बेटियों का 'पावर शो': जब रीवा-मऊगंज की साख पर आया संकट, तब इन लाडलियों ने मेरिट लिस्ट में गाड़ा झंडा; देखें पूरी टॉपर लिस्ट

 

रीवा/मऊगंज: बुधवार को माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी के नतीजों ने विंध्य क्षेत्र के शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है। इस बार का परिणाम कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। जहाँ 12वीं के परीक्षा परिणाम में पिछले साल की तुलना में सुधार देखा गया, वहीं 10वीं का पासिंग प्रतिशत काफी नीचे गिरा है। हालांकि, रीवा और मऊगंज की बेटियों ने इस कठिन दौर में भी अपनी मेधा का परिचय देते हुए मेरिट सूची को अपने नामों से भर दिया है।

आंकड़ों की जुबानी: 12वीं में सुधार, 10वीं में बड़ी गिरावट

शिक्षा विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल 10वीं का पासिंग प्रतिशत 66.10% रहा, जो पिछले वर्ष के 72.08% के मुकाबले 5.98% कम है। इसके विपरीत, 12वीं कक्षा के छात्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। पिछले साल जिला का प्रतिशत 64.28% था, जो इस साल बढ़कर 66.29% तक पहुंच गया है। इस बार के रिजल्ट की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि कोई भी छात्र अनुपूरक (Supplementary) की श्रेणी में नहीं आया; छात्र या तो उत्तीर्ण हुए या सीधे अनुत्तीर्ण।

प्रवीण्य सूची के सितारे: सानिया, प्रियांशी और आदित्य ने गाड़ा झंडा

रीवा और मऊगंज से कुल 64 छात्र-छात्राओं ने प्रदेश की मेरिट सूची में स्थान बनाकर अपनी प्रतिभा को सिद्ध किया है:

  • वाणिज्य समूह: उमादत्त स्कूल ढेकहा की सानिया गुप्ता ने पूरे प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया।

  • जीव विज्ञान: बीबीएस किड्स स्कूल आजाद नगर की प्रियांशी सिंह ने भी प्रदेश में तीसरी रैंक हासिल कर सबको चौंका दिया।

  • कला समूह: आदित्य चतुर्वेदी ने टॉप-10 में दूसरा स्थान प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया।

  • गणित समूह: गीतांजलि पब्लिक स्कूल के प्रकाश तिवारी ने प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल किया।

छात्राओं ने बचाई साख: टॉप-10 में बेटियों का कब्जा

हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में रीवा और मऊगंज से कुल 37 बच्चे टॉपर आए हैं। इनमें से श्रुति पाण्डेय (गायत्री स्कूल) और श्रद्धा मिश्रा (नोबल अकादमी) ने चौथी पोजीशन के साथ रीवा के टॉपर्स का खाता खोला। इनके साथ ही श्रेया पाण्डेय, वर्तिका पाठक (मऊगंज), अनामिका तिवारी, स्वास्तिका मिश्रा और शिवांशी पटेल जैसी बेटियों ने साबित कर दिया कि "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" का नारा रीवा में हकीकत बन चुका है।

सरकारी बनाम प्राइवेट स्कूलों का मुकाबला

टॉपर्स की सूची में इस बार निजी और शासकीय स्कूलों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली:

  • 10वीं बोर्ड: टॉप-10 के 37 बच्चों में से 22 निजी स्कूलों से हैं और 15 सरकारी स्कूलों से।

  • 12वीं बोर्ड: यहाँ सरकारी स्कूलों ने बाजी मारी है। कुल 23 टॉपर्स में से 12 छात्र सरकारी स्कूलों से हैं और 11 प्राइवेट से।

तीन साल के परीक्षा परिणाम पर एक नजर (प्रतिशत में)

पिछले तीन वर्षों का तुलनात्मक अध्ययन करें तो रीवा की शिक्षा का स्तर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है:

  • वर्ष 2024: 10वीं में 56.08% और 12वीं में 60.79% परिणाम रहा।

  • वर्ष 2025: 10वीं में 72.08% और 12वीं में 64.28% परिणाम रहा।

  • वर्ष 2026: 10वीं में 66.10% और 12वीं में 66.29% परिणाम रहा।

सम्मान समारोह: फूलों और मालाओं से गूंजे स्कूल

रिजल्ट जारी होते ही रीवा के स्कूलों में जश्न का माहौल बन गया। मार्तण्ड स्कूल क्रमांक 1 में डीईओ रामराज मिश्रा, सहायक संचालक राजेश मिश्रा और प्राचार्य जेपी जायसवाल की मौजूदगी में टॉपर्स का तिलक लगाकर और माला पहनाकर सम्मान किया गया। इसी तरह गीतांजलि स्कूल और बीबीएस स्कूल में भी प्राचार्यों ने छात्रों को सम्मानित किया और उनकी मेहनत की सराहना की।