'रीवा न्यूज़ मीडिया' की खबर का बड़ा असर! घनी आबादी के बीच चल रही 5 पटाखा दुकानों के लाइसेंस निरस्त, मचा हड़कंप!

 
रीवा न्यूज़ मीडिया की खबर का असर, कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने मैदानी में चल रही 5 पटाखा दुकानों के लाइसेंस निरस्त किए।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) दीपावली पर्व से ठीक पहले रीवा जिला प्रशासन ने जनसुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एक बड़ी और नज़ीर पेश करने वाली कार्रवाई की है। शहर से लगे मैदानी क्षेत्र (आराजी नंबर 79/6/10) में घनी आबादी के बीच खतरनाक सुरक्षा जोखिमों के साथ चलाई जा रही दीपू पटाखा समेत कुल पांच पटाखा दुकानों के लाइसेंस कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी द्वारा तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। यह पूरी कार्रवाई विस्फोटक अधिनियम, 1884 एवं विस्फोटक नियम, 2008 में निहित कानूनी प्रावधानों के तहत अंजाम दी गई है। प्रशासन के इस सख्त फैसले के बाद से ही शहर के बारूद कारोबारियों और अमानक तरीके से पटाखों का भंडारण करने वाले भू-माफियाओं में भारी हड़कंप मच गया है।

रीवा न्यूज़ मीडिया की खबर का बड़ा असर: प्रमुखता से उठाया था मुद्दा
मैदानी क्षेत्र में घनी आबादी के बीच बेधड़क संचालित हो रही इन पटाखा दुकानों और गोदामों के गंभीर खतरे को लेकर रीवा न्यूज़ मीडिया ने पूर्व में ही प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। जनहित से जुड़ी इस संवेदनशील खबर के माध्यम से प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया था कि कैसे रिहायशी इलाके में भारी मात्रा में विस्फोटक और अत्यंत ज्वलनशील सामग्री रखी जा रही है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

रीवा न्यूज़ मीडिया की खबर का व्यापक असर देखने को मिला। खबर का संज्ञान लेते हुए पुलिस और जिला प्रशासन की टीम तुरंत हरकत में आई और पूरे मामले की मुस्तैदी से जांच शुरू की। पूर्व में भी निर्धारित क्षमता से अधिक पटाखे जमा करने पर जब्ती की कार्रवाई की गई थी, लेकिन इसके बाद भी व्यापार जारी रहने पर अब अंततः प्रशासन ने लाइसेंस निरस्त करने का अंतिम हंटर चला दिया है।

पुलिस प्रतिवेदन और सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन पर कड़ा एक्शन
इस ऐतिहासिक कार्रवाई की नींव चोरहटा थाना प्रभारी द्वारा 8 जुलाई 2026 को जिला प्रशासन को सौंपी गई एक विस्तृत जांच रिपोर्ट पर टिकी थी। पुलिस प्रतिवेदन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि मैदानी गांव स्थित आराजी नंबर 79/6/10 के आसपास काफी घनी आबादी निवास करती है।

रिहायशी बस्ती के एकदम समीप भारी मात्रा में अति-संवेदनशील और ज्वलनशील पटाखों का भंडारण किया जा रहा था। किसी भी अनहोनी, तकनीकी खराबी या चिंगारी की स्थिति में भीषण विस्फोट हो सकता था, जिससे आसपास रहने वाले निर्दोष नागरिकों की जान-माल को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती थी। पुलिस ने जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस भंडारण को अत्यंत संवेदनशील और असुरक्षित बताया था।

विस्फोटक अधिनियम के तहत कलेक्टर ने जारी किए सख्त आदेश
पुलिस प्रतिवेदन के आधार पर जिला प्रशासन ने 13 जुलाई 2026 को संबंधित पांचों अनुज्ञप्तिधारियों को कारण बताओ नोटिस थमाया था। नोटिस में तीन दिनों के भीतर अपनी सफाई प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद 17 जुलाई 2026 को पटाखा व्यवसायियों द्वारा कलेक्टोरेट में अपना जवाब प्रस्तुत किया गया, लेकिन कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने जनहित और सुरक्षा मानकों की समीक्षा करते हुए उनके तर्कों को पूरी तरह से असंतोषजनक और तथ्यहीन करार दिया। कलेक्टर ने आम नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा को पहली प्राथमिकता मानते हुए पांचों दुकानों के लाइसेंस रद्द करने के अंतिम आदेश पर मुहर लगा दी।

निरस्त किए गए 5 प्रमुख पटाखा लाइसेंसधारियों की सूची
कलेक्टर न्यायालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार जिन व्यवसायियों की पटाखा अनुज्ञप्तियां (लाइसेंस) रद्द की गई हैं, उनका विवरण इस प्रकार है:

  • कुलदीप गुप्ता (निवासी ग्राम मैदानी): अनुज्ञप्ति संख्या - 79/XP/DMR/2009
  • घनश्याम आहूजा (निवासी गल्ला मंडी, अमहिया): अनुज्ञप्ति संख्या - 11/XP/DMR/2019
  • नारायण दास अग्रवाल (निवासी तरहटी): अनुज्ञप्ति संख्या - 07/XP/DMR/2017
  • राजबली गुप्ता (निवासी गुड़हाई बाजार): अनुज्ञप्ति संख्या - 04/XP/DMR/2017
  • राहुल जैन (निवासी फोर्ट रोड): अनुज्ञप्ति संख्या - 10/XP/DMR/2019

जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आबादी वाले क्षेत्रों में अवैध तरीके से बारूद या पटाखे जमा करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह का सख्त रुख बरकरार रहेगा।