सावधान! रीवा के इस सरकारी कॉलेज में सुरक्षित नहीं हैं आपकी बेटियां : कमरे पर आओ, काम है, दो कलंकी शिक्षकों की चैट वायरल, मैनेजमेंट ने गुपचुप निकाला बाहर : शिक्षकों पर कब होगी FIR?

 

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। रीवा का पीएमश्री मॉडल साइंस कॉलेज इन दिनों अपनी शिक्षा के लिए नहीं, बल्कि एक शर्मनाक 'अश्लील कांड' की वजह से चर्चा में है। यहाँ भूगोल विभाग के अमित साहू और कॉमर्स विभाग के उमेश प्रजापति नामक दो शिक्षकों ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं। पुत्री समान छात्रा पर गंदी नजर रखना और उसे मोबाइल पर अश्लील मैसेज भेजकर "कमरे पर आओ" जैसे ऑफर देना, इन शिक्षकों की असली मानसिकता को उजागर करता है। सवाल यह है कि क्या अब शिक्षा के मंदिरों में बेटियाँ सुरक्षित नहीं हैं?

मैसेज कांड का खुलासा: फाइलों के बहाने 'कमरे' पर बुलाने की जिद
जांच में यह बात सामने आई है कि ये दोनों शिक्षक पिछले कई महीनों से छात्राओं को निशाना बना रहे थे। कक्षाओं में पढ़ाने के बजाय इनका ध्यान छात्राओं के मोबाइल नंबर जुटाने और उन्हें फंसाने में रहता था। पीड़ित छात्रा ने हिम्मत दिखाते हुए जब अपनी चैट दिखाई, तो कॉलेज प्रशासन के पैरों तले जमीन खिसक गई। मैसेज में साफ़ तौर पर छात्रा को डरा-धमकाकर या लालच देकर निजी कमरे पर बुलाने की कोशिश की गई थी।

सिफारिशी नियुक्तियों की 'भर्रेशाही': बिना योग्यता के बने 'गुरुजी'
मॉडल साइंस कॉलेज में मची इस अराजकता के पीछे का मुख्य कारण 'सिफारिशी नियुक्तियां' बताई जा रही हैं। आरोप है कि जनभागीदारी मद से रखे गए ये शिक्षक किसी न किसी नेता या रसूखदार के करीबी हैं। न तो इनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड चेक किया गया और न ही इनके पास उच्च स्तर की शैक्षणिक योग्यता है। यही वजह है कि ऐसे अयोग्य लोग कॉलेज में छात्राओं के लिए खतरा बन गए हैं। खबर तो यह भी है कि कई शिक्षक कॉलेज आते ही नहीं, लेकिन सत्ता की सेटिंग से उनका भुगतान बराबर हो रहा है।

प्रबंधन का शर्मनाक रवैया: पहले मामला दबाया, अब FIR से दूरी
जब छात्रा ने लिखित शिकायत की, तो कॉलेज प्रबंधन ने अपनी 'नाक' बचाने के लिए मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की। हद तो तब हो गई जब कुछ लोग छात्रा पर ही शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने लगे। लेकिन छात्रों के भारी आक्रोश और हंगामे के बाद प्रबंधन को मजबूरन जांच कमेटी बिठानी पड़ी। आनन-फानन में दोनों आरोपियों को नौकरी से निकाल तो दिया गया, लेकिन पुलिस में शिकायत (FIR) अब तक दर्ज नहीं कराई गई है। बिना कानूनी कार्रवाई के ये 'कलंक' बाहर भी किसी दूसरी छात्रा को शिकार बना सकते हैं।

अभिभावकों की चिंता: क्या यहाँ अपनी बेटियां भेजना सही है?
रीवा की जीडीसी कॉलेज के बाद मॉडल साइंस कॉलेज छात्राओं की पहली पसंद बना था, लेकिन इस घटना ने भरोसे को चकनाचूर कर दिया है। अभिभावक अब डरे हुए हैं कि जिस शिक्षक के भरोसे वे अपनी बेटियों को भेज रहे हैं, अगर वही भक्षक बन जाए तो न्याय कहाँ मिलेगा? कॉलेज प्रबंधन की चुप्पी कई बड़े सवालों को जन्म दे रही है।