रीवा शिक्षा विभाग: पुताई घोटाले में फंसेंगे बड़े सिर! 50 करोड़ के गबन का विधानसभा में गूंजेगा शोर, मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल ने तैयार की 'चार्जशीट'

 
रीवा संभाग के स्कूलों में बिना काम किए करोड़ों का भुगतान; मऊगंज और अमरपाटन विधायकों ने सरकार को घेरा।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा का शिक्षा विभाग एक बार फिर विवादों के घेरे में है। अनुकंपा नियुक्ति के पुराने विवाद अभी थमे भी नहीं थे कि अब 'रंगाई-पुताई और अनुरक्षण मद' में हुए करोड़ों के घोटाले ने विभाग की साख पर कालिख पोत दी है। ताज़ा मामला स्कूलों की मरम्मत के नाम पर फर्जी बिलों के जरिए सरकारी खजाना खाली करने का है, जिसकी तपिश अब मध्य प्रदेश विधानसभा तक पहुँच गई है।

विधानसभा में गूँजेगी घोटाले की गूंज: कांग्रेस-भाजपा एक साथ 

  • शिक्षा विभाग में व्याप्त इस भ्रष्टाचार के खिलाफ इस बार सत्ता पक्ष (भाजपा) और विपक्ष (कांग्रेस) दोनों के विधायक लामबंद नजर आ रहे हैं।
  • मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल ने तारांकित प्रश्न के जरिए भ्रष्टाचार की जड़ें खोदने का काम किया है।
  • अमरपाटन विधायक डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाकर सरकार से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

रीवा-सतना-मैहर: करोड़ों की राशि डकार गए जिम्मेदार 
जांच में सामने आया है कि प्राचार्य, शिक्षक और ठेकेदारों के गठजोड़ ने छात्रों की सुरक्षा को ताक पर रखकर करोड़ों रुपए का गबन किया।

  • मैहर: यहाँ सबसे बड़ा 4.37 करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा हुआ, जिसमें 22 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
  • सतना: ठेकेदारों ने 6 स्कूलों में काम दिखाए बिना ही 30 लाख रुपए के फर्जी बिल पास करा लिए।
  • रीवा: यहाँ 28 लाख रुपए का भुगतान बिना काम पूरा किए ही कर दिया गया। इस मामले में तत्कालीन डीईओ, रमसा प्रभारी, और 3 प्राचार्यों सहित 7 लोगों को कमिश्नर ने नोटिस जारी किया है।

मऊगंज विधायक का प्रहार: लेखा अधिकारी पुष्पा पुसाम के रिकॉर्ड तलब 
भाजपा विधायक प्रदीप पटेल ने विशेष रूप से तत्कालीन लेखा अधिकारी श्रीमती पुष्पा पुसाम की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। विधानसभा में पूछे गए प्रश्न क्रमांक 24593 के तहत उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी मांगी है:

पुष्पा पुसाम की पदस्थापना और पदोन्नति के संशोधित आदेश की प्रति।

  • पैपखरा, दुआरी, गुढ़, खैरा, बरहैया और खटखरी स्कूलों में बिना काम के हुए 28 लाख के भुगतान का विवरण।
  • इन भुगतानों पर लेखा अधिकारी का अभिमत और कोषालय के वाउचर नंबर।
  • अनियमितता की जांच रिपोर्ट और अब तक की गई कार्रवाई का ब्यौरा।

अमरपाटन विधायक का ध्यानाकर्षण: 50 करोड़ के गबन का दावा 
पूर्व मंत्री और अमरपाटन विधायक डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह ने इस घोटाले के दायरे को और बड़ा बताया है। उन्होंने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि रीवा संभाग के जिलों में लघु निर्माण और मेंटेनेंस के नाम पर करीब 50 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खुर्द-बुर्द की गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि डीईओ (DEO), बीईओ (BEO) और प्राचार्यों ने कागजों की कूटरचना (Forgery) कर शासन को आर्थिक क्षति पहुँचाई है। उन्होंने दोषियों से राशि वसूली और उनकी तत्काल सेवा समाप्ति की मांग की है।