शातिर निकले रीवा के ये यार: दोस्त को गोली मारकर पुलिस को सुना रहे थे 'लोही पुल' की फर्जी कहानी

 

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। विंध्य की धरा रीवा एक बार फिर गोलियों की गूँज से दहल उठी है। शहर के बिछिया थाना अंतर्गत कृष्णा नगर चिरहुला इलाके में 15 मार्च की रात एक ऐसी घटना घटी, जिसने दोस्ती और शौक के बीच की बारीक लकीर को मिटा दिया। यहाँ दोस्तों की एक महफिल सजी थी, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि एक 'देसी पिस्टल' इस जश्न को मातम में बदल देगी। 20 साल के एक युवक के हाथ में मौजूद हथियार ने उसके ही दोस्त की जान जोखिम में डाल दी।

पिस्टल चेक करते समय कैसे दबा ट्रिगर? 
घटना की रात करीब 10:15 बजे, प्रतीक पटेल उर्फ बादशाह और उसका दोस्त मजरूब एक कमरे में बैठकर पार्टी कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक, प्रतीक के पास एक अवैध देसी पिस्टल थी। नशे या सिर्फ दिखावे के जुनून में प्रतीक उस पिस्टल को निकालकर चेक करने लगा। इसी दौरान अचानक उसका ट्रिगर दब गया। कमरे की खामोशी एक धमाके के साथ टूटी और सामने बैठे मजरूब के पेट में गोली जा धंसी। मजरूब लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा।

पुलिस को गुमराह करने की कोशिश: लोही पुल का फर्जी ड्रामा
शुरुआत में इस मामले को दबाने या दिशा मोड़ने की कोशिश की गई थी। पुलिस को शुरुआती सूचना मिली थी कि लोही पुल के पास किसी अज्ञात हमलावर ने युवक पर हमला किया है। लेकिन जब बिछिया थाना पुलिस ने मामले की बारीकी से जांच की, तो परतें खुलने लगीं। पुलिस ने पाया कि कोई बाहरी हमला नहीं हुआ था, बल्कि गोली तो कृष्णा नगर के उसी किराए के कमरे में चली थी जहाँ पार्टी हो रही थी। यह खुलासा होते ही 'हमले' की कहानी 'हादसे' में बदल गई।

संजय गांधी अस्पताल (SGMH) में जिंदगी की जंग 
गोली लगने के बाद मजरूब को तुरंत रीवा के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय (SGMH) ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, गोली पेट के नाजुक हिस्से में लगी है, जिससे काफी आंतरिक रक्तस्राव हुआ। घायल युवक मूल रूप से गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के टीकर (बरिगवां) का रहने वाला है और वर्तमान में कृष्णा नगर में ही रह रहा था। फिलहाल उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है।

आरोपी प्रतीक पटेल गिरफ्तार: पुलिस ने बरामद की पिस्टल
बिछिया पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए 20 वर्षीय मुख्य आरोपी प्रतीक पटेल उर्फ बादशाह को हिरासत में ले लिया है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वह घातक देसी पिस्टल भी बरामद कर ली है, जिससे फायर हुआ था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 20 साल के युवक के पास यह अवैध हथियार कहाँ से आया और इसका स्रोत क्या है।

बीएनएस (BNS) और आर्म्स एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 व 27 के तहत मामला दर्ज किया है। रीवा पुलिस प्रशासन का कहना है कि अवैध हथियारों का प्रदर्शन और इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की रिमांड ली जा सकती है।

युवाओं में बढ़ता गन कल्चर: एक सामाजिक चुनौती
यह घटना केवल एक हादसा नहीं है, बल्कि यह रीवा के युवाओं में बढ़ते 'गन कल्चर' की ओर इशारा करती है। सोशल मीडिया पर रील बनाने और रसूख दिखाने के लिए अवैध हथियार रखना अब एक फैशन बनता जा रहा है। कृष्णा नगर की यह घटना एक सबक है कि हथियार खिलौना नहीं होते और एक छोटी सी चूक किसी के घर का चिराग बुझा सकती है।