जाम से कराहता रीवा शहर: 35 दिनों का टॉर्चर अभी और बढ़ेगा, बीहर बाइपास पुल को लेकर आया बड़ा अपडेट

 
जल्दबाजी में नहीं खुलेगा बीहर बाइपास पुल; MPRDC ने कहा- मरम्मत अभी जारी, सुरक्षा से समझौता नहीं। जानिए कब मिलेगी जाम से राहत।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा के लाइफलाइन कहे जाने वाले बीहर नदी बाइपास पुल को लेकर पिछले कई दिनों से जारी संशय अब समाप्त हो गया है। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) ने स्पष्ट कर दिया है कि पुल को जल्दबाजी में खोलकर किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लिया जाएगा। हालांकि पहले चर्चा थी कि पुल 12 मई से शुरू हो सकता है, लेकिन ताजा तकनीकी इनपुट के अनुसार अब 13 मई तक मरम्मत और बारीकी से निरीक्षण का काम चलेगा।

तकनीकी जटिलताओं के बीच अंतिम चरण में सुधार कार्य
पुल की संरचना काफी पुरानी और संवेदनशी  ल हो चुकी थी। 5 अप्रैल से शुरू हुए इस महा-मरम्मत अभियान में कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

  • माइक्रो कंक्रीटिंग और ग्राउटिंग: पुल की दरारों को भरने के लिए एपॉक्सी ग्राउटिंग और माइक्रो कंक्रीटिंग का सहारा लिया गया है।
  • बेयरिंग का प्रतिस्थापन: गर्डर के नीचे की खराब बेयरिंग को बदलने के लिए भारी-भरकम हाइड्रोलिक जैक का उपयोग किया गया है, जिन्हें धीरे-धीरे हटाया जा रहा है।
  • स्थिरता परीक्षण: वर्तमान में इंजीनियर यह देख रहे हैं कि जैक हटाने के बाद संरचना पूरी तरह स्थिर है या नहीं।

शहर की सड़कों पर बढ़ा 'ट्रैफिक का बोझ'
बाइपास पुल बंद होने का सीधा असर रीवा शहर के आंतरिक यातायात पर पड़ा है। पिछले 35 दिनों से भारी वाहन (हाइवा और ट्रक) शहर के बीच से गुजर रहे हैं।

ग्राउंड रिपोर्ट: रात के समय ट्रकों की लंबी कतारों के कारण न केवल ध्वनि प्रदूषण और धूल बढ़ी है, बल्कि दुर्घटनाओं का अंदेशा भी बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन को जल्द से जल्द बाइपास शुरू करना चाहिए, लेकिन सुरक्षा की कीमत पर नहीं।

MPRDC का बड़ा बयान: "जल्दबाजी पड़ सकती है भारी"
MPRDC के महाप्रबंधक अंशुल करोड़िया ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुल की मरम्मत एक संवेदनशील प्रक्रिया है। उन्होंने साफ किया कि तकनीकी रूप से जब तक 100% संतुष्टि नहीं मिल जाती, तब तक लोड टेस्टिंग (भार परीक्षण) जारी रहेगी। 13 मई तक सभी तकनीकी पहलुओं को दुरुस्त कर लिया जाएगा, जिसके बाद ही विधिवत रूप से आवागमन बहाल करने का निर्णय लिया जाएगा।

क्यों बढ़ी मरम्मत की अवधि?
शुरुआती दौर में मरम्मत कार्य छोटा लग रहा था, लेकिन जब गर्डर को जैक की मदद से उठाया गया, तो पेयर कैप और बेयरिंग में गहरी क्षति दिखाई दी। इसके लिए विशेष सामग्री बाहर से मंगवानी पड़ी। वर्तमान में जैकों को डाउन करने और लोड मैनेजमेंट रिपोर्ट तैयार करने का काम अंतिम दौर में है।