सरकारी दफ्तर या मॉडलिंग रैंप? कलेक्टर ने कर्मचारी का चश्मा उतारकर हाथ में थमाया, बोले- हीरोगिरी घर पर दिखाओ

 

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने बुधवार को कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने सुबह के समय जिला पंचायत और कलेक्ट्रेट कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर के अचानक पहुँचने से कार्यालयों में हड़कंप मच गया, क्योंकि बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी अपनी कुर्सियों से नदारद थे।

लाइन में खड़े हुए लेट-लतीफ: 'वेतन पूरा चाहिए और काम में देरी?' 
निरीक्षण के दौरान जब कलेक्टर ने देखा कि कर्मचारी निर्धारित समय के एक घंटे बाद भी ऑफिस नहीं पहुँचे हैं, तो उन्होंने सख्त नाराजगी जाहिर की। देरी से आने वाले कर्मचारियों को उन्होंने लाइन में खड़ा कर दिया और जमकर फटकार लगाई। कलेक्टर ने कड़े शब्दों में कहा, "शर्म आनी चाहिए, आप ड्यूटी पर एक घंटा देरी से आते हैं और समय से पहले निकल जाते हैं, लेकिन महीने के अंत में वेतन पूरा लेते हैं।" उन्होंने प्रत्येक कर्मचारी से देरी का कारण पूछा और भविष्य के लिए सख्त चेतावनी दी।

जींस और स्टाइल पर टोका: 'दफ्तर है या हीरोगिरी का अड्डा?'
निरीक्षण के दौरान एक कर्मचारी का पहनावा और व्यवहार कलेक्टर की नजर में चढ़ गया। वह कर्मचारी जींस पहनकर, शर्ट के कॉलर खुले रखकर और सीने पर महंगा चश्मा लटकाकर कार्यालय पहुँचा था। कर्मचारी का यह 'कैजुअल' अंदाज देखकर कलेक्टर बिफर पड़े। उन्होंने उसके शर्ट से चश्मा निकालकर उसके हाथ में थमाया और तंज कसते हुए पूछा, "यहाँ काम करने आते हो या हीरोगिरी दिखाने?" कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यालय की गरिमा बनाए रखना हर कर्मचारी की जिम्मेदारी है।

ई-अटेंडेंस और आधे दिन का अवकाश: अपर कलेक्टर को निर्देश 
अनुशासनहीनता को जड़ से खत्म करने के लिए कलेक्टर सूर्यवंशी ने अपर कलेक्टर सपना त्रिपाठी को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। अब जिले के इन प्रमुख कार्यालयों में ई-अटेंडेंस (E-Attendance) व्यवस्था कड़ाई से लागू की जाएगी। इसके साथ ही, जो कर्मचारी देरी से दफ्तर पहुँचेंगे, उनसे अनिवार्य रूप से आधे दिन का अवकाश (Half-day leave) आवेदन लिया जाएगा।

वेतन काटने की चेतावनी: लापरवाही अब नहीं होगी बर्दाश्त 
कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के निरीक्षण के दौरान भी अधिकारियों को सख्त हिदायत दी। उन्होंने साफ कहा कि जनता के काम समय पर होने चाहिए और इसके लिए कर्मचारियों का समय पर उपस्थित होना अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में कोई भी कर्मचारी या अधिकारी बिना किसी ठोस कारण के देरी से आता है, तो उसका वेतन काटने (Salary Deduction) की कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी की इस कार्रवाई ने जिले के प्रशासनिक गलियारों में एक बड़ा संदेश दिया है। यह साफ है कि अब सरकारी दफ्तरों में "चलता है" वाला रवैया नहीं चलेगा। अनुशासन, समय की पाबंदी और शालीन पहनावा अब अनिवार्य शर्त होगी।