रीवा ब्रेकिंग: पद्मधर कॉलोनी में ईडी की रेड, घर में घुसते ही दस्तावेजों की तलाशी से मचा हड़कंप

 
रीवा की पद्मधर कॉलोनी स्थित लालता सदन में ईडी की टीम ने की छापेमारी। परिजनों ने अधिकारियों से मांगा आईडी कार्ड और समन, जानें पूरा मामला। | ED Raid at Contractor's House

ऋतुराज द्विवेदी, रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में आज सुबह एक बड़ी घटनाक्रम ने सबको हैरान कर दिया। शहर की प्रतिष्ठित पद्मधर कॉलोनी स्थित 'लालता सदन' में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम के अचानक पहुंचने से हड़कंप मच गया। ईडी के अधिकारी सुबह-सुबह सीधे घर के अंदर दाखिल हुए और जांच शुरू कर दी।

किनके घरों पर हुई छापेमारी?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह जांच शहर के चर्चित ठेकेदार कृष्णकांत सोहगौरा और सौरभ सोहगौरा के आवास को निशाना बनाकर की गई। 4 से 5 अधिकारियों की टीम ने घर के अंदर जाते ही वहां मौजूद वित्तीय दस्तावेजों और फाइलों को अपने कब्जे में लेना शुरू कर दिया।

परिजनों और अधिकारियों के बीच हुई तीखी बहस
कार्रवाई के दौरान स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब घर के बाहर खड़े परिजनों ने टीम के सदस्यों से उनके अधिकारिक परिचय पत्र (ID Cards) की मांग की। परिजनों ने सवाल उठाया कि बिना किसी पूर्व समन या सूचना के उनके निजी निवास में प्रवेश करने का आधार क्या है? हालांकि, अधिकारियों ने इन सवालों का सीधा जवाब देने के बजाय अपनी जांच जारी रखी।

क्या है सोहगौरा परिवार का बैकग्राउंड?
कृष्णकांत सोहगौरा रीवा के निर्माण कार्यों से जुड़े बड़े ठेकेदारों में गिने जाते हैं। वे भाजपा नेता प्रदीप सोहगौरा के भाई भी हैं। इस छापेमारी के चलते पूरे शहर के व्यावसायिक और राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर किस मामले में यह कार्रवाई हुई है।

कार्रवाई के पीछे की संभावित वजहें और सस्पेंस
अभी तक प्रवर्तन निदेशालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि यह कार्रवाई किसी बड़े वित्तीय लेन-देन या मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी हो सकती है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक कार्रवाई की ठोस वजह सामने आना मुश्किल है।

फिलहाल टीम दस्तावेजों को खंगालने में जुटी है और घर के भीतर हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही इस पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ पाएगी।