"मनीष पटेल का 'मानसिक दिवालियापन': बघेली संस्कृति के नाम पर फैला रहा जातिगत जहर, जनता ने थूका"

 

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। डिजिटल क्रांति के इस युग में 'कंटेंट क्रिएटर' बनना जितना आसान है, अपनी गरिमा बनाए रखना उतना ही चुनौतीपूर्ण। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के प्रसिद्ध सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मनीष पटेल, जो अपनी बघेली कॉमेडी के लिए जाने जाते थे, आज एक गंभीर विवाद के केंद्र में हैं। उनके द्वारा हाल ही में अपलोड किए गए एक वीडियो ने न केवल एक विशेष वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, बल्कि समाज में जातिगत विद्वेष की चिंगारी भी सुलगा दी है।

विवाद की जड़: क्या है 'ब्राह्मण लड़की' वाला आपत्तिजनक वीडियो?
वैलेंटाइन डे के माहौल को भुनाने के चक्कर में मनीष पटेल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक रील साझा की। इस वीडियो का विषय कथित तौर पर 'ब्राह्मण लड़की पटाने के बाद' की स्थितियों पर आधारित था। वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा, हाव-भाव और संदर्भ को ब्राह्मण समाज ने अपनी महिलाओं और संस्कृति के प्रति अपमानजनक माना है। जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, रीवा समेत पूरे प्रदेश में इसकी कड़ी निंदा शुरू हो गई।

ब्राह्मण समाज का आक्रोश: "सम्मान से समझौता नहीं"
इस घटना के बाद ब्राह्मण समाज के विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि मनोरंजन के नाम पर किसी जाति विशेष की महिलाओं को 'ऑब्जेक्टिफाई' करना या उन्हें टारगेट करना कतई स्वीकार्य नहीं है।

प्रमुख बिंदु:

  • समाज ने मनीष पटेल से सार्वजनिक और बिना शर्त माफी की मांग की है।
  • विवादित वीडियो को सभी प्लेटफॉर्म से तुरंत डिलीट करने का अल्टीमेटम दिया गया है।
  • माफी न मिलने की स्थिति में उग्र आंदोलन और FIR दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है।

पुराने जख्म हुए ताजा: संतोष वर्मा प्रकरण की याद
रीवा के इस विवाद ने पूर्व IAS अधिकारी संतोष वर्मा के उस पुराने मामले की यादें ताजा कर दी हैं, जब उन्होंने ब्राह्मण समाज की महिलाओं को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी। उस समय भी पूरे मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे। वर्तमान में मनीष पटेल की इस हरकत को उसी मानसिकता का विस्तार माना जा रहा है, जिससे युवाओं और प्रबुद्ध वर्ग में भारी रोष है।

डिजिटल एथिक्स और कलाकार की जिम्मेदारी
एक कलाकार का उद्देश्य समाज में सौहार्द बढ़ाना होता है। लेकिन जब कोई इन्फ्लुएंसर महज 'लाइक्स' और 'व्यूज' पाने के लिए किसी की आस्था या जातिगत अस्मिता को चोट पहुँचाता है, तो वह अपनी कला का अपमान करता है। सोशल मीडिया यूजर्स ने मनीष पटेल की आलोचना करते हुए इसे "सस्ती लोकप्रियता" पाने का तरीका बताया है। लोगों का कहना है कि बघेली संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाले कलाकार को ऐसी ओछी टिप्पणियों से बचना चाहिए था।

प्रशासनिक और कानूनी पहलू
फिलहाल रीवा पुलिस की साइबर सेल सोशल मीडिया पर हो रही गतिविधियों की निगरानी कर रही है। कानूनविदों के अनुसार, यदि किसी कंटेंट से सामाजिक शांति भंग होने की आशंका हो या किसी समुदाय की धार्मिक/जातीय भावनाओं को ठेस पहुंचती है, तो IT Act और IPC की विभिन्न धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जा सकती है। ब्राह्मण समाज ने स्पष्ट किया है कि यदि मनीष पटेल ने जल्द ही अपनी गलती नहीं सुधारी, तो वे कानूनी रास्ता अपनाने के लिए विवश होंगे।