Rewa Flood Action : रीवा में पानी उतरते ही गरजेगा 'बुलडोजर'! महापौर बाबा का बड़ा ऐलान- नालों पर कब्जा करने वाले बिल्डरों की खैर नहीं!
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो) मध्य प्रदेश के रीवा शहर में लगातार जारी मूसलाधार बारिश ने नगर निगम के इंफ्रास्ट्रक्चर की पोल खोलकर रख दी है। शहर के निचले हिस्सों और रिहाइशी इलाकों में जलभराव के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम प्रशासन फिलहाल प्रभावित नागरिकों तक तात्कालिक राहत पहुंचाने में जुटा हुआ है।
प्रशासन की ओर से राहत शिविरों और जलमग्न कॉलोनियों में भोजन, नाश्ता, पीने का पानी और जरूरी दवाइयों का वितरण लगातार किया जा रहा है। हालांकि, इस प्राकृतिक आपदा के बीच जलभराव के स्थायी कारणों को दूर करने के लिए रीवा नगर निगम ने एक बड़े प्रशासनिक एक्शन की रूपरेखा तैयार कर ली है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज
शहर में बनी आपात स्थिति के बीच महापौर अजय मिश्रा ‘बाबा’ खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। उन्होंने राहत किचन का औचक निरीक्षण कर खुद भोजन की गुणवत्ता जांची और प्रभावितों को दोनों समय गुणवत्तापूर्ण भोजन और नाश्ता उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश जारी किए।
निगम की प्राथमिकता इस समय जल प्रभावित वार्डों में बीमारियों के फैलाव को रोकना है। इसके लिए जलभराव वाले इलाकों से पानी निकासी के साथ-साथ व्यापक स्तर पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है। मच्छरों और संक्रामक रोगों से बचाव के लिए प्रभावित क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर और कीटनाशकों का छिड़काव युद्ध स्तर पर जारी है।
पानी उतरते ही चलेगा बुलडोजर: महापौर अजय मिश्रा ‘बाबा’ का कड़ा रुख
रीवा महापौर अजय मिश्रा ‘बाबा’ ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि बाढ़ का पानी उतरते ही शहर में नियम विरुद्ध बने अवैध निर्माणों और अव्यवस्थित ढंग से काटी गई कॉलोनियों पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा। पानी का स्तर कम होते ही प्रशासन बुलडोजर और मलबे हटाने वाली मशीनों के साथ मैदान में उतरेगा।
महापौर के अनुसार, बारिश के दौरान सामने आई जलभराव की विकराल समस्या की बिंदुवार समीक्षा की जाएगी। प्राकृतिक जल निकासी (Natural Drainage System) के रास्तों को बंद करने वाले भू-माफियाओं और बिल्डरों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
नालों पर अतिक्रमण और अवैध कॉलोनियों पर कसेगा शिकंजा
शहर के कई प्रमुख हिस्सों में जलभराव का मुख्य कारण प्राकृतिक नालों पर किया गया अवैध कब्जा है। कई बिल्डरों ने बिना ड्रेनेज सिस्टम और मास्टर प्लान की मंजूरी के अव्यवस्थित कॉलोनियां बसा दी हैं, जिससे बारिश का पानी आगे बढ़ने के बजाय बस्तियों में भर रहा है।
नगर निगम प्रशासन उन सभी स्थानों की पहचान कर रहा है जहां नालियों और नालों की चौड़ाई को अवैध निर्माण कर छोटा कर दिया गया है। महापौर ने निर्देश दिए हैं कि प्राकृतिक जलप्रवाह में बाधक बनने वाले हर एक अतिक्रमण को चिन्हित कर ध्वस्त किया जाएगा ताकि भविष्य में शहर को ऐसे जलप्रलय का सामना न करना पड़े।
सर्वे टीम गठित: नियम विरुद्ध निर्माणों की बनेगी सूची
बाढ़ की स्थिति सामान्य होते ही नगर निगम के तकनीकी विशेषज्ञों और राजस्व अधिकारियों की संयुक्त टीमें प्रभावित क्षेत्रों का भौतिक सर्वे शुरू करेंगी। यह टीम शहर के सभी वार्डों में नालों की स्थिति, अवैध भराव, बिना अनुमति बनी बहुमंजिला इमारतों और कॉलोनियों की जांच करेगी। नियम विरुद्ध पाए जाने वाले निर्माणों को तत्काल नोटिस जारी किए जाएंगे और निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब न मिलने पर सीधे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।