इलाज कराने गए या सीधे श्मशान? नेशनल हॉस्पिटल में लिफ्ट टूटने से मरीज की तड़प-तड़पकर मौत, खटारा लिफ्ट और बदतमीज स्टाफ की खुली पोल, परिजनों को ज़मीन पर घसीटा 

 
इलाज के नाम पर बलि चढ़ रहे बेकसूर मरीज! रीवा नेशनल हॉस्पिटल में जर्जर लिफ्ट गिरने से तड़पकर मौत, जाने से पहले 100 बार सोचें।

ऋतुराज द्विवेदी,रीवा/भोपाल। (राज्य ब्यूरो)  यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य रीवा के नेशनल हॉस्पिटल में इलाज कराने की सोच रहा है, तो ठहर जाइए! यह अस्पताल अब मरीजों की जिंदगी बचाने का ठिकाना नहीं, बल्कि 'मौत का जाल' बन चुका है। शनिवार देर रात इस अस्पताल की घोर लापरवाही और सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाने की वजह से एक बेकसूर मरीज को अपनी जान गंवानी पड़ी। अस्पताल में न तो लिफ्ट सुरक्षित है, न ही स्टाफ में इंसानियत बची है। इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले मासूम लोग यहाँ से कफन में लिपटकर बाहर निकल रहे हैं।

हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया

इलाज कराने आए मरीज की लिफ्ट हादसे में तड़प-तड़पकर मौत
घटना सतना जिले के अमरपाटन अंतर्गत लालपुर निवासी सुरेश सेन की है, जो पेड़ से गिरकर घायल होने के बाद बड़ी उम्मीदों के साथ रीवा के नेशनल हॉस्पिटल में भर्ती होने आए थे, परिजनों के मुताबिक, सुरेश सेन पेड़ से गिरने के कारण घायल हो गए थे। वे अमरपाटन के लालपुर से अपना इलाज कराने के लिए रीवा आए थे। उन्हें क्या पता था कि जिस अस्पताल में वे ठीक होने आ रहे हैं, वहीं उनकी जिंदगी का आखिरी दिन बन जाएगा।

अस्पताल की जर्जर और बिना मेंटेनेंस वाली खटारा लिफ्ट अचानक भरभराकर नीचे आ गिरी, परिजनों के मुताबिक जब लिफ्ट नीचे गिरी तो उन्होंने जाकर देखा तो सुरेश दम तोड़ चुके थे। लिफ्ट गिरते ही इतना खौफनाक धमाका हुआ कि पूरा अस्पताल दहल उठा,हादसे के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मृतक के परिजन सहित अन्य लोगों ने जमकर हंगामा किया। जब तक लोग मौके पर पहुंचे, तब तक गंभीर चोटों के कारण सुरेश सेन दम तोड़ चुके थे,परिजनों के मुताबिक जब लिफ्ट नीचे गिरी तो उन्होंने जाकर देखा तो सुरेश दम तोड़ चुके थे।

जिम्मेदार कर्मचारी गायब, खटारा लिफ्ट बनी काल
अस्पताल प्रबंधन की असंवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मरीज को अकेले लावारिसों की तरह लिफ्ट में छोड़ दिया गया था। जिस वक्त हादसा हुआ, उस वक्त अस्पताल का एक कर्मचारी उन्हें अकेले लिफ्ट में छोड़कर चला गया। अस्पताल के कर्मचारी की इस आपराधिक लापरवाही की वजह से यह बड़ा हादसा हुआ। जिस वक्त हादसा हुआ, उस वक्त अस्पताल का एक कर्मचारी उन्हें अकेले लिफ्ट में छोड़कर चला गया।

  • सुरक्षा मानकों की धज्जियां: अस्पताल में लगी लिफ्ट सालों पुरानी और खटारा हो चुकी है, जिसकी न तो कभी सर्विसिंग कराई गई और न ही सुरक्षा जांच।
  • इमरजेंसी सिस्टम फेल: हादसे के वक्त लिफ्ट में न तो कोई सुरक्षा सेंसर काम कर रहा था और न ही मरीज को बचाने का कोई इंतजाम था अब तक यह क्लियर नहीं हो सका कि लिफ्ट किस वजह से गिरी। लिफ्ट की नियमित जांच और मेंटेनेंस हुआ भी या नहीं। लिफ्ट में सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम मौजूद थे या नहीं।
  • प्रबंधन का अमानवीय रवैया: घटना के बाद अस्पताल का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी सामने आने की हिम्मत नहीं जुटा सका और प्रबंधन पूरी तरह खामोश बैठा रहा। फिलहाल मामले में अस्पताल प्रबंधन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

