"पापा, ये लोग मुझे मार डालेंगे..." रीवा में 19 साल की श्वेता लापता; दहेज के लिए हत्या की आशंका, सिसक रहा बेबस पिता

 

रीवा के मनगवां में दहेज के लिए 19 वर्षीय श्वेता को बेरहमी से पीटा गया, परिजनों ने ससुराल वालों पर हत्या कर शव गायब करने का लगाया आरोप।

रीवा जिले के हिनौती ग्राम की रहने वाली श्वेता केवट उर्फ नीलम का विवाह बड़े ही अरमानों के साथ 23 मई 2025 को सतेन्द्र कुमार केवट के साथ हुआ था। पिता रामबिहारी केवट ने अपनी क्षमता के अनुसार अपाची मोटरसाइकिल, सोने की चेन, अंगूठी और गृहस्थी का सारा सामान दिया था। लेकिन उन्हें क्या पता था कि जिस घर में वो अपनी लाड़ली को भेज रहे हैं, वहां इंसान नहीं बल्कि लालची शिकारी रहते हैं।

4 लाख रुपये देने के बाद भी नहीं थमी दरिंदगी: जमीन के लिए मांगे 1.50 लाख
शादी के महज कुछ महीनों बाद ही पति सतेन्द्र, ससुर रामबिहारी, जेठ जितेन्द्र, सास ललिता और ननद मनो केवट ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया। श्वेता के पिता का आरोप है कि उन्होंने जमीन खरीदने के बहाने दबाव बनाकर 4 लाख रुपये नकद ले लिए। इसके कुछ समय बाद फिर से 1.50 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग शुरू कर दी गई। जब गरीब पिता ने और पैसे देने में असमर्थता जताई, तो श्वेता पर जुल्मों का पहाड़ टूट पड़ा।

25 फरवरी की सुबह क्या हुआ? मारपीट के बाद मोबाइल हुआ बंद
शिकायत के अनुसार, 25 फरवरी 2026 की सुबह श्वेता ने फोन पर अपने पिता को रोते हुए बताया कि ससुराल वाले उसे लात-घूंसों और लाठियों से बेरहमी से पीट रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इसके बाद से श्वेता का मोबाइल फोन बंद हो गया। जब परिजन उसके ससुराल पहुँचे, तो वहां श्वेता गायब मिली और ससुराल वालों ने परिजनों के साथ भी मारपीट कर उन्हें वहां से भगा दिया।

कहाँ गई श्वेता? पुलिस की ढुलमुल कार्रवाई से पिता परेशान
बेबस पिता ने हिनौती चौकी और मनगवां थाने के चक्कर काटे, लेकिन वहां उनकी सुनवाई नहीं हुई। थक-हारकर उन्हें रीवा पुलिस अधीक्षक (SP) के पास न्याय की गुहार लगानी पड़ी। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला तो दर्ज किया है, लेकिन परिजनों का सीधा आरोप है कि ससुराल वालों ने श्वेता की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के लिए उसका शव कहीं छुपा दिया है।

दहेज लोभियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
यह मामला समाज के चेहरे पर एक जोरदार तमाचा है। एक 19 साल की बेटी आज कहां है, किसी को नहीं पता। प्रशासन को इस मामले में तत्परता दिखाते हुए ससुराल पक्ष के लोगों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ करनी चाहिए ताकि श्वेता का सुराग मिल सके।