रीवा में महाशिवरात्रि पर निकली ऐतिहासिक शिव बारात : बैजू धर्मशाला से पचमठा तक उमड़ा जनसैलाब, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने लिया आशीर्वाद
ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। विंध्य की हृदय स्थली रीवा में रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व बेहद धूमधाम से मनाया गया। शहर की पुरानी परंपरा को जीवंत रखते हुए एक भव्य शिव बारात का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। 'हर-हर महादेव' के जयघोष के साथ पूरा शहर शिवमय हो गया।
इस गौरवशाली आयोजन में मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने विशेष रूप से शिरकत की। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती के स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की।
डिप्टी सीएम का संदेश: "रीवा की यह शिव बारात हमारी सांस्कृतिक धरोहर और अटूट विश्वास का संगम है। यह आयोजन समाज में एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करता है।"
भव्यता का प्रतीक: 30 फीट का त्रिशूल और भूत-प्रेतों का डांस
इस साल की बारात में कई ऐसी चीजें रहीं जिन्होंने लोगों का ध्यान खींचा:
- विशाल त्रिशूल: बारात में 30 फीट ऊंचा त्रिशूल सबसे बड़ा आकर्षण रहा। युवा और बच्चे इस विशालकाय त्रिशूल के साथ सेल्फी लेने के लिए उत्साहित दिखे।
- जीवंत झांकियां: भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की मनमोहक झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया।
- अनोखी टोली: बारात में शामिल भूत-प्रेत और अघोरियों की टोली ने श्मशान और शिव गणों के दृश्य को सजीव कर दिया, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
यात्रा मार्ग: फूलों की वर्षा से हुआ भोलेनाथ का स्वागत
बारात का सफर बैजू धर्मशाला से शुरू होकर शहर के मुख्य रास्तों, तिराहों और चौराहों से होता हुआ पचमठा आश्रम पर समाप्त हुआ।
- रास्ते भर स्थानीय लोगों ने अपने घरों की छतों से बारात पर पुष्प वर्षा की।
- विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा स्वागत द्वार बनाए गए थे।
- गूंजते हुए भजनों और ढोल-नगाड़ों ने उत्सव के जोश को दोगुना कर दिया।
सेवा और सुरक्षा: भंडारों की धूम और पुलिस की चौकसी
श्रद्धालुओं की सेवा के लिए रीवा शहर में जगह-जगह विशाल भंडारों का आयोजन किया गया, जहां लोगों को फलहारी और महाप्रसाद वितरित किया गया।
पुलिस प्रशासन: भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
ट्रैफिक व्यवस्था: पुलिस की मुस्तैदी की वजह से शहर के यातायात में कोई बड़ी बाधा नहीं आई और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।