रीवा के रानीतालाब में खाद्य विभाग का छापा : सावधान! ज़हर बन रही बाज़ार की मिठाई: 2 क्विंटल नकली मावा और मैदा ज़ब्त, रिपोर्ट देखकर उड़ जाएंगे होश!
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) रीवा शहर के रानीतालाब इलाके में उस समय हड़कंप मच गया जब खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर अवैध और मिलावटी मिठाई बनाने वाली फैक्ट्री पर औचक दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाली सामग्रियां मिलीं। मौके से लगभग 2 क्विंटल (200 किलोग्राम) तैयार नकली मिठाइयां जब्त की गईं।
यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमरीश दुबे के नेतृत्व में की गई। शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि यह फैक्ट्री बिना मानक मापदंडों और स्वच्छता के नियमों का पालन किए अवैध रूप से संचालित की जा रही थी। इस घटना के बाद से शहर के मिठाई कारोबारियों और मिलावटखोरों में अफरा-तफरी का माहौल है।
गंदगी और असुरक्षित माहौल में बन रही थी मिठाइयां
छापेमारी के दौरान जब खाद्य विभाग की टीम फैक्ट्री के अंदर दाखिल हुई, तो वहां के दृश्य बेहद चौंकाने वाले थे। मिठाई निर्माण का कार्य अत्यंत गंदगी और अस्वास्थ्यकर स्थितियों के बीच किया जा रहा था। जिस स्थान पर मिठाइयां तैयार की जा रही थीं और रखी गई थीं, वहां चारों तरफ गंदगी फैली हुई थी।
मावे के नाम पर मैदे का घालमेल: सेहत से खिलवाड़
जांच में यह बेहद गंभीर तथ्य सामने आया कि शुद्ध मावा (खोया) की जगह सस्ते मैदे और हानिकारक रसायनों व तेलों का उपयोग करके मिठाइयां तैयार की जा रही थीं। रंग और स्वाद में असली मावे जैसा अहसास देने के लिए इसमें कई तरह के अमानक तत्वों का मिश्रण किया जाता था।
अनुसंधान में यह भी पता चला है कि इस अवैध कारोबार को संचालित करने वाले कारीगर और संचालक मुख्य रूप से झारखंड के रहने वाले हैं, जो रीवा में आकर किराए का परिसर लेकर यह गोरखधंधा चला रहे थे। इस नकली सामग्री से तैयार मिठाइयों की सप्लाई रीवा शहर की विभिन्न छोटी-बड़ी दुकानों और हाट-बाजारों में की जाती थी, जिससे आम जनता की सेहत को सीधा खतरा पैदा हो रहा था।
वाणिज्यिक कार्य में घरेलू गैस सिलेंडर का अवैध उपयोग
कार्रवाई के दौरान केवल खाद्य पदार्थों में मिलावट ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक नियमों के उल्लंघन का मामला भी उजागर हुआ। मिठाइयां भूनने और पकाने के लिए कॉमर्शियल (व्यावसायिक) गैस सिलेंडरों के बजाय रियायती दरों पर मिलने वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा था।
अधिकारियों ने मौके से कई घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए हैं। बिना सुरक्षा उपायों के इस तरह घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग करना सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी एक बड़ा खतरा बना हुआ था। खाद्य विभाग ने इस संबंध में रसद और संबंधित विभागों को भी सूचित किया है ताकि नियमानुसार अतिरिक्त कार्रवाई की जा सके।
खाद्य विभाग की आगे की कार्रवाई और सैंपल जांच
खाद्य अधिकारी अमरीश दुबे ने स्पष्ट किया कि जब्त की गई 2 क्विंटल मिठाइयों के विभिन्न नमूने (सैंपल्स) विधिवत सील कर दिए गए हैं। इन नमूनों को राज्य की प्राधिकृत खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला (Food Testing Lab) में जांच के लिए भेजा जा रहा है।
लैब से आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल विभाग फैक्ट्री के स्वामित्व, लाइसेंस, जीएसटी पंजीकरण और शहर की उन दुकानों की सूची जुटा रहा है जहां-जहां इन मिलावटी मिठाइयों की आपूर्ति की जाती थी। संलिप्त पाए जाने वाले सभी विक्रेताओं पर भी कड़ी गाज गिरना तय है।