रोते-बिलखते परिजनों पर पुलिस का अत्याचार और मारपीट
अस्पताल की लापरवाही से अपनों को खो चुके परिजनों का जब सब्र टूटा और उन्होंने हंगामा किया। परिजनों और अस्पताल प्रबंधन के बीच विवाद की स्थिति बन गई। अस्पताल में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।, तो उन्हें न्याय मिलने के बजाय पुलिसिया बर्बरता का शिकार होना पड़ा।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधन को बचाने के लिए रोते-बिलखते परिजनों पर लाठियां भांजी, उनके साथ जमकर मारपीट की और उन्हें जमीन पर घसीटा। न्याय की गुहार लगा रहे पीड़ित परिवार को ही अपराधी की तरह प्रताड़ित किया गया और जबरन शव को संजय गांधी अस्पताल भिजवा दिया गया।

कभी आग, कभी गुंडागर्दी: नेशनल हॉस्पिटल का खौफनाक सच
नेशनल हॉस्पिटल कोई पहली बार सुर्खियों में नहीं आया है। यह अस्पताल लंबे समय से मरीजों की जान से खिलवाड़ करने का केंद्र बना हुआ है। हालांकि इसी अस्पताल से कुछ दिनों पहले आग लगने और स्टॉफ के द्वारा मारपीट का वीडियो भी सामने आया था।

  • अस्पताल में आग का खौफ: कुछ समय पहले ही इस अस्पताल में भीषण आग लग चुकी है, जिससे कई मरीजों की सांसें संकट में पड़ गई थीं, हालांकि इसी अस्पताल से कुछ दिनों पहले आग लगने और स्टॉफ के द्वारा मारपीट का वीडियो भी सामने आया था।
  • स्टाफ की गुंडागर्दी: अस्पताल का स्टाफ मरीजों और उनके परिजनों से आए दिन बदतमीजी और मारपीट करता है, हालांकि इसी अस्पताल से कुछ दिनों पहले आग लगने और स्टॉफ के द्वारा मारपीट का वीडियो भी सामने आया था। इसका वीडियो भी वायरल हो चुका है : हालांकि इसी अस्पताल से कुछ दिनों पहले आग लगने और स्टॉफ के द्वारा मारपीट का वीडियो भी सामने आया था।
  • सिर्फ पैसों का लालच: यहाँ मरीजों के इलाज से ज्यादा उनसे पैसे ऐंठने और उनके जीवन को जोखिम में डालने का काम होता है।

क्या आप भी अपनी जान जोखिम में डालकर जाएंगे इस अस्पताल?
रीवा नेशनल हॉस्पिटल की यह खौफनाक सच्चाई जानने के बाद कोई भी समझदार व्यक्ति यहाँ कदम रखने की भूल नहीं करेगा। जो अस्पताल अपने यहाँ आए मरीजों की सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकता, जहां कभी भी आग लग सकती है, हालांकि इसी अस्पताल से कुछ दिनों पहले आग लगने और स्टॉफ के द्वारा मारपीट का वीडियो भी सामने आया था।, जहां लिफ्ट गिरकर लोग मर रहे हैं, और जहां शिकायत करने पर पुलिस से पिटवाया जाता है, वहां जाना सीधे मौत को गले लगाने जैसा है!

अपनी और परिवार की जान प्यारी है तो इस अस्पताल से रहें दूर
क्या आप ऐसे अस्पताल में जाना चाहेंगे जहां कदम रखते ही आग लगने का डर हो,जहां खटारा लिफ्ट में गिरकर आपकी जान जा सकती हो? और जहां अपनों की मौत पर रोने पर भी पुलिस से पिटवाया जाता हो?
रीवा नेशनल हॉस्पिटल अब इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि मरीजों के लिए 'डेथ ट्रैप' बन चुका है। अपनी और अपनों की सलामती चाहते हैं तो इस घटिया और खतरनाक अस्पताल से हजार कदम दूर रहें!