रीवा में कानून व्यवस्था तार-तार! स्कूल के पीछे लाखों का जुआ, कोतवाली थाना प्रभारी बेखबर, क्या खाकी को जा रहा है हर महीने का हिस्सा? IG- SP को खुली चुनौती
रीवा सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में 32 साल से चल रहा अवैध जुए का फड़। महिला पुलिसकर्मी के पति पर आरोप, थाना प्रभारी निशा मिश्रा ने साधी चुप्पी।
ऋतुराज द्विवेदी, रीवा/भोपाल। शहर के भीतर कानून व्यवस्था को बनाए रखने और अपराधियों के हौसले पस्त करने के रीवा पुलिस के दावों की एक बार फिर हवा निकल गई है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र से एक ऐसा सनसनीखेज वीडियो सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। गुढ़ चौराहा जैसे व्यस्त इलाके के ठीक पास खुलेआम चल रहे एक विशाल जुआ फड़ के वीडियो ने साफ कर दिया है कि अपराधियों के मन से कानून का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है। दर्जनों लोग सरेआम लाखों रुपए के दांव लगाते कैमरे में कैद हुए हैं, जो सीधे तौर पर स्थानीय पुलिसिंग पर एक बड़ा कलंक है।
गुढ़ चौराहा बना 'जुआड़ियों का अड्डा': फोमेंस स्कूल के पीछे लाखों के दांव
यह पूरा काला कारोबार सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत गुढ़ चौराहा स्थित फोमेंस स्कूल के पीछे मौजूद एक घनी बस्ती में फल-फूल रहा है। स्कूल के ठीक पीछे इस तरह की अवैध गतिविधियों का संचालन बच्चों के भविष्य और सामाजिक माहौल को पूरी तरह खराब कर रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस ठिकाने पर हर दिन रीवा शहर के अलावा दूर-दराज के इलाकों से शातिर जुआड़ी जुटते हैं। सुबह से लेकर देर रात तक यहाँ महफिल सजती है और लाखों रुपए की हार-जीत का खेल चलता है। शहर के बीचों-बीच चल रहे इस धंधे से स्थानीय लोग बुरी तरह त्रस्त हैं।
शिवचरण और इकलाक का सिंडिकेट: 3 साल से खुली चुनौती
सूत्रों से मिली पुख्ता इनसाइड स्टोरी के मुताबिक, यह जुआ फड़ कोई दो-चार दिन या महीनों से नहीं चल रहा। इस अवैध साम्राज्य की जड़ें इतनी गहरी हैं कि पिछले 32 वर्षों से यहाँ लगातार बिना किसी रोक-टोक के जुआ खिलवाया जा रहा है।
इस पूरे सिंडिकेट को जमीन पर संचालित करने का मुख्य जिम्मा शिवचरण और इकलाक नामक दो सटोरियों के कंधों पर है। इन दोनों ने मिलकर पूरे क्षेत्र में अपना ऐसा जाल बिछाया है कि आम जनता इनके खिलाफ मुँह खोलने से भी डरती है। 32 साल से लगातार एक ही जगह पर इतनी बड़ी अवैध गतिविधि का चलना बिना किसी बड़े संरक्षण के मुमकिन नहीं है।
महिला पुलिसकर्मी का पति चला रहा फड़? सस्पेंशन और कार्रवाई की मांग
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला और गंभीर मोड़ तब आया जब इस जुआ फड़ के तार सीधे खाकी विभाग से जुड़ते नजर आए। स्थानीय सूत्रों और चर्चाओं के अनुसार, इस पूरे अवैध कारोबार को सुचारू रूप से चलाने के पीछे एक महिला पुलिसकर्मी के पति का हाथ है।
आरोप है कि महिला पुलिसकर्मी का पति अपने पद और प्रभाव का धौंस दिखाकर इस फड़ को प्रशासनिक कार्रवाई से बचाता आ रहा है। इस खुलासे के बाद रीवा की जनता में भारी आक्रोश है। मांग की जा रही है कि विभाग की छवि धूमिल करने वाली उक्त महिला पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया जाए और उसके पति के खिलाफ जुआ एक्ट के साथ-साथ अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे जेल भेजा जाए।
Rewa News Media से बोलीं थाना प्रभारी निशा मिश्रा- "मैं अभी आई हूँ, मुझे जानकारी नहीं"
जब इस पूरे महाघोटाले और वायरल वीडियो को लेकर "Rewa News Media" की टीम ने सिटी कोतवाली की थाना प्रभारी (TI) निशा मिश्रा से सीधे तीखे सवाल किए, तो उनका जवाब बेहद हैरान करने वाला और गैर-जिम्मेदाराना था।
थाना प्रभारी निशा मिश्रा का बयान: "मैं अभी नई आई हूँ, मुझे इस मामले की या ऐसे किसी जुआ फड़ की कोई जानकारी नहीं है।"
अब सवाल यह उठता है कि अगर थाना प्रभारी को अपने ही थाना क्षेत्र की इतनी बड़ी भौगोलिक और आपराधिक हलचल की भनक तक नहीं है, तो वह क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को कैसे संभालेंगी? जब शहर के बीचों-बीच 3 साल से जुआ चल रहा हो और जिम्मेदार अधिकारी 'अज्ञानता' का बहाना बनाएँ, तो जनता का भरोसा सिस्टम से उठना लाजिमी है।
बड़ा सवाल: क्या कोतवाली पुलिस तक पहुंच रही है 'महीने की मोटी रकम'?
वायरल वीडियो के सामने आने के कई घंटे बीत जाने के बाद भी अब तक कोतवाली पुलिस द्वारा मौके पर कोई ठोस एक्शन या आरोपियों की गिरफ्तारी न करना कई गंभीर संदेह पैदा करता है। जनता अब सोशल मीडिया पर सीधे सवाल दाग रही है— क्या कोतवाली पुलिस सच में सो रही है या फिर हर महीने इस फड़ से 'मोटी रकम' (कमीशन) सही पते पर पहुंच रही है?
यह पूरा मामला अब रीवा एसपी और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए जांच का एक बड़ा विषय बन चुका है। क्या थाना प्रभारी के इस ढीले रवैये और वायरल वीडियो पर रीवा के आला अधिकारी संज्ञान लेंगे? क्या शिवचरण, इकलाक और महिला पुलिसकर्मी के पति जैसे सफेदपोश अपराधियों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा, या फिर हमेशा की तरह लीपापोती करके फाइल बंद कर दी जाएगी? जनता अब जवाब मांग रही है।