रीवा में पुलिसकर्मी की वर्दी में 'छाती में 6 गोली' गाने पर रील वायरल, कांस्टेबल रंजीत सिंह पर लटकी जांच की तलवार

 
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में डीजीपी के सख्त निर्देशों के बावजूद एक कांस्टेबल ने पुलिस वर्दी में विवादित गाने पर रील बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के रीवा जिले से अनुशासनहीनता का एक नया मामला सामने आया है, जहाँ उच्च अधिकारियों के स्पष्ट निर्देशों और तमाम चेतावनियों को दरकिनार करते हुए खाकी की गरिमा को ताक पर रख दिया गया है। राज्यभर में पुलिस महानिदेशक (DGP) की ओर से सख्त हिदायत दी गई थी कि कोई भी पुलिसकर्मी सोशल मीडिया पर वर्दी पहनकर रीच या लोकप्रियता हासिल करने के लिए वीडियो नहीं बनाएगा, इसके बावजूद इस तरह की हरकतों पर रोक नहीं लग पा रही है।

ताजा मामला रीवा जिले का है, जहाँ एक आरक्षक ने पुलिस की वर्दी पहनकर एक चर्चित फिल्मी गाने पर बेपरवाह अंदाज में रील तैयार की। इस वीडियो के बैकग्राउंड में बज रहे विवादित और भड़कीले बोल ने विभागीय महकमे में खलबली मचा दी है। इस सिपाही की पहचान रंजीत सिंह रावत के रूप में हुई है, जिसने इस वीडियो को इंस्टाग्राम या अन्य सोशल प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड कर दिया था। वीडियो सामने आने के बाद अब यह जिलेभर में चर्चा का विषय बन गया है और आम जनता के बीच भी पुलिस की छवि पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

एसपी की सख्त चेतावनी और विभागीय जांच 
सोशल मीडिया पर वर्दी वाला यह वीडियो वायरल होने के बाद मामला सीधे जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में पहुँच गया। रीवा पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. गुरुकरण सिंह ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

एसपी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि वर्दी का दुरुपयोग करने और सोशल मीडिया नियमों का उल्लंघन करने का यह मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। फिलहाल, इस बात की गहराई से पड़ताल की जा रही है कि यह वीडियो किस परिस्थिति में और कहाँ शूट किया गया था। इसके साथ ही, इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सार्वजनिक करने के पीछे के उद्देश्यों की भी जाँच की जा रही है। प्रारंभिक तथ्यों को जुटाने के बाद दोषी कांस्टेबल के खिलाफ विभागीय नियमों के तहत नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यह पहला मौका नहीं है जब रीवा या प्रदेश के किसी अन्य हिस्से से इस तरह के मामले सामने आए हों। इससे पहले भी कई बार खाकी धारी कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर रील्स बनाने के लिए नोटिस मिल चुका है या लाइन अटैच किया जा चुका है। इसके बावजूद कुछ कर्मचारियों में नियमों का कोई खौफ नजर नहीं आ रहा है। अब देखना यह होगा कि इस ताजा प्रकरण में रंजीत सिंह रावत पर विभाग कितना कड़ा डंडा चलाता है।