रीवा के डी. पॉल विद्यालय के गर्व का पल! पूर्व छात्र रिशु पांडे बने लेफ्टिनेंट, भव्य सम्मान समारोह में माँ रहीं मौजूद

 

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के रीवा जिले स्थित प्रतिष्ठित डी. पॉल विद्यालय, मैदानी के लिए 11 सितंबर 2026 का दिन बेहद ऐतिहासिक, गौरवशाली और हर्षोल्लास से भरा रहा। विद्यालय के 2018-2019 बैच के मेधावी पूर्व छात्र रिशु पांडे का भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर चयन हुआ है। इस शानदार उपलब्धि पर विद्यालय परिवार द्वारा उन्हें विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनकी आदरणीय माताजी भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं, जिन्होंने इस पल को और भी अधिक भावात्मक और गौरवशाली बना दिया।

प्रातःकालीन सभा में हुआ भव्य स्वागत और सम्मान
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की प्रातःकालीन सभा से हुई, जहां पूरे जोश और उत्साह के साथ लेफ्टिनेंट रिशु पांडे का स्वागत किया गया। विद्यालय के प्राचार्य फादर जॉबी जोसेफ एवं प्रबंधक फादर आशीष अलेक्स ने संयुक्त रूप से लेफ्टिनेंट रिशु पांडे को शॉल ओढ़ाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया।

विद्यालय परिवार ने उनकी इस उल्लेखनीय और प्रेरणादायक सफलता पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की। प्राचार्यों और शिक्षकों ने न केवल रिशु पांडे को बल्कि उनकी माताजी को भी इस मुकाम तक पहुंचाने के उनके संघर्ष और समर्पण के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पूरा विद्यालय परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

विद्यार्थियों के साथ साझा की जीवन की प्रेरणादायक स्मृतियां
सम्मान समारोह के दौरान लेफ्टिनेंट रिशु पांडे ने सुबह की सभा में विद्यार्थियों के साथ अपने छात्र जीवन की कुछ बेहद खट्टी-मीठी और प्रेरणादायक स्मृतियां साझा कीं। उन्होंने बच्चों को बताया कि विद्यार्थी जीवन में किस तरह छोटे-छोटे अनुशासन और नियम भविष्य की बड़ी सफलताओं की नींव रखते हैं। रिशु पांडे ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में एक निश्चित लक्ष्य (Goal) निर्धारित करना सबसे पहला कदम है। उन्होंने समय के सदुपयोग, कड़े अनुशासन का पालन करने तथा निरंतर परिश्रम और अटूट समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की दिशा में बिना रुके आगे बढ़ने का मूलमंत्र दिया।

कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए विशेष मार्गदर्शक सत्र
प्रातःकालीन सभा के पश्चात विद्यालय के मुख्य सभागार में विशेष रूप से कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणात्मक एवं मार्गदर्शक सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में रिशु पांडे ने युवाओं से खुलकर संवाद किया और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं एवं भविष्य की चुनौतियों से निपटने के गुर सिखाए।

अपने संबोधन में उन्होंने जोर देकर कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। इसे पाने के लिए अनुशासन, लगन, अथक परिश्रम, धैर्य और निरंतर प्रयास (Consistency) की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने देखे हुए सपनों को ठोस लक्ष्यों में परिवर्तित करने और अपनी भीतर की दृढ़ इच्छाशक्ति (Willpower) के साथ उन्हें हासिल करने की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उनके इस ओजस्वी मार्गदर्शन ने छात्रों में नया जोश भर दिया।

शिक्षकों के साथ आत्मीय भेंट और पुरानी यादें ताजा
इस विशेष अवसर पर लेफ्टिनेंट रिशु पांडे ने विद्यालय के उन गुरुजनों से भी आत्मीय भेंट की, जिन्होंने उनके शुरुआती जीवन और शिक्षा को गढ़ने में अहम भूमिका निभाई थी। शिक्षकों ने अपने इस छात्र को फौजी वर्दी और लेफ्टिनेंट के रुतबे में देखकर गर्व महसूस किया और उन्हें गले से लगाकर आशीर्वाद दिया। रिशु ने भी अपने विद्यालयीन जीवन की स्नेहिल एवं अविस्मरणीय यादों को ताजा करते हुए अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी यह उपलब्धि
रिशु पांडे की यह शानदार सफलता न केवल उनके परिवार और माता-पिता के लिए, बल्कि पूरे डी. पॉल विद्यालय मैदानी, रीवा और जिले के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। उनकी यह उपलब्धि आज के युवाओं और विद्यार्थियों के लिए एक जीवंत प्रेरणा स्रोत है। यह इस बात का प्रमाण है कि यदि सही दिशा में अटूट परिश्रम, लगन, अनुशासन और दृढ़ संकल्प रखा जाए, तो रीवा जैसे क्षेत्रीय परिवेश से निकलकर भी देश के सर्वोच्च पदों को हासिल किया जा सकता है।