"रीवा में नशे के 'सौदागरों' का खेल खत्म : 31 शीशी कफ सिरप बरामद, नावेद, अज्जू और अंशू पुलिस की गिरफ्त में!

 
सिटी कोतवाली पुलिस ने 31 शीशी कफ सिरप के साथ 3 तस्करों को दबोचा, NDPS एक्ट में केस दर्ज।

विंध्य क्षेत्र के केंद्र रीवा में नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता प्राप्त की है। शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए नशीली कफ सिरप की बिक्री करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में तीन युवाओं को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है, जो शहर के विभिन्न हिस्सों में नशे का जाल फैला रहे थे।

मुखबिर की सटीक सूचना पर बिछाया गया जाल
रीवा पुलिस को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि शहर के कुछ इलाकों में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री बढ़ गई है। इसी क्रम में सिटी कोतवाली पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक संदिग्ध युवक शहर में घूम-घूमकर चोरी-छिपे नशीली कफ सिरप की खेप खपाने की कोशिश कर रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना समय गवाएं घेराबंदी शुरू की। पुलिस ने सादे लिबास में संदिग्ध स्थान पर दबिश दी, जहाँ से इस पूरे गिरोह का पहला सिरा हाथ लगा।

मुख्य आरोपी अंशू खटिक की गिरफ्तारी और पूछताछ
घेराबंदी के दौरान पुलिस ने अंशू खटिक नामक युवक को हिरासत में लिया। शुरुआती तलाशी में ही पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी। आरोपी के पास से प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप की 31 शीशियां बरामद हुईं। साथ ही, उसके पास से 1700 रुपए नकद भी जब्त किए गए, जो संभवतः नशीली दवाओं की बिक्री से कमाए गए थे।

कड़ाई से पूछताछ करने पर अंशू ने कबूल किया कि वह केवल एक मोहरा है। उसने अपने दो अन्य साथियों, नावेद उर्फ अल्ताफ खान और अज्जू उर्फ अक्षत वर्मा के नाम उजागर किए। अंशू ने बताया कि वह इन्हीं दोनों के निर्देश पर ग्राहकों तक माल पहुँचाने का काम कर रहा था।

गिरोह के अन्य सदस्य भी पुलिस की गिरफ्त में
मुख्य आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नावेद और अज्जू की तलाश शुरू की। कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने दोनों अन्य आरोपियों को भी धर दबोचा। इस तरह, नशीली कफ सिरप की सप्लाई चेन को पुलिस ने बीच से ही काट दिया।

NDPS एक्ट और ड्रग कंट्रोल एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में कठोर कानूनी रुख अपनाया है। पकड़े गए तीनों आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 28/26 दर्ज किया गया है। उन पर निम्नलिखित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है:

NDPS एक्ट की धारा 8/21, 22: जो प्रतिबंधित नशीले पदार्थों के व्यापार और परिवहन से संबंधित है।
मध्य प्रदेश ड्रग कंट्रोल एक्ट की धारा 5/13: जो दवाओं के अवैध भंडारण और दुरुपयोग को रोकने के लिए लगाई जाती है। जब्त की गई कफ सिरप की बाजार में अनुमानित कीमत 6,246 रुपए आंकी गई है।

सीएसपी राजीव पाठक का बयान और आगे की जांच
इस सफल कार्रवाई के संबंध में CSP राजीव पाठक ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अब इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि:

  • यह नशीली सिरप रीवा में कहाँ से सप्लाई की जा रही थी?
  • क्या इस गिरोह के तार किसी बड़े ड्रग सिंडिकेट से जुड़े हैं?
  • इस धंधे में और कितने लोग पर्दे के पीछे काम कर रहे हैं?

पुलिस का कहना है कि पूछताछ में कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है, जिससे शहर में नशे की सप्लाई करने वाले मुख्य सरगना तक पहुँचा जा सके।

समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय
रीवा जैसे बढ़ते शहर में युवाओं का नशीली कफ सिरप की ओर आकर्षित होना एक गंभीर सामाजिक चिंता का विषय है। अक्सर देखा गया है कि कम कीमत और आसानी से उपलब्धता के कारण युवा इन प्रतिबंधित सिरप को नशे के विकल्प के रूप में इस्तेमाल करते हैं। पुलिस की यह कार्रवाई न केवल अपराधियों को पकड़ने के लिए है, बल्कि युवाओं को इस दलदल से बचाने के लिए एक कड़ा संदेश भी है।