"कांग्रेस की काली करतूत! युवा अध्यक्ष ड्रग्स रैकेट में, पुलिस पर हर महीने 'तय रकम' लेने का आरोप; रीवा में नशे का वीआईपी नेटवर्क"
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के रीवा जिले में, विशेष रूप से सिरमौर क्षेत्र में, एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भारी उथल-पुथल मच गई है। इस वीडियो में कथित तौर पर स्थानीय युवा कांग्रेस अध्यक्ष अवनीश सिंह गहरवार को प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की बिक्री करते हुए दिखाया गया है। यह घटना न केवल प्रदेश की सबसे पुरानी पार्टी के भीतर नेतृत्व पर सवाल उठाती है, बल्कि क्षेत्र में नशे के बढ़ते कारोबार और उस पर पुलिस की भूमिका को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा करती है।
युवा नेता पर नशा तस्करी का वीडियो
वायरल हो रहे वीडियो फुटेज में, जो सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल रहा है, युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अवनीश सिंह गहरवार को सफेद हाफ शर्ट और हाफ पैंट पहने हुए देखा जा सकता है। वीडियो में वह कथित तौर पर दो प्रमुख नशीले पदार्थ - कोरेक्स सिरप और ब्राउन शुगर – बेचते हुए कैद हुए हैं।
जिस व्यक्ति को वह नशीला पदार्थ बेच रहे थे, उसकी भी पहचान कैमरे में हुई है, जिससे इन आरोपों को बल मिला है कि यह कारोबार एक संगठित रैकेट का हिस्सा है। नशे के कारोबार में राजनीतिक संरक्षण कैसे काम करता है? यह वीडियो इस बात का स्पष्ट उदाहरण पेश करता है, क्योंकि एक मुख्य राजनीतिक दल का पदाधिकारी खुलेआम ऐसी अवैध गतिविधि में शामिल पाया गया है।
राजनीतिक गलियारों में खलबली और आरोप-प्रत्यारोप
वीडियो सामने आने के तुरंत बाद, आरोपी अवनीश सिंह गहरवार की तस्वीरें कांग्रेस के प्रमुख नेताओं के साथ वायरल होने लगीं। इनमें कांग्रेस के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और मऊगंज के पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह के साथ उनकी तस्वीरें शामिल हैं।
- भाजपा का हमला: सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इन तस्वीरों को आधार बनाकर कांग्रेस पर तीखे हमले किए हैं। भाजपा का सीधा आरोप है कि ये तस्वीरें साबित करती हैं कि नशे के इस नेटवर्क को उच्च स्तरीय राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। भाजपा ने सवाल उठाया है कि अगर पार्टी के पदाधिकारी ही ड्रग नेटवर्क चला रहे हैं, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?
- कांग्रेस की चुप्पी: भाजपा ने यह भी आरोप लगाया है कि वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बावजूद, कांग्रेस पार्टी इस मामले पर चुप्पी साधे हुए है, जिससे मामले की गंभीरता और संदेह गहरा रहा है।
कांग्रेस नेता की नशा बेचते हुए दो तस्वीरें...
पुलिस पर गंभीर मिलीभगत के आरोप
स्थानीय निवासियों, विशेष रूप से शिवानंद द्विवेदी जैसे क्षेत्रवासियों ने, इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। रीवा पुलिस 'ऑपरेशन प्रहार' कैसे चला रही है? स्थानीय लोगों का आरोप है कि थाने स्तर पर नशीले पदार्थों की बिक्री की पूरी जानकारी होने के बावजूद, थाना प्रभारी द्वारा कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया।
- 'तय रकम' का खेल: क्षेत्रवासियों के बीच यह चर्चा आम है कि थाने स्तर पर हर महीने एक तय रकम पहुँचने का खेल चलता है। पुलिस पर रिश्वत लेने के आरोप क्यों लग रहे हैं? इस वित्तीय लेनदेन के कारण, बड़े सप्लायर और तस्कर बेखौफ होकर अपना कारोबार संचालित कर रहे हैं, जिससे मैदानी स्तर पर कानून व्यवस्था पर से विश्वास उठ रहा है।
'ऑपरेशन प्रहार' की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न
रीवा के आईजी गौरव राजपूत ने क्षेत्र से नशाखोरी को खत्म करने के लिए 'ऑपरेशन प्रहार' नामक एक सख्त अभियान शुरू किया था। हालाँकि, इस वायरल वीडियो और स्थानीय निवासियों के आरोपों ने इस अभियान की मैदानी हकीकत और प्रभावशीलता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
- खानापूर्ति: आरोप है कि थाना प्रभारियों की घोर लापरवाही के कारण, यह अभियान केवल औपचारिकताओं तक सीमित रह गया है। पुलिस अक्सर केवल 5-10 सीसी नशीली दवा या थोड़ी-सी महुआ शराब जब्त कर लेती है, और छोटी मछलियों पर कार्रवाई करके खानापूर्ति कर देती है, जबकि वीडियो में दिखने वाले नेता जैसे बड़े तस्कर आसानी से बच निकलते हैं। यह साबित करता है कि अभियान का क्रियान्वयन निचले स्तर पर पूरी तरह से विफल रहा है।
उच्च स्तरीय जांच की मांग और भविष्य की कार्रवाई
इस पूरे स्कैंडल ने मध्य प्रदेश में नशे के नेटवर्क की जड़ों को हिला दिया है। भाजपा ने अब इस पूरे नेटवर्क की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, ताकि नशे के कारोबार में राजनीतिक संरक्षण की परतें खुल सकें और पुलिस के भीतर की मिलीभगत का पर्दाफाश हो सके।
- भविष्य की कार्रवाई: पुलिस प्रशासन पर दबाव है कि वह त्वरित कार्रवाई करे और न केवल आरोपी युवा नेता को गिरफ्तार करे, बल्कि इस रैकेट में शामिल सभी उच्च और निम्न स्तर के व्यक्तियों की पहचान करे, जिनमें पुलिस अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।
यह घटना दर्शाती है कि नशे का कारोबार अब केवल आपराधिक मामला नहीं रहा, बल्कि यह सीधे तौर पर राजनीतिक शुचिता और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा हुआ है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: रीवा में युवा कांग्रेस अध्यक्ष पर क्या आरोप लगे हैं?
Ans: युवा कांग्रेस अध्यक्ष अवनीश सिंह गहरवार पर रीवा में वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर कोरेक्स सिरप और ब्राउन शुगर जैसे नशीले पदार्थों की बिक्री करने का गंभीर आरोप लगा है।
Q2: ड्रग्स बेचने वाले नेता के साथ किसकी फोटो वायरल हुई है?
Ans: आरोपी युवा नेता अवनीश सिंह गहरवार की तस्वीरें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, जैसे कि पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह, के साथ वायरल हुई हैं, जिसके बाद भाजपा ने राजनीतिक संरक्षण का आरोप लगाया है।
Q3: पुलिस पर क्या आरोप लगाए जा रहे हैं?
Ans: स्थानीय लोगों ने पुलिस पर नशे के कारोबार की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई न करने और मासिक 'तय रकम' (रिश्वत) लेकर बड़े तस्करों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है।
Q4: 'ऑपरेशन प्रहार' क्या है और इसकी क्या स्थिति है?
Ans: 'ऑपरेशन प्रहार' रीवा आईजी द्वारा नशे के खिलाफ शुरू किया गया एक अभियान है। आरोपों के अनुसार, यह अभियान मैदान पर विफल रहा है और थाना प्रभारियों की लापरवाही के कारण यह केवल छोटी-मोटी कार्रवाई तक सीमित रह गया है।