बार का इतिहास? सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश से मची खलबली : 30% आरक्षण का पेंच!
ऋतुराज द्विवेदी, रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के न्यायिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। रीवा जिला अधिवक्ता संघ के बहुप्रतीक्षित चुनावों पर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। यह फैसला न केवल रीवा बल्कि पूरे प्रदेश के अधिवक्ता संघों के लिए एक नजीर साबित होने वाला है।
सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख: महिला प्रतिनिधित्व अनिवार्य
इस पूरी रोक की मुख्य जड़ 'महिला आरक्षण' है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि अधिवक्ता संघ के चुनावों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 30% आरक्षण का पालन किया जाना अनिवार्य है। कोर्ट ने आदेश 243 और 25 का हवाला देते हुए कहा कि जब तक नियमों का पूर्ण अनुपालन नहीं होता, तब तक चुनाव प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।
हाई कोर्ट ने 8 अप्रैल तक लगाई रोक
रीवा की एक महिला अधिवक्ता द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने चुनाव प्रक्रिया को 8 अप्रैल 2026 तक के लिए स्थगित कर दिया है। याचिकाकर्ता का आरोप था कि वर्तमान चुनाव प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित आरक्षण नियमों और अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं का खुला उल्लंघन किया जा रहा है।
मुख्य चुनाव अधिकारी का बयान
रीवा जिला बार एसोसिएशन के मुख्य चुनाव अधिकारी मिस्टर सूर्यनाथ पांडे ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि चुनाव समिति को न्यायालय के नोटिस और आदेश प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा, "माननीय न्यायालय के निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा। वर्तमान में प्रक्रिया रोक दी गई है और आगामी रूपरेखा कोर्ट के विस्तृत आदेश के बाद ही तय की जाएगी।"
पूरे मध्य प्रदेश पर पड़ेगा असर
यह आदेश केवल रीवा तक सीमित नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, मध्य प्रदेश के सभी अधिवक्ता संघों को अपने चुनावी ढांचे में महिलाओं के लिए 30% सीटें आरक्षित करनी होंगी। यह निर्णय न्यायिक प्रणाली के भीतर लैंगिक समानता (Gender Equality) लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
अब आगे क्या?
8 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई में न्यायालय विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर सकता है। संभावना है कि चुनाव के लिए नए सिरे से अधिसूचना (Notification) जारी की जाएगी, जिसमें महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित पदों का स्पष्ट विवरण होगा। तब तक रीवा में चुनावी सरगर्मियों पर विराम लगा रहेगा।