रीवा पुलिस का बड़ा एक्शन: अवैध हथियारों के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, बाणसागर तलैया के पास ग्राहक का कर रहे थे इंतजार

 
समान थाना पुलिस ने बाणसागर तलैया के पास घेराबंदी कर 2 पिस्टल और 2 कट्टे बरामद किए; आरोपी समीर खान और रितेश दुबे गिरफ्तार।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा शहर में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत समान थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने शहर के बाणसागर तलैया क्षेत्र में घेराबंदी कर दो शातिर तस्करों को दबोचा है, जिनके पास से भारी मात्रा में अवैध असलहा बरामद किया गया है।

सटीक मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दी दबिश
नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) राजीव पाठक और समान थाना प्रभारी विजय सिंह को विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली थी कि कुछ युवक शहर में हथियारों की बड़ी खेप खपाने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बाणसागर तलैया के पास सादे कपड़ों में घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही पीले रंग का झोला लिए दो संदिग्धों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने पीछा कर उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया।

झोले में छिपाकर रखे थे 'मौत के सामान'
जब पुलिस ने पकड़े गए युवकों के पास मौजूद पीले झोले की तलाशी ली, तो अधिकारी भी हैरान रह गए। झोले के अंदर से 2 देसी कट्टे (12 बोर) और 2 अत्याधुनिक देसी पिस्टल बरामद हुई। आरोपियों के पास इन हथियारों से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या लाइसेंस मौजूद नहीं था, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल हथियारों को जब्त कर लिया।

किराए के मकान को बनाया था ठिकाना
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों की पहचान समीर खान (26 वर्ष) निवासी बिछिया और रितेश दुबे उर्फ लक्की (25 वर्ष) निवासी मनगवां के रूप में हुई है। जांच में यह भी सामने आया है कि ये दोनों वर्तमान में बिछिया क्षेत्र में एक किराए का कमरा लेकर रह रहे थे। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस कमरे का इस्तेमाल हथियारों के भंडारण या आपराधिक साजिश रचने के लिए किया जा रहा था।

आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज
समान थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट की धारा 25(1)(A) के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों का पुराना रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है ताकि उनके पिछले आपराधिक इतिहास की जानकारी मिल सके।

सप्लाई नेटवर्क और ग्राहकों की तलाश जारी
यह कार्रवाई महज गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। रीवा पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस पूछताछ का मुख्य केंद्र निम्नलिखित बिंदु हैं:

  • ये हथियार उत्तर प्रदेश या किसी अन्य राज्य के किस 'डेम' (बनाने वाले) से लाए गए थे?
  • रीवा में इन हथियारों का मुख्य खरीददार कौन था?
  • क्या किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए इन पिस्टल और कट्टों की डिमांड की गई थी?

पुलिस को संदेह है कि शहर में अवैध हथियारों की सप्लाई का एक बड़ा रैकेट सक्रिय है, जिस पर आने वाले दिनों में कड़े प्रहार किए जा सकते हैं